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Chapter-मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 4, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 04 August 2026

मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण

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विलयन, विलेय, विलायक एवं सांद्रता

अध्याय 5. मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण

सभी समांगी मिश्रण विलयन (Solution) कहलाते हैं। किसी भी विलयन के दो मुख्य घटक होते हैं—विलेय (Solute) और विलायक (Solvent)। इन दोनों की मात्रा के आधार पर विलयन की सांद्रता (Concentration), विलेयता (Solubility) तथा संतृप्त विलयन (Saturated Solution) जैसी अवधारणाएँ समझी जाती हैं। 

विलयन, विलेय, विलायक एवं सांद्रता

विलयन (Solution)

विलयन (Solution) दो या दो से अधिक पदार्थों से बना एक समांगी मिश्रण है, जिसमें एक पदार्थ दूसरे पदार्थ में समान रूप से घुल जाता है।

  • विलयन सदैव समांगी मिश्रण होता है।
  • इसके सभी भागों का संघटन समान होता है।
  • विलयन पारदर्शी (Transparent) हो सकता है।
  • इसके घटकों को सामान्यतः आँखों से अलग नहीं देखा जा सकता।

विलेय (Solute)

विलेय (Solute) वह पदार्थ है जो विलायक में घुल जाता है। इसकी मात्रा सामान्यतः विलायक से कम होती है। 

  • विलायक में घुलने वाला पदार्थ।
  • ठोस, द्रव या गैस हो सकता है।
  • उदाहरण – नमक, चीनी, कॉपर सल्फेट।

विलायक (Solvent)

विलायक (Solvent) वह पदार्थ है जिसमें विलेय घुलता है। इसकी मात्रा सामान्यतः अधिक होती है। जल सबसे सामान्य विलायक है। 

  • विलेय को घोलने का कार्य करता है।
  • द्रव, ठोस अथवा गैस भी हो सकता है।
  • जल (Water) सार्वत्रिक विलायक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

विलयन के घटक

घटक कार्य उदाहरण
विलेय (Solute) घुलने वाला पदार्थ नमक, चीनी
विलायक (Solvent) घोलने वाला पदार्थ जल
विलयन (Solution) विलेय एवं विलायक का समांगी मिश्रण नमक का घोल

सांद्रता (Concentration)

सांद्रता (Concentration) किसी निश्चित मात्रा के विलयन या विलायक में उपस्थित विलेय की मात्रा को दर्शाती है। विलेय की मात्रा बढ़ने पर विलयन अधिक सांद्र तथा कम होने पर तनु (Dilute) कहलाता है। 

  • विलेय की मात्रा बढ़ने पर सांद्रता बढ़ती है।
  • विलायक की मात्रा बढ़ाने पर सांद्रता घटती है।
  • सांद्रता की तुलना विभिन्न विलयनों के बीच की जा सकती है।
  • रसायन विज्ञान एवं उद्योगों में इसका विशेष महत्व है।

तनु एवं सांद्र विलयन

तनु विलयन (Dilute Solution) सांद्र विलयन (Concentrated Solution)
विलेय की मात्रा कम होती है। विलेय की मात्रा अधिक होती है।
सांद्रता कम होती है। सांद्रता अधिक होती है।
उदाहरण – कम चीनी वाला शरबत। उदाहरण – अधिक चीनी वाला शरबत।

विलयन के दैनिक जीवन में उपयोग

  • ORS घोल तैयार करने में।
  • शरबत एवं पेय पदार्थ बनाने में।
  • दवाइयों के निर्माण में।
  • प्रयोगशालाओं में रासायनिक विलयन तैयार करने में।

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यदि एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी मिलाई जाए, तो विलयन तनु होगा। यदि उसी गिलास में पाँच चम्मच चीनी घोल दी जाए, तो वह अधिक सांद्र हो जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि सांद्रता विलेय की मात्रा पर निर्भर करती है।

Exam Booster

  • विलयन एक समांगी मिश्रण होता है।
  • विलेय घुलने वाला तथा विलायक घोलने वाला पदार्थ होता है।
  • जल सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला विलायक है।
  • सांद्रता विलेय की मात्रा को व्यक्त करती है।
  • तनु एवं सांद्र विलयन का अंतर परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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