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Chapter-क्रियाशील ऊतक Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 4, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-क्रियाशील ऊतक Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 04 August 2026

क्रियाशील ऊतक

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विभज्योतक ऊतक एवं स्थायी ऊतक

अध्याय 3. क्रियाशील उत्तक (Tissues in Action)

पौधों की वृद्धि जीवनभर समान रूप से नहीं होती। नई कोशिकाओं का निर्माण केवल कुछ विशेष भागों में होता है, जहाँ सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ उपस्थित रहती हैं। इन कोशिकाओं से बने ऊतक विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) कहलाते हैं। ये ऊतक पौधों की लंबाई, मोटाई तथा कटने के बाद पुनः वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं। बाद में यही कोशिकाएँ विभेदन (Differentiation) द्वारा स्थायी ऊतकों में परिवर्तित हो जाती हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0} :contentReference[oaicite:1]{index=1}

विभज्योतक ऊतक एवं स्थायी ऊतक

विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)

विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) ऐसे ऊतक हैं जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। यही ऊतक पौधों की वृद्धि का मुख्य कारण होते हैं।

  • कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होती रहती हैं।
  • नई कोशिकाओं का निर्माण करती हैं।
  • पौधों की लंबाई और मोटाई बढ़ाती हैं।
  • कटे हुए भागों के पुनः विकास में सहायता करती हैं।

विभज्योतक ऊतकों के प्रकार

प्रकार स्थान मुख्य कार्य
शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जड़ एवं प्ररोह (Shoot) के शीर्ष पर पौधे की लंबाई बढ़ाना।
पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) तने एवं जड़ों के किनारों पर तने एवं जड़ों की मोटाई बढ़ाना।
अंतरवेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem) पर्व (Node) एवं पर्वसंधि (Internode) के पास कटने के बाद पुनः वृद्धि एवं नई शाखाओं का निर्माण।

शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)

शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ तथा प्ररोह के अग्रभाग पर पाया जाता है। इसकी कोशिकाएँ तेजी से विभाजित होकर पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं। प्याज की जड़ों पर किए गए प्रयोग से यह स्पष्ट होता है कि जड़ों की वृद्धि उनके शीर्ष भाग से होती है। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

  • जड़ एवं प्ररोह के शीर्ष पर पाया जाता है।
  • पौधे की ऊँचाई बढ़ाने में सहायता करता है।
  • नई कोशिकाओं का निर्माण करता है।

पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)

पार्श्व विभज्योतक तने तथा जड़ों की परिधि (Circumference) में वृद्धि करता है। इसी के कारण समय के साथ वृक्षों के तने मोटे होते जाते हैं तथा वार्षिक वृद्धि वलय (Annual Rings) बनते हैं। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

  • तने एवं जड़ों की मोटाई बढ़ाता है।
  • लकड़ी वाले पौधों में अधिक विकसित होता है।
  • वार्षिक वृद्धि वलयों के निर्माण में सहायक होता है।

अंतरवेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem)

अंतरवेशी विभज्योतक पर्व या पर्वसंधि के पास पाया जाता है। घास काटने या शाखा छाँटने के बाद पौधों में पुनः वृद्धि इसी ऊतक के कारण होती है। :contentReference[oaicite:4]{index=4}

  • घास एवं कुछ अन्य पौधों में पाया जाता है।
  • कटने के बाद पुनः वृद्धि कराता है।
  • नई शाखाओं एवं पत्तियों के विकास में सहायता करता है।

विभज्योतक ऊतकों की विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ आकार में छोटी होती हैं।
  • कोशिका भित्ति (Cell Wall) पतली होती है।
  • केंद्रक (Nucleus) बड़ा एवं स्पष्ट होता है।
  • रसधानी (Vacuole) बहुत छोटी या अनुपस्थित होती है।
  • कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular Space) नहीं के बराबर होता है।

स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

जब विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजित होना बंद कर देती हैं और किसी विशेष कार्य के लिए विशेषीकृत (Specialized) हो जाती हैं, तब वे स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) कहलाती हैं। इस परिवर्तन की प्रक्रिया को विभेदन (Differentiation) कहते हैं। :contentReference[oaicite:5]{index=5}

विभज्योतक ऊतक स्थायी ऊतक
लगातार विभाजित होते हैं। विभाजन नहीं करते।
नई कोशिकाएँ बनाते हैं। विशेष कार्य करते हैं।
पौधों की वृद्धि कराते हैं। सहारा, संरक्षण, भंडारण एवं परिवहन का कार्य करते हैं।

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किसी भवन के निर्माण के समय पहले नई ईंटें बनाई जाती हैं, फिर उन्हीं ईंटों से दीवार, कमरा और पूरी इमारत तैयार होती है। इसी प्रकार विभज्योतक ऊतक नई कोशिकाएँ बनाते हैं और बाद में वही कोशिकाएँ स्थायी ऊतक बनकर अलग-अलग कार्य करती हैं।

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  • विभज्योतक ऊतक पौधों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई, पार्श्व विभज्योतक मोटाई तथा अंतरवेशी विभज्योतक पुनः वृद्धि कराता है।
  • विभेदन (Differentiation) के बाद विभज्योतक कोशिकाएँ स्थायी ऊतक बन जाती हैं।
  • विभज्योतक एवं स्थायी ऊतक का अंतर CBSE परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
  • प्याज की जड़ का प्रयोग शीर्षस्थ विभज्योतक को समझने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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