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Chapter-3. परमाणु एवं अणु Science class 9 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 9 Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-3. परमाणु एवं अणु Science class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 24 March 2026

3. परमाणु एवं अणु

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रासायनिक संयोजन का नियम

अध्याय: परमाणु एवं अणु  


तत्व(Element): किसी पदार्थ का वह मुल पदार्थ जिसे सरलीकृत नहीं किया जा सके तत्व कहलाता है | 

जैसे- हाइड्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन, आयरन, चाँदी और सोना आदि |  

परमाणु (Atom): पदार्थ का वह सूक्ष्मतम कण जिसे और आगे विभाजित नहीं किया जा सके वह परमाणु कहलाता है | 

अणु (Molecules): एक ही तत्व या भिन्न-भिन्न के दो या दो से अधिक परमाणुओं के समूह जो रासायनिक से एक दुसरे से बंधे होते है अणु कहलाते हैं | 

उदाहरण: O2, H2, N2, H2O, CO2, MgCl2 इत्यादि | 

यौगिक (Compound): अणु जो एक से अधिक तत्वों से मिलकर बना है यौगिक कहलाता है |

उदाहरण: H2O, CO2, NH3, BrCl2, CH4 इत्यादि | 

किसी तत्व के सबसे छोटे कण परमाणु होते हैं | जैसे - हाइड्रोजन के परमाणु (H), ऑक्सीजन के परमाणु (O), कार्बन के परमाणु (C), मैग्नीशियम के परमाणु (Mg) इत्यादि | 

परमाणु की अवधारणा : 

सभी द्रव्यों की रचनात्मक इकाई परमाणु होता है | 

दुसरे शब्दों में, जैसे एक मकान की संरचनात्मक इकाई एक ईंट होता है ठीक उसी प्रकार सभी द्रव्यों की संरचनात्मक इकाई परमाणु है जिससे वह पदार्थ बना है | 

परमाणु त्रिज्या को नेनोमीटर (nm) में मापा जाता है | 

1 nm = 10-9 m 

1 m = 109 nm  

अत: सभी पदार्थ इन तत्वों के छोटे -छोटे कणों परमाणु से मिलकर बने हैं |

पदार्थ का निर्माण 

तत्वों के परमाणु (Atoms of elements)

अणु या परमाणु (Molecules Or atoms)

यौगिक (Compounds)

पदार्थ (Matters)  

 

रासायनिक संयोजन का नियम (Laws of Chemical Combination):

रासायनिक संयोजन का नियम अन्तोनी एल. लावोइजिए (Antonie L. Lavoisier) और जोशेफ़ एल. प्रोउस्ट (Joseph L. Proust) ने प्रतिपादित किये | 

रासायनिक संयोजन के दो नियम है : 

1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of conservation of mass): द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का नहीं तो सृजन होता है और नहीं विनाश होता है | 

नोट: इसका अर्थ यह हुआ कि किसी भी रासायनिक समीकरण के दो भाग होते है (i) अभिकारक और (ii) उत्पाद तो यदि हम उस अभिक्रिया में अभिकारक के रूप में मान लीजिये कि 2 ग्राम हाइड्रोजन और 16 ग्राम ऑक्सीजन का उपयोग करते है तो उत्पाद में कुल 18 ग्राम जल प्राप्त होगा | इसका मतलब यह हुआ कि अभिक्रिया के दौरान अभिकारक के पदार्थ नहीं तो घटेगा और नहीं वह उत्पाद के साथ बढेगा | 

2. निश्चित अनुपात का नियम (Law of constant proportions): इस नियम के अनुसार "किसी भी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान के अनुपात में विद्यमान होते हैं |"

नोट: इसका अर्थ यह हुआ कि कोई यौगिक चाहे वह किसी भी प्रान्त, देश, महादेश अथवा सृष्टि के किसी भी भाग का क्यों न हो यदि वह वही यौगिक है जिसके तत्व निश्चित अनुपात में हैं और हम जिसकी चर्चा कर रहे है तो वह भी उसी अनुपात में होगा | उदाहरण के लिए हमने पृथ्वी से जल का एक नमूना लिया और देखा की इसमे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन 1 : 8 के अनुपात में है | तो यदि चाँद पर मिले जल के नमूने में भी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन ही होंगे और वे भी 1 : 8 के अनुपात में ही होंगे |   

डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory):

ब्रिटिश रसायनशास्त्री जॉन डाल्टन ने पदार्थ के प्रकृति के बारे में एक अधारभूत सिद्धांत प्रस्तुत किया। डाल्टन ने द्रव्यों की विभाज्यता का विचार प्रदान किया जिसे उस समय तक दार्शनिकता माना जाता था। ग्रीक दार्शनिकों के द्वारा द्रव्यों के सूक्ष्मतम अविभाज्य कण, जिसे परमाणु नाम दिया था, उसे डाल्टन ने भी परमाणु नाम दिया। डाल्टन का यह सिद्धांत रासायनिक संयोजन के नियमों पर आधरित था।

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, "सभी द्रव्य चाहे तत्व, यौगिक या मिश्रण हो, सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं।"

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की अवधारणा (The postulates of dalton's theory):

(i) सभी द्रव्य परमाणुओं से निर्मित होते हैं।

(ii) परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं
न ही उनका विनाश होता है।

(iii) दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।

(iv) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।

(v) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक
निर्मित करते हैं।

(vi) किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।

 

तत्वों के नाम और उनका प्रतिक चिन्ह (The name of elements  and its symbol):

आजकल इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री  IUPAC तत्वों के नामों को स्वीकृति प्रदान करती है। अधिकतर तत्वों के प्रतीक उन तत्वों के अंगे्रजी नामों के एक या दो अक्षरों से बने होते हैं। किसी प्रतीक के पहले अक्षर को सदैव बड़े अक्षर (Capital Letter) में तथा दूसरे अक्षर को छोटे अक्षर (small letter) में लिखा जाता है।

उदाहरण: 

हाइड्रोजन : H

कार्बन: C

एल्युमीनियम: Al 

मैग्नेशियम : Mg

कुछ तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नामों के प्रथम अक्षर तथा बाद में आने वाले किसी एक अक्षर
को संयुक्त करके बनाते हैं।

उदाहरण के लिए :
(i) क्लोरीन, Cl,

(ii) जिंक, Zn इत्यादि.

प्रत्येक तत्व के नाम और उनके प्रतिक चिन्ह भिन्न होता है | 

कुछ तत्वों के उदाहरण और उनके प्रतिक चिन्ह: 

 तत्व  प्रतिक चिन्ह   तत्व   प्रतिक चिन्ह 

 एल्युमिनियम 

 आर्गन 

 बेरियम 

 बोरोन

 कैल्शियम

 कार्बन

 क्लोरीन'

 Al

 Ar

 Ba

 B

 Br 

 C

 Cl

 कॉपर

 फ्लोरीन 

 सोना

 हाइड्रोजन

 आयोडीन

 लोहा

 सीसा 

 Cu

 F

 Au

 H

 I

 Fe

 Pb

 

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