ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement
Advertisement

Chapter-क्रियाशील ऊतक Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 4, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-क्रियाशील ऊतक Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 04 August 2026

क्रियाशील ऊतक

Page 4 of 7

स्थायी ऊतक एवं पादप ऊतक

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

पौधों में विभेदन (Differentiation) के बाद बनने वाले स्थायी ऊतक (Permanent Tissues) विशेष कार्य करने के लिए अनुकूलित होते हैं। ये ऊतक पौधों को सुरक्षा, सहारा, लचीलापन, भोजन का भंडारण तथा जल एवं भोजन के परिवहन में सहायता करते हैं। स्थायी ऊतक मुख्य रूप से सरल (Simple) तथा जटिल (Complex) ऊतकों में विभाजित किए जाते हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0}

स्थायी ऊतक एवं पादप ऊतक

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) वे ऊतक हैं जिनकी कोशिकाएँ विभाजन करना छोड़ देती हैं और किसी विशेष कार्य के लिए विशेषीकृत हो जाती हैं।

  • इनकी कोशिकाएँ विभाजित नहीं होतीं।
  • विशिष्ट कार्य करने के लिए अनुकूलित होती हैं।
  • सुरक्षा, सहारा, भंडारण एवं परिवहन जैसे कार्य करती हैं।

स्थायी ऊतकों के प्रकार

प्रकार मुख्य कार्य
सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue) सहारा, भंडारण एवं प्रकाश संश्लेषण।
जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन।

बाह्यत्वचा (Epidermis)

बाह्यत्वचा (Epidermis) पौधे का सबसे बाहरी सुरक्षात्मक ऊतक है। यह पौधे को जल की हानि, सूक्ष्मजीवों तथा बाहरी क्षति से बचाती है। इसकी बाहरी मोमी परत को उपत्चचा (Cuticle) कहा जाता है, जो वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) द्वारा होने वाली जल हानि को कम करती है। :contentReference[oaicite:1]{index=1}

  • पौधे की बाहरी सुरक्षा करती है।
  • जल की हानि कम करती है।
  • रंध्र (Stomata) गैसीय विनिमय एवं वाष्पोत्सर्जन में सहायता करते हैं।
  • मूलरोम (Root Hair) जल एवं खनिजों का अवशोषण बढ़ाते हैं।

सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissues)

सरल स्थायी ऊतक केवल एक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं। ये मुख्य रूप से सहारा, भंडारण एवं पौधों को लचीलापन प्रदान करते हैं। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

ऊतक मुख्य कार्य
मृदूतक (Parenchyma) भोजन का भंडारण एवं प्रकाश संश्लेषण।
श्लेषोतक (Collenchyma) लचीलापन एवं सहारा प्रदान करना।
दृढ़ोतक (Sclerenchyma) मजबूती एवं कठोरता प्रदान करना।

मृदूतक (Parenchyma)

  • सजीव कोशिकाओं से बना होता है।
  • भोजन एवं जल का भंडारण करता है।
  • हरे भागों में प्रकाश संश्लेषण करता है।
  • जलीय पौधों में वायु गुहिकाएँ बनाकर तैरने में सहायता करता है।

श्लेषोतक (Collenchyma)

  • सजीव कोशिकाओं से बना होता है।
  • कोशिका भित्ति असमान रूप से मोटी होती है।
  • पौधों को लचीलापन प्रदान करता है।
  • नई शाखाओं एवं पत्तियों को सहारा देता है।

दृढ़ोतक (Sclerenchyma)

  • अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं।
  • भित्तियाँ लिग्निन (Lignin) के कारण मोटी होती हैं।
  • पौधों को मजबूती एवं कठोरता प्रदान करता है।
  • नारियल के रेशे एवं अखरोट के छिलके इसके उदाहरण हैं।

जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)

जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। इनका मुख्य कार्य जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन करना है। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं— जाइलम (Xylem) एवं फ्लोएम (Phloem)। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

जाइलम (Xylem) फ्लोएम (Phloem)
जड़ों से जल एवं खनिजों का परिवहन करता है। पत्तियों में बने भोजन का परिवहन करता है।
पौधे को मजबूती भी प्रदान करता है। भोजन को सभी भागों तक पहुँचाता है।
अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं। अधिकांश कोशिकाएँ सजीव होती हैं।

पादप ऊतक तंत्र (Plant Tissue System)

ऊतक तंत्र मुख्य कार्य
त्वचीय ऊतक तंत्र (Dermal Tissue System) सुरक्षा एवं जल की हानि कम करना।
भरण ऊतक तंत्र (Ground Tissue System) भंडारण, सहारा एवं प्रकाश संश्लेषण।
संवहन ऊतक तंत्र (Vascular Tissue System) जल, खनिज एवं भोजन का परिवहन।

Our Concept Builder

किसी शहर में सड़कें, गोदाम और सुरक्षा व्यवस्था अलग-अलग कार्य करती हैं। इसी प्रकार पौधों में भी अलग-अलग ऊतक विशेष कार्य करते हैं। मृदूतक भोजन का भंडारण करता है, श्लेषोतक लचीलापन देता है, दृढ़ोतक मजबूती प्रदान करता है, जबकि जाइलम और फ्लोएम पूरे पौधे में आवश्यक पदार्थों का परिवहन करते हैं।

Exam Booster

  • बाह्यत्वचा (Epidermis) पौधे का सुरक्षात्मक ऊतक है।
  • मृदूतक, श्लेषोतक एवं दृढ़ोतक सरल स्थायी ऊतक हैं।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का तथा फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक कहलाते हैं।
  • त्वचीय, भरण एवं संवहन ऊतक तंत्र परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Page 4 of 7

Class 9, all subjects CBSE Notes in hindi medium, cbse class 9 Science Exploration notes, class 9 Science Exploration notes hindi medium, cbse 9 Science Exploration cbse notes, class 9 Science Exploration revision notes, cbse class 9 Science Exploration study material, ncert class 9 science notes pdf, class 9 science exam preparation, cbse class 9 physics chemistry biology notes

Quick Access: | NCERT Solutions | New Syllabus

Quick Access: | CBSE Notes | New Syllabus

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।