Chapter-हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes
CBSE Class 6 Social Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.
हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
आर्थिक गतिविधियाँ
अध्याय 14. हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
इस भाग में आर्थिक गतिविधियों के वर्गीकरण और प्राथमिक तथा द्वितीयक क्षेत्रकों की प्रमुख विशेषताओं को समझेंगे।
आर्थिक गतिविधियाँ
- आर्थिक गतिविधियाँ वे गतिविधियाँ हैं जिनमें मौद्रिक मूल्य का अर्जन होता है।
- समय के साथ लोगों की आजीविका से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के प्रकार बढ़े हैं।
- पहले कृषि, पशुपालन, औजार बनाना, मिट्टी के बर्तन और कपड़े बनाना जैसी गतिविधियाँ प्रमुख थीं।
- आज कंप्यूटर, मोबाइल फोन और ड्रोन का निर्माण, बैंकिंग, विद्यालय, होटल, परिवहन, फर्नीचर निर्माण, सॉफ्टवेयर निर्माण और मशीनों की मरम्मत जैसी अनेक गतिविधियाँ होती हैं।
आर्थिक क्षेत्रक
आर्थिक क्षेत्रक समान विशेषताओं वाली आर्थिक गतिविधियों का व्यापक समूह है।
आर्थिक गतिविधियों को मुख्यतः तीन क्षेत्रकों में बाँटा जाता है:
| क्षेत्रक | मुख्य आधार |
|---|---|
| प्राथमिक क्षेत्रक | प्रकृति से सीधे कच्चा माल प्राप्त करना |
| द्वितीयक क्षेत्रक | कच्चे माल को अन्य वस्तुओं में बदलना |
| तृतीयक क्षेत्रक | अन्य क्षेत्रकों को सेवाएँ प्रदान करना |
प्राथमिक गतिविधियाँ
प्राथमिक गतिविधियाँ वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जिनमें लोग वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति पर निर्भर रहते हैं।
मुख्य उदाहरण:
- कृषि
- खनन
- मछली पकड़ना
- पशुपालन
- वानिकी
- कुक्कुट पालन
- ग्रीनहाउस कृषि
प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता
- प्राथमिक क्षेत्रक में प्रकृति से सीधे संसाधन प्राप्त किए जाते हैं।
- कृषि में भूमि और जल जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है।
- वानिकी में जंगलों से लकड़ी प्राप्त की जाती है।
- खनन में पृथ्वी से खनिज निकाले जाते हैं।
- मत्स्य पालन में जल स्रोतों से मछलियाँ प्राप्त की जाती हैं।
- पशुपालन से दूध आदि प्राप्त किए जाते हैं।
प्राथमिक क्षेत्रक के प्रमुख उदाहरण
| गतिविधि | प्राप्त होने वाली वस्तु |
|---|---|
| कृषि | अनाज और सब्जियाँ |
| वानिकी | लकड़ी |
| खनन | कोयला आदि |
| मत्स्य पालन | मछलियाँ |
| कुक्कुट पालन | अंडे |
| पशुपालन | दूध आदि |
प्राथमिक क्षेत्रक की गतिविधियों के प्रकार
- कृषि: अनाज और सब्जियों की खेती।
- ग्रीनहाउस कृषि: नियंत्रित वातावरण में कृषि करना।
- खनन: खदानों से खनिज और अन्य संसाधन निकालना।
- मत्स्य पालन: मछलियों का पालन या पकड़ना।
- वानिकी: वन संसाधनों से संबंधित गतिविधियाँ।
- पशुपालन: पशुओं से संबंधित उत्पादन गतिविधियाँ।
द्वितीयक गतिविधियाँ
द्वितीयक गतिविधियाँ वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जिनमें प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्ची सामग्री को रूपांतरित करके अन्य वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है।
- इस क्षेत्रक में कच्चे माल को उपयोगी उत्पादों में बदला जाता है।
- विनिर्माण द्वितीयक क्षेत्रक की प्रमुख गतिविधि है।
- भवनों और सड़कों का निर्माण भी इसमें शामिल है।
- पानी, बिजली और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी द्वितीयक क्षेत्रक में शामिल है।
कच्चे माल का रूपांतरण
| कच्चा माल | रूपांतरित उत्पाद |
|---|---|
| अनाज | आटा |
| मूँगफली | तेल |
| चाय की पत्तियाँ | चाय |
| लकड़ी | फर्नीचर और कागज |
| कपास | कपड़ा |
| लौह अयस्क | इस्पात |
द्वितीयक क्षेत्रक के प्रमुख कार्य
- कच्चे माल का प्रसंस्करण करना।
- कच्चे माल से नए उत्पाद तैयार करना।
- विभिन्न वस्तुओं का विनिर्माण करना।
- भवनों और सड़कों का निर्माण करना।
- पानी, बिजली और गैस जैसी आवश्यक वस्तुएँ प्रदान करना।
प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक में अंतर
| प्राथमिक क्षेत्रक | द्वितीयक क्षेत्रक |
|---|---|
| प्रकृति से सीधे कच्चा माल प्राप्त करता है। | कच्चे माल को अन्य वस्तुओं में बदलता है। |
| प्राकृतिक संसाधनों पर प्रत्यक्ष निर्भरता होती है। | प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्चे माल पर आधारित होता है। |
| कृषि, खनन, मत्स्य पालन आदि इसके उदाहरण हैं। | विनिर्माण और निर्माण इसके उदाहरण हैं। |
प्रमुख शब्द
- मौद्रिक मूल्य: किसी वस्तु के मूल्य को मुद्रा के रूप में मापना।
- आर्थिक क्षेत्रक: समान विशेषताओं वाली आर्थिक गतिविधियों का व्यापक समूह।
- प्राथमिक क्षेत्रक: प्रकृति से सीधे कच्चा माल प्राप्त करने वाली गतिविधियों का समूह।
- द्वितीयक क्षेत्रक: कच्चे माल को अन्य उत्पादों में बदलने वाली गतिविधियों का समूह।
- कच्चा माल: वह सामग्री जिसका उपयोग अन्य वस्तुएँ बनाने में किया जाता है।
- प्रसंस्करण: कच्चे माल को उपयोगी या तैयार उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया।
Exam Booster
- आर्थिक गतिविधियों के तीन मुख्य क्षेत्रक हैं—प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक।
- प्राथमिक क्षेत्रक का आधार प्रकृति और प्राकृतिक संसाधन हैं।
- कृषि, खनन, मत्स्य पालन, पशुपालन और वानिकी प्राथमिक क्षेत्रक के उदाहरण हैं।
- द्वितीयक क्षेत्रक में कच्चे माल का रूपांतरण होता है।
- अनाज से आटा बनाना द्वितीयक गतिविधि है।
- मूँगफली से तेल निकालना द्वितीयक गतिविधि है।
- लकड़ी से फर्नीचर बनाना द्वितीयक गतिविधि है।
- कपास से कपड़ा बनाना द्वितीयक गतिविधि है।
- लौह अयस्क से इस्पात बनाना द्वितीयक गतिविधि है।
Quick Revision
आर्थिक गतिविधियाँ → आर्थिक क्षेत्रक → 3 प्रकार
प्राथमिक → प्रकृति से सीधे कच्चा माल
द्वितीयक → कच्चे माल से तैयार/अन्य उत्पाद
तृतीयक → सेवाएँ
याद रखने का सूत्र:
प्रकृति → कच्चा माल → रूपांतरण → तैयार वस्तु
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
Class 6, all subjects CBSE Notes in hindi medium, cbse class 6 Social Science notes, class 6 Social Science notes hindi medium, cbse 6 Social Science cbse notes, class 6 Social Science revision notes, cbse class 6 Social Science study material, ncert class 6 science notes pdf, class 6 science exam preparation, cbse class 6 physics chemistry biology notes
Welcome to ATP Education
ATP Education