Advertisement
Advertisement

भारतीय संविधान के 105 संशोधन – वर्षवार विवरण, सरकार और प्रमुख प्रावधान

Blog Image

भारतीय संविधान के 105 संशोधन – वर्षवार विवरण, सरकार और प्रमुख प्रावधान

भारतीय संविधान में अब तक हुए 105 संशोधनों का वर्षवार विस्तृत विवरण जानें। किस सरकार में कौन-सा संशोधन हुआ, प्रमुख प्रावधान, महत्वपूर्ण अनुच्छेद और परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु एक ही स्थान पर पढ़ें।

Contents:

Sanvidhan sansodhanon ki suchi, bhartiy sanvidhan ke sabhi mahatvapurn sansodhan, bhartiya sanvidhan me ab tak ke huye sabhi sansodhan, year wise list of amendment in Indian constitution, 106 sanvidhan sansodhan, ab tak kitane sanvidhan sansodhan huye hai? mahatvpurn sanvidhan sansodhan, sanvidhan sansodhan kaise hota hai? hame sanvidhan sansodhan ki kyo aavashyakta hai? भारतीय संविधान संशोधन, 105 संविधान संशोधन, संविधान संशोधन वर्षवार सूची, किस सरकार में कौन सा संशोधन हुआ, 42वां संशोधन, भारतीय संविधान में हुए कुल 106 संसोधन, संविधान संसोधन की सूची, भारतीय संविधान में कब-कब और कौन से बदलाव हुए, संविधान संसोधन की प्रकिया, संविधान संसोधन की सूची, भारतीय संविधान के सभी महत्वपूर्ण संसोधन

Category: Political Science : भारतीय संविधान में संसोधनCreated: 14 Mar 2026| Updated: 14 Mar 2026

भारतीय संविधान के सभी 105 संशोधन: वर्षवार विस्तृत एवं आकर्षक विवरण

भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है। यह एक जीवंत दस्तावेज़ है, जिसे देश की बदलती सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर संशोधित किया गया है। 26 जनवरी 1950 से लागू होने के बाद अब तक संविधान में 105 संशोधन किए जा चुके हैं (1951–2021 तक)। नीचे सभी संशोधनों का क्रमबद्ध, स्पष्ट एवं वर्णनात्मक विवरण प्रस्तुत है।


भारतीय संविधान में संशोधन: संख्या, प्रक्रिया और महत्व

भारतीय संविधान एक जीवंत और लचीला दस्तावेज़ है। बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार इसे समय-समय पर संशोधित किया जाता रहा है। यही कारण है कि संविधान स्थिर होने के साथ-साथ प्रगतिशील भी है।

प्रश्न: अब तक कितने संशोधन हो चुके हैं?

भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। तब से लेकर अब तक 100 से अधिक संशोधन पारित किए जा चुके हैं (हाल के वर्षों तक मार्च 2026 तक कुल संख्या 106 संसोधन हो चुकी है)। इन संशोधनों के माध्यम से संघ-राज्य संबंध, मौलिक अधिकार, आरक्षण व्यवस्था, कर प्रणाली, पंचायती राज, शिक्षा, सहकारिता, न्यायपालिका की संरचना आदि विषयों में परिवर्तन किए गए।

प्रश्न:  ताज़ा (हालिया) संशोधन कौन सा है?

हाल के वर्षों में प्रमुख संशोधनों में महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023) विशेष रूप से चर्चा में रहा। यह संविधान ,ए 106 वाँ संसोधन था, इसके माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया। यह संशोधन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

कुछ प्रमुख संशोधन और उनका महत्व

  1. 42वाँ संशोधन (1976)

    • इसे “मिनी संविधान” कहा जाता है।

    • प्रस्तावना में “समाजवादी” और “धर्मनिरपेक्ष” शब्द जोड़े गए।

    • मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया।

    • केंद्र सरकार की शक्तियों में वृद्धि हुई। 👉 यह संशोधन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने संविधान की मूल संरचना और विचारधारा को व्यापक रूप से प्रभावित किया।

  2. 44वाँ संशोधन (1978)

    • आपातकाल की शक्तियों को सीमित किया।

    • संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बनाया। 👉 लोकतांत्रिक संतुलन बहाल करने में इसकी बड़ी भूमिका रही।

  3. 73वाँ और 74वाँ संशोधन (1992)

    • पंचायत और नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया। 👉 इससे स्थानीय स्वशासन मजबूत हुआ।

  4. 86वाँ संशोधन (2002)

    • 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया। 👉 शिक्षा के अधिकार (RTE) की नींव यहीं से पड़ी।

  5. 101वाँ संशोधन (2016)

    • वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया। 👉 पूरे देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली स्थापित हुई।


संशोधन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

  • समाज और समय के अनुसार कानूनों को अद्यतन करने के लिए

  • लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने के लिए

  • नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को स्पष्ट करने के लिए

  • शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के लिए

संशोधन संविधान को कठोर और जड़ होने से बचाते हैं।


संविधान संशोधन की प्रक्रिया क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 368 में संशोधन की प्रक्रिया दी गई है। मुख्य रूप से तीन प्रकार की प्रक्रियाएँ होती हैं:

  1. साधारण बहुमत से संशोधन

    • संसद के साधारण विधेयक की तरह पारित।

    • उदाहरण: नागरिकता, संसद की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ विषय।

  2. विशेष बहुमत से संशोधन

    • संसद के दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत तथा कुल सदस्य संख्या के बहुमत से पारित।

    • अधिकांश संशोधन इसी प्रक्रिया से होते हैं।

  3. विशेष बहुमत + राज्यों की स्वीकृति

    • जब संघ-राज्य संबंध, राष्ट्रपति के चुनाव, न्यायपालिका आदि से जुड़े प्रावधान बदले जाते हैं, तब कम से कम आधे राज्यों की स्वीकृति भी आवश्यक होती है।

विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, लेकिन राष्ट्रपति की सहमति के बाद ही वह संविधान का हिस्सा बनता है।

संशोधन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 368)

संविधान संशोधन तीन प्रकार से होते हैं:

  1. साधारण बहुमत

  2. विशेष बहुमत

  3. विशेष बहुमत + आधे राज्यों की स्वीकृति

किस सरकार में कितने प्रमुख संशोधन?

सरकार प्रमुख संशोधन काल
नेहरू सरकार प्रारंभिक 1–17 संशोधन
इंदिरा गांधी 24–42 (सबसे प्रभावशाली काल)
जनता पार्टी 43–44
राजीव गांधी 52, 61
नरसिंह राव 73, 74
वाजपेयी 86, 91
नरेंद्र मोदी 101–105

संशोधन क्यों किए जाते हैं?

संविधान संशोधन का उद्देश्य होता है:

  • सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना

  • नई नीतियों को लागू करना

  • न्यायालय के निर्णयों के अनुसार बदलाव

  • केंद्र-राज्य संबंधों में सुधार

  • आरक्षण, चुनाव, न्यायपालिका, पंचायत, GST आदि जैसे मुद्दों पर परिवर्तन

  • जनता की जरूरतों को पुरा करने तथा निर्जीव पड़े कानून अथवा नीतियों में बदलाव के लिए 

🔹 प्रारंभिक काल (1951–1967): राष्ट्र निर्माण और भूमि सुधार

1वाँ (1951) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर युक्तिसंगत प्रतिबंध, भूमि सुधार कानूनों की सुरक्षा।

2वाँ (1952) – लोकसभा सदस्यों की संख्या का निर्धारण।

3वाँ (1954) – समवर्ती सूची में संशोधन।

4वाँ (1955) – संपत्ति अधिग्रहण संबंधी प्रावधान।

5वाँ (1955) – राज्य पुनर्गठन संबंधी प्रावधान।

6वाँ (1956) – कराधान संबंधी संशोधन।

7वाँ (1956) – राज्यों का पुनर्गठन (State Reorganisation)।

8वाँ (1960) – SC/ST आरक्षण अवधि विस्तार।

9वाँ (1960) – भारत-पाक समझौता (सीमा परिवर्तन)।

10वाँ (1961) – दादरा नगर हवेली का विलय।

11वाँ (1961) – उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया।

12वाँ (1962) – गोवा, दमन, दीव का विलय।

13वाँ (1962) – नागालैंड को विशेष दर्जा।

14वाँ (1962) – पांडिचेरी का विलय।

15वाँ (1963) – न्यायाधीशों की आयु वृद्धि।

16वाँ (1963) – राष्ट्रीय एकता हेतु प्रतिबंध।

17वाँ (1964) – भूमि सुधार संरक्षण।

18वाँ (1966) – राज्य पुनर्गठन प्रक्रिया स्पष्ट।

19वाँ (1966) – चुनाव याचिका संबंधी संशोधन।

20वाँ (1966) – न्यायिक नियुक्ति वैधता।

21वाँ (1967) – सिंधी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल।

22वाँ (1969) – असम में स्वायत्त राज्य व्यवस्था।

23वाँ (1969) – आरक्षण प्रावधान संशोधन।


🔹 इंदिरा गांधी काल (1971–1977): शक्तियों का केंद्रीकरण

24वाँ (1971) – संसद को संशोधन शक्ति स्पष्ट।

25वाँ (1971) – संपत्ति अधिकार सीमित।

26वाँ (1971) – प्रिवी पर्स समाप्त।

27वाँ (1971) – पूर्वोत्तर राज्यों का पुनर्गठन।

28वाँ–41वाँ – सेवा शर्तें, चुनाव, आपातकाल प्रावधान।

42वाँ (1976) – “मिनी संविधान” – समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़े, मौलिक कर्तव्य शामिल।


🔹 जनता सरकार व सुधार काल (1978–1989)

43वाँ–44वाँ (1978) – आपातकाल शक्तियाँ सीमित, संपत्ति अधिकार हटाया गया।

45वाँ–51वाँ – आरक्षण अवधि विस्तार, न्यायिक व प्रशासनिक सुधार।

52वाँ (1985) – दलबदल विरोधी कानून।

53वाँ–60वाँ – मिजोरम, अरुणाचल विशेष दर्जा, कराधान सुधार।

61वाँ (1989) – मतदान आयु 21 से 18 वर्ष।


🔹 उदारीकरण एवं विकेंद्रीकरण काल (1990–2003)

62वाँ–71वाँ – आरक्षण विस्तार, भाषाएँ जोड़ी गईं (कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली)।

73वाँ (1992) – पंचायत राज संवैधानिक दर्जा।

74वाँ (1992) – नगर निकाय संवैधानिक दर्जा।

75वाँ–85वाँ – पदोन्नति में आरक्षण, न्यायिक सुधार।

86वाँ (2002) – शिक्षा मौलिक अधिकार (6–14 वर्ष)।

87वाँ–91वाँ – परिसीमन, मंत्रिपरिषद आकार सीमा।


🔹 UPA काल (2004–2014)

92वाँ – चार नई भाषाएँ (बोडो, डोगरी आदि)।

93वाँ (2005) – OBC आरक्षण (शैक्षणिक संस्थान)।

94वाँ–95वाँ – आरक्षण विस्तार।

96वाँ (2011) – Orissa → Odisha।

97वाँ – सहकारी समितियों को दर्जा।

98वाँ – कर्नाटक विशेष दर्जा।

99वाँ (2014) – NJAC (बाद में निरस्त)।


🔹 NDA काल (2014–2021)

100वाँ – भारत-बांग्लादेश भूमि समझौता।

101वाँ (2016) – GST लागू।

102वाँ – राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संवैधानिक दर्जा।

103वाँ (2019) – EWS 10% आरक्षण।

104वाँ – SC/ST आरक्षण अवधि विस्तार।

105वाँ (2021) – राज्यों को OBC सूची निर्धारण अधिकार।


🔑 मुख्य बिंदु (Key Points)

  • कुल संशोधन: 105 (1951–2021)
  • सबसे व्यापक संशोधन: 42वाँ (1976)
  • महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार: 101वाँ (GST)
  • शिक्षा मौलिक अधिकार: 86वाँ
  • स्थानीय स्वशासन: 73वाँ और 74वाँ
  • EWS आरक्षण: 103वाँ

You may like to read it!

Download useful study material and important PDFs for better exam preparation.

UPSC की तैयारी में सहायक - महत्वपूर्ण नोट्स || सीबीएसई परीक्षा में उपयोगी 100% इससे सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है | 

भारतीय संविधान में हुए अब तक के सभी संसोधनो की सूची पीडीऍफ़ में लिंक नीचे हैं ! अभी Download करें Free ! 
Free Download PDF Here →

📌 निष्कर्ष

भारतीय संविधान एक गतिशील दस्तावेज़ है, जो देश की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार निरंतर विकसित हुआ है। भूमि सुधार से लेकर GST और EWS आरक्षण तक, प्रत्येक संशोधन ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संविधान संशोधन प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) यह सुनिश्चित करती है कि संविधान स्थिर भी रहे और समयानुकूल भी।

इस प्रकार, 105 संशोधनों की यह यात्रा भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और विकास की कहानी प्रस्तुत करती है।

Latest Blog Posts

Class 9 New NCERT Solutions 2026 (New Syllabus & New Books) All books

Class 9 New NCERT Solutions 2026 (New Syllabus & New Books) All books

Get the latest Class 9 NCERT Solutions based on the new syllabus and updated books including Ganit Manjari, Exploration, Kaveri, and Ganga. Find chapter-wise solutions, question answers, MCQs, extra questions, summaries, and easy explanations for Maths, Science, English, and Hindi in one place.

Read More →
भारत का सर्वोच्च न्यायालय – संरचना, शक्तियाँ, अधिकार क्षेत्र और ऐतिहासिक निर्णय | UPSC Notes

भारत का सर्वोच्च न्यायालय – संरचना, शक्तियाँ, अधिकार क्षेत्र और ऐतिहासिक निर्णय | UPSC Notes

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की संरचना, शक्तियाँ, अधिकार क्षेत्र, न्यायाधीशों की नियुक्ति, न्यायिक समीक्षा, PIL और महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तृत जानकारी। UPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण नोट्स।

Read More →
भारतीय संविधान के 105 संशोधन – वर्षवार विवरण, सरकार और प्रमुख प्रावधान

भारतीय संविधान के 105 संशोधन – वर्षवार विवरण, सरकार और प्रमुख प्रावधान

भारतीय संविधान में अब तक हुए 105 संशोधनों का वर्षवार विस्तृत विवरण जानें। किस सरकार में कौन-सा संशोधन हुआ, प्रमुख प्रावधान, महत्वपूर्ण अनुच्छेद और परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु एक ही स्थान पर पढ़ें।

Read More →
NCERT Notes vs NCERT Solutions : The Best Way of Study for Students

NCERT Notes vs NCERT Solutions : The Best Way of Study for Students

In the world of school education, NCERT books play a very important role for students studying in CBSE and many other state boards. These textbooks are designed by experts and contain concept-based learning that helps students build a strong academic foundation.

Read More →
Modern English Grammar: Extraordinary & Confusing Uses of Modal Verbs Explained

Modern English Grammar: Extraordinary & Confusing Uses of Modal Verbs Explained

This article explains the extraordinary and confusing uses of modal verbs in modern English grammar.

Read More →
अर्थ के आधार पर वाक्य भेद – परिभाषा, प्रकार और उदाहरण सहित विस्तृत विवरण

अर्थ के आधार पर वाक्य भेद – परिभाषा, प्रकार और उदाहरण सहित विस्तृत विवरण

अर्थ के आधार पर वाक्य भेद की परिभाषा, पाँचों प्रकार – विधानवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक और विस्मयवाचक वाक्य उदाहरण सहित विस्तार से पढ़ें। परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स।

Read More →

Feed List Latest Posts:

Class 9 NCERT Solutions for New Syllabus 2026 – Ganit Manjari, Exploration, Kaveri & Ganga

Class 9 New NCERT Solutions 2026 (New Syllabus & New Books) All books

Get the latest Class 9 NCERT Solutions based on the new syllabus and updated books including Ganit Manjari, Exploration, Kaveri, and Ganga. Find chapter-wise solutions, question answers, MCQs, extra questions, summaries, and easy explanations for Maths, Science, English, and Hindi in one place.

Supreme Court of India – Complete Guide for UPSC

भारत का सर्वोच्च न्यायालय – संरचना, शक्तियाँ, अधिकार क्षेत्र और ऐतिहासिक निर्णय | UPSC Notes

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की संरचना, शक्तियाँ, अधिकार क्षेत्र, न्यायाधीशों की नियुक्ति, न्यायिक समीक्षा, PIL और महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तृत जानकारी। UPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण नोट्स।

भारतीय-संविधान-105-संशोधन-वर्षवार

भारतीय संविधान के 105 संशोधन – वर्षवार विवरण, सरकार और प्रमुख प्रावधान

भारतीय संविधान में अब तक हुए 105 संशोधनों का वर्षवार विस्तृत विवरण जानें। किस सरकार में कौन-सा संशोधन हुआ, प्रमुख प्रावधान, महत्वपूर्ण अनुच्छेद और परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु एक ही स्थान पर पढ़ें।

NCERT Notes vs NCERT Solutions

NCERT Notes vs NCERT Solutions : The Best Way of Study for Students

In the world of school education, NCERT books play a very important role for students studying in CBSE and many other state boards. These textbooks are designed by experts and contain concept-based learning that helps students build a strong academic foundation.

Hidden Power of Modal Verbs: Modern Grammar Explained with Examples

Modern English Grammar: Extraordinary & Confusing Uses of Modal Verbs Explained

This article explains the extraordinary and confusing uses of modal verbs in modern English grammar.

अर्थ के आधार पर वाक्य भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य भेद – परिभाषा, प्रकार और उदाहरण सहित विस्तृत विवरण

अर्थ के आधार पर वाक्य भेद की परिभाषा, पाँचों प्रकार – विधानवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक और विस्मयवाचक वाक्य उदाहरण सहित विस्तार से पढ़ें। परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स।

समास – परिभाषा, भेद और उदाहरण सहित संपूर्ण अध्ययन

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण और समास विग्रह | Hindi Grammar Complete Guide

समास की परिभाषा, समास के भेद, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्वंद्व, बहुव्रीहि, द्विगु और अव्ययीभाव समास उदाहरण सहित विस्तार से पढ़ें। कक्षा 6 से 10 और बोर्ड परीक्षा हेतु संपूर्ण हिंदी व्याकरण नोट्स।

अलंकार Alankar की परिभाषा भेद और सैकड़ों उदाहरण और तुलनात्मक अध्ययन

अलंकार (Alankar) – परिभाषा, भेद, प्रकार और उदाहरण सहित विस्तृत व्याख्या

अलंकार की परिभाषा, भेद, 50+ प्रकार और 500+ उदाहरण सहित संपूर्ण जानकारी। हिंदी व्याकरण नोट्स, तुलना, MCQ और परीक्षा सामग्री।

भारत में बेहतरीन टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स — 2025 में क्यों ज़रूरी और कैसे चुनें

भारत में बेहतरीन टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स — 2025 में क्यों ज़रूरी और कैसे चुनें

2025 में भारत के लिए टॉप टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान्स की पूरी गाइड — कवरेज, प्रीमियम, बेनिफिट्स और सही प्लान चुनने के आसान सुझाव। पढ़ें और समझें क्या आपके लिए बेहतर है।

OpenAI की शानदार पेशकश: भारतीय उपयोगकर्ताओं को मिलेगा ChatGPT का फ्री एक्सेस पूरे 1 साल तक

OpenAI ने भारत के लिए दी बड़ी खुशखबरी — अब ChatGPT 12 महीने तक बिल्कुल मुफ्त!

OpenAI ने भारत में ChatGPT Go (GPT-4 Turbo) को 12 महीने के लिए मुफ्त करने की घोषणा की है। अब भारतीय उपयोगकर्ता बिना किसी शुल्क के ChatGPT की प्रीमियम क्षमताओं जैसे वेब ब्राउज़िंग, इमेज जेनरेशन और फाइल अपलोड फीचर का उपयोग कर सकेंगे। जानें पूरी जानकारी।

Comments for Post
Use the form to add comment or reply. Edit/Delete allowed.
Comments moderated & sanitized.
[AdSense Ad Space 728x90]

Quick Access: NCERT Solutions | CBSE Notes | Sample Papers | Previous Year Papers

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials