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Chapter-जनन: जीवन की निरंतरता Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 15, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-जनन: जीवन की निरंतरता Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 15 August 2026

जनन: जीवन की निरंतरता

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शल्य-चिकित्सा द्वारा गर्भनिरोध

अध्याय 11. जनन — जीवन की निरंतरता

जनन स्वास्थ्य में केवल जनन की प्रक्रिया को समझना ही नहीं, बल्कि अनियोजित गर्भावस्था से बचाव, सुरक्षित और जिम्मेदार निर्णय, मातृ स्वास्थ्य तथा समाज में समानता और जागरूकता बनाए रखना भी शामिल है।

शल्य-चिकित्सा द्वारा गर्भनिरोध

परिभाषा: शल्य-चिकित्सा द्वारा जनन मार्ग की ऐसी नलिकाओं को अवरुद्ध करना, जिससे शुक्राणु और अंडाणु का संलयन न हो सके, शल्य-चिकित्सीय गर्भनिरोध कहलाता है।

अनियोजित गर्भावस्था को रोकने के लिए पुरुषों में शुक्रवाहिनी और महिलाओं में डिंबवाहिनी को अवरुद्ध किया जा सकता है। इससे शुक्राणु और अंडाणु के मिलने की संभावना समाप्त या बहुत कम हो जाती है। 

पुरुषों में

पुरुषों में शुक्रवाहिनी को अवरुद्ध किया जाता है, जिससे शुक्राणु आगे नहीं पहुँच पाते।

महिलाओं में

महिलाओं में डिंबवाहिनी को अवरुद्ध किया जाता है, जिससे अंडाणु और शुक्राणु के मिलने की संभावना नहीं रहती।

गर्भपात

परिभाषा: गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को चिकित्सकीय या शल्य प्रक्रिया द्वारा गर्भाशय से हटाने की प्रक्रिया को गर्भपात कहा जाता है।

अध्याय के अनुसार, अनियोजित गर्भावस्था के कुछ मामलों में गर्भावस्था के पहले त्रिमास में, जब भ्रूण बहुत छोटा होता है, उसे शल्य क्रिया द्वारा हटाया जा सकता है। 

लिंग चयन और सामाजिक जिम्मेदारी

परिभाषा: संतान के किसी विशेष लिंग को प्राथमिकता देकर गर्भावस्था या जन्म से संबंधित निर्णय लेना लिंग चयन कहलाता है।

किसी विशेष लिंग को प्राथमिकता देने के कारण किया गया स्वैच्छिक गर्भपात समाज में लिंगानुपात का असंतुलन पैदा कर सकता है। इसलिए समाज में लड़के और लड़कियों को समान महत्त्व देना आवश्यक है। 

प्रसव-पूर्व लिंग निर्धारण

भारत में प्रसव-पूर्व लिंग निर्धारण कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। इसका उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव और असंतुलन को रोकना है। 

जनन स्वास्थ्य और जिम्मेदार निर्णय

किशोरावस्था में शरीर जनन के योग्य हो सकता है, लेकिन भावनात्मक और सामाजिक परिपक्वता विकसित होने में अधिक समय लगता है। इसलिए जनन और यौन स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय विवेकपूर्ण तथा जिम्मेदारी से लेना आवश्यक है।

  • अनियोजित गर्भावस्था से बचाव के लिए उचित गर्भनिरोधक विधियों की जानकारी आवश्यक है।
  • यौन संचारित संक्रमणों से बचाव के लिए सुरक्षित व्यवहार आवश्यक है।
  • जनन स्वास्थ्य के विषय में सही और वैज्ञानिक जानकारी महत्वपूर्ण है।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उचित स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लेनी चाहिए।

मासिक धर्म स्वच्छता

परिभाषा: मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित मासिक धर्म उत्पादों के उपयोग और उनके उचित निपटान से संबंधित सावधानियों को मासिक धर्म स्वच्छता कहा जाता है।

  • मासिक धर्म के लिए उपयुक्त उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।
  • जननांग क्षेत्र की नियमित सफाई करनी चाहिए।
  • मासिक धर्म उत्पाद बदलने से पहले और बाद में हाथ धोने चाहिए।
  • प्रयुक्त उत्पादों का उचित तरीके से निपटान करना चाहिए।
  • पुनः उपयोग किए जाने वाले उत्पादों को अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सुखाकर ही दोबारा उपयोग करना चाहिए।
  • सैनिटरी पैड को सामान्यतः 4–6 घंटे में या अधिक रक्तस्राव होने पर उससे पहले बदलना चाहिए। 

माँ और शिशु का स्वास्थ्य

गर्भावस्था के दौरान माँ का स्वास्थ्य शिशु के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। माँ को संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन और खनिज प्राप्त करने चाहिए। नियमित चिकित्सकीय जाँच, पर्याप्त विश्राम और चिकित्सक की सलाह के अनुसार हल्का व्यायाम उपयोगी है। 

जन्म के बाद शिशु की देखभाल

  • माँ का दूध शिशु को आवश्यक पोषण और अनेक रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • नवजात शिशु के शरीर का तापमान उचित रखना आवश्यक है।
  • शिशु का समय पर टीकाकरण कराया जाना चाहिए।
  • माँ के स्वास्थ्य और पोषण का भी ध्यान रखना आवश्यक है। 

आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका

परिभाषा: आशा (ASHA) कार्यकर्ता समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रशिक्षित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता होती हैं।

विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता स्वच्छता, टीकाकरण, परिवार नियोजन, मातृ देखभाल, सुरक्षित प्रसव और गर्भनिरोधक विधियों के संबंध में लोगों को जागरूक करती हैं। 

परिभाषा: शिशु के जन्म के बाद कुछ माताओं में होने वाली बेचैनी, उदासी और थकान की स्थिति को प्रसव पश्चात अवसाद कहा जाता है।

यह एक मान्य स्वास्थ्य स्थिति है और इसका उपचार संभव है। यदि माँ लंबे समय तक उदासी या बेचैनी महसूस करे, तो डॉक्टर, नर्स या आशा कार्यकर्ता जैसे स्वास्थ्यकर्मी से सहायता लेनी चाहिए। 

जनन और समाज

जनन केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है। इससे जुड़े स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक समानता और जिम्मेदार निर्णय भी महत्वपूर्ण हैं। वैज्ञानिक जानकारी और सही स्वास्थ्य सेवाएँ व्यक्ति तथा समाज दोनों के लिए लाभदायक होती हैं।

भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान

अध्याय में केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित गैर-स्टेरॉयड और गैर-हार्मोनल, मुँह से ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोली का उल्लेख किया गया है। यह सप्ताह में एक बार ली जाने वाली गोली के रूप में वर्णित है और राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। 

Concept Builder

शुक्रवाहिनी को अवरुद्ध करना → शुक्राणु का मार्ग रोकना → निषेचन रोकना

डिंबवाहिनी को अवरुद्ध करना → अंडाणु और शुक्राणु का मिलन रोकना → गर्भधारण रोकना

मासिक धर्म → गर्भाशय की परत का निष्कासन

गर्भावस्था → भ्रूण का विकास → शिशु का जन्म

जनन स्वास्थ्य → वैज्ञानिक जानकारी + स्वच्छता + सुरक्षित व्यवहार + जिम्मेदार निर्णय

Exam Booster

  • शल्य-चिकित्सीय गर्भनिरोध क्या है? — जनन मार्ग की नलिकाओं को अवरुद्ध करके निषेचन रोकने की विधि।
  • पुरुषों में किस नली को अवरुद्ध किया जाता है? — शुक्रवाहिनी।
  • महिलाओं में किस नली को अवरुद्ध किया जाता है? — डिंबवाहिनी।
  • गर्भपात क्या है? — गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को चिकित्सकीय या शल्य प्रक्रिया द्वारा हटाना।
  • प्रसव-पूर्व लिंग निर्धारण भारत में कैसा है? — कानूनी रूप से प्रतिबंधित।
  • मासिक धर्म के समय हाथ धोना क्यों आवश्यक है? — स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए।
  • गर्भावस्था के दौरान माँ के स्वास्थ्य के लिए क्या आवश्यक है? — संतुलित पोषण, नियमित चिकित्सकीय जाँच, पर्याप्त विश्राम और चिकित्सकीय सलाह का पालन।
  • आशा कार्यकर्ता की एक प्रमुख भूमिका लिखिए। — मातृ देखभाल, सुरक्षित प्रसव, परिवार नियोजन और स्वास्थ्य जागरूकता में सहायता करना।
  • प्रसव पश्चात अवसाद क्या है? — शिशु के जन्म के बाद कुछ माताओं में होने वाली बेचैनी, उदासी और थकान की स्वास्थ्य स्थिति।
  • जनन स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक जानकारी क्यों आवश्यक है? — इससे व्यक्ति सुरक्षित और जिम्मेदार स्वास्थ्य संबंधी निर्णय ले सकता है।
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