प्रारम्भिक मानव और सभ्यता का आरम्भ कक्षा 9 Social Science हल हिंदी माध्यम-Additional Questions With Solutions
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प्रारम्भिक मानव और सभ्यता का आरम्भ कक्षा 9 Social Science हल हिंदी माध्यम-Additional Questions With Solutions
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प्रारम्भिक मानव और सभ्यता का आरम्भ कक्षा 9 Social Science हल हिंदी माध्यम-Additional Questions With Solutions
NCERT Solutions Class 9 Social Science Hindi Medium
प्रारम्भिक मानव और सभ्यता का आरम्भ
Topic: Additional Questions With Solutions
अध्याय 4. प्रारम्भिक मानव और सभ्यता का आरम्भ
अतिरिक्त प्रश्न एवं उत्तर
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)
प्रश्न 1. प्रारम्भिक मानव इतिहास को समझने का प्रमुख साधन क्या है?
उत्तर: लेखन के आविष्कार से पहले के मानव इतिहास को मुख्यतः पुरातात्त्विक प्रमाणों के आधार पर समझा जाता है।
प्रश्न 2. पुरातत्त्वविद् किन वस्तुओं का अध्ययन करके प्रारम्भिक मानव जीवन को समझते हैं?
उत्तर: वे पत्थर के औजार, जीवाश्म, हड्डियाँ, मिट्टी के बर्तन, मनके, आभूषण, गुफा-चित्र, भवनों तथा अन्य भौतिक अवशेषों का अध्ययन करते हैं।
प्रश्न 3. प्रारम्भिक मानवों का विकास सबसे पहले किस महाद्वीप में हुआ?
उत्तर: प्रारम्भिक मानवों का विकास अफ्रीका में हुआ।
प्रश्न 4. Hominins से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: Hominins में आधुनिक मानव और उनके प्रारम्भिक मानव-जैसे पूर्वजों के समूह शामिल हैं।
प्रश्न 5. प्रारम्भिक मानव व्यवहार की प्रमुख विशेषताओं में से एक क्या थी?
उत्तर: औजारों का निर्माण और उनका उपयोग प्रारम्भिक मानव व्यवहार की प्रमुख विशेषताओं में से एक था।
प्रश्न 6. जीवाश्म (Fossil) क्या है?
उत्तर: अतीत में जीवित रहे जीवों के सुरक्षित अवशेष, उनके निशान या छाप को जीवाश्म कहा जाता है।
प्रश्न 7. पुरापाषाण काल को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: पुरापाषाण काल को Old Stone Age या पुराना पाषाण युग कहा जाता है।
प्रश्न 8. पुरापाषाण काल में मनुष्य मुख्यतः किस प्रकार जीवन-यापन करता था?
उत्तर: मनुष्य मुख्यतः शिकार और खाद्य-संग्रह करके जीवन-यापन करता था।
प्रश्न 9. मध्यपाषाण काल के छोटे पत्थर के औजारों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: इन्हें Microliths या सूक्ष्म पाषाण कहा जाता है।
प्रश्न 10. भीमबेटका किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: भीमबेटका मध्य प्रदेश में स्थित है।
प्रश्न 11. नवपाषाण काल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
उत्तर: शिकार और खाद्य-संग्रह से कृषि तथा पशुपालन की ओर संक्रमण इसकी प्रमुख विशेषता थी।
प्रश्न 12. नवपाषाण क्रांति (Neolithic Revolution) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: शिकार और खाद्य-संग्रह से कृषि, पशुपालन और स्थायी जीवन की ओर हुए क्रमिक परिवर्तन को नवपाषाण क्रांति कहा जाता है।
प्रश्न 13. मेहरगढ़ कहाँ स्थित है?
उत्तर: मेहरगढ़ बोलन नदी के किनारे, वर्तमान पाकिस्तान में स्थित है।
प्रश्न 14. मेहरगढ़ में लगभग किस समय से नवपाषाण जीवन के प्रमाण मिलते हैं?
उत्तर: मेहरगढ़ में लगभग 7000 ईसा पूर्व से नवपाषाण जीवन के प्रमाण मिलते हैं।
प्रश्न 15. ताम्रपाषाण काल में किन दो प्रकार की वस्तुओं के औजार प्रयोग किए जाते थे?
उत्तर: तांबे और पत्थर दोनों के औजारों का प्रयोग किया जाता था।
प्रश्न 16. कांस्य किस धातुओं के मिश्रण से बनता है?
उत्तर: कांस्य तांबे और टिन के मिश्रण से बनता है।
प्रश्न 17. कालीबंगा में किस प्रकार के खेत के प्रमाण मिले हैं?
उत्तर: कालीबंगा में जुताई किए गए खेत के प्रमाण मिले हैं, जिनमें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं की नालियाँ दिखाई देती हैं।
प्रश्न 18. हड़प्पाई लिपि की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: हड़प्पाई लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी या समझी नहीं जा सकी है।
प्रश्न 19. मेसोपोटामिया का अर्थ क्या है?
उत्तर: मेसोपोटामिया का अर्थ “दो नदियों के बीच की भूमि” है।
प्रश्न 20. मेसोपोटामिया की दो प्रमुख नदियाँ कौन-सी थीं?
उत्तर: टिगरिस (Tigris) और यूफ्रेटीस (Euphrates) इसकी प्रमुख नदियाँ थीं।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 21. लेखन के आविष्कार से पहले के इतिहास को समझना कठिन क्यों है?
उत्तर: लेखन के अभाव में प्रारम्भिक मानवों के विचारों, घटनाओं और सामाजिक जीवन का सीधा लिखित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस काल को मुख्यतः औजारों, जीवाश्मों, हड्डियों, गुफा-चित्रों, बर्तनों और अन्य भौतिक अवशेषों के आधार पर समझना पड़ता है। इनके आधार पर अतीत की जानकारी प्राप्त की जाती है, लेकिन कई बातें अनुमान के आधार पर समझनी पड़ती हैं।
प्रश्न 22. पुरातात्त्विक प्रमाण प्रारम्भिक मानवों के जीवन को समझने में कैसे सहायता करते हैं?
उत्तर: पुरातात्त्विक प्रमाण प्रारम्भिक मानवों की तकनीक, भोजन, निवास और गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हैं। उदाहरण के लिए, पत्थर के औजारों से उनके कार्यों और तकनीकी क्षमता का पता चलता है, जबकि गुफा-चित्र उनके कलात्मक और प्रतीकात्मक व्यवहार की जानकारी देते हैं।
प्रश्न 23. पुरापाषाण काल और मध्यपाषाण काल में अंतर बताइए।
उत्तर: पुरापाषाण काल में मानव मुख्यतः बड़े और अपेक्षाकृत सरल पत्थर के औजारों का उपयोग करते हुए शिकार और खाद्य-संग्रह पर निर्भर था। मध्यपाषाण काल में जलवायु के गर्म होने के साथ जीवन में परिवर्तन आया और बहुत छोटे पत्थर के औजारों अर्थात Microliths का उपयोग बढ़ा। मछली पकड़ना तथा छोटे जानवरों और जंगली खाद्यान्नों का उपयोग भी महत्वपूर्ण हुआ।
प्रश्न 24. नवपाषाण काल को मानव इतिहास में महत्वपूर्ण परिवर्तन का काल क्यों माना जाता है?
उत्तर: नवपाषाण काल में मनुष्य केवल शिकार और खाद्य-संग्रह पर निर्भर रहने के बजाय कृषि तथा पशुपालन करने लगा। इससे भोजन के उत्पादन पर उसका नियंत्रण बढ़ा। स्थायी गाँव विकसित हुए और मिट्टी के बर्तन, बुनाई तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियाँ बढ़ीं।
प्रश्न 25. कृषि और पशुपालन के विकास से मानव जीवन में क्या परिवर्तन आए?
उत्तर: कृषि और पशुपालन से मनुष्य भोजन का उत्पादन स्वयं करने लगा। इसके कारण स्थायी बस्तियों का विकास हुआ। भोजन के भंडारण की आवश्यकता बढ़ी तथा खेती, पशुपालन, बर्तन निर्माण और बुनाई जैसी नई गतिविधियों का विकास हुआ।
प्रश्न 26. मेहरगढ़ के लोगों के जीवन की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: मेहरगढ़ के लोग कृषि और पशुपालन करते थे। वे गेहूँ और जौ उगाते थे तथा भेड़, बकरी और भारतीय मवेशियों को पालते थे। वहाँ मिट्टी की ईंटों से बने घर और अनाज रखने के भंडार मिले हैं। लोग लैपिस लाजुली, कार्नेलियन और शंख जैसी वस्तुओं से आभूषण भी बनाते थे।
प्रश्न 27. ताम्रपाषाण काल ने आगे की सभ्यताओं के विकास में किस प्रकार योगदान दिया?
उत्तर: ताम्रपाषाण काल में पत्थर के साथ तांबे का उपयोग होने लगा। तांबे की तकनीक ने औजारों और शिल्प उत्पादन को विकसित किया। कृषि और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा शिल्प और व्यापार के विस्तार ने आगे चलकर अधिक जटिल समाजों और नगरों के विकास की आधारभूमि तैयार की।
प्रश्न 28. हड़प्पाई सभ्यता की कुछ प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: हड़प्पाई सभ्यता में योजनाबद्ध नगर, जल प्रबंधन और जल निकासी की व्यवस्था, मानकीकृत बाट और माप, विकसित शिल्प, पत्थर के मनके, शंख की वस्तुएँ, तांबे का काम, अभिलेखयुक्त मुहरें तथा लेखन जैसी विशेषताएँ दिखाई देती हैं।
प्रश्न 29. हड़प्पाई सभ्यता में मानकीकृत बाट और माप का क्या महत्व था?
उत्तर: मानकीकृत बाट और माप आर्थिक गतिविधियों तथा व्यापार में एकरूपता बनाए रखने में सहायक थे। इससे वस्तुओं के मापन और लेन-देन को व्यवस्थित करना संभव हुआ।
प्रश्न 30. कालीबंगा के जुताई किए हुए खेत का प्रमाण क्या बताता है?
उत्तर: कालीबंगा में मिले खेत में क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं की जुताई की नालियाँ मिली हैं। यह प्रमाण खेती की व्यवस्थित तकनीक और दोहरी फसल उगाने की संभावना की ओर संकेत करता है।
प्रश्न 31. मेसोपोटामिया को ‘दो नदियों के बीच की भूमि’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: मेसोपोटामिया टिगरिस और यूफ्रेटीस नदियों के बीच के क्षेत्र में विकसित हुआ था। इसी कारण यूनानी भाषा में इसका नाम Mesopotamia पड़ा, जिसका अर्थ “दो नदियों के बीच की भूमि” है।
प्रश्न 32. जिग्गुरात क्या थे?
उत्तर: जिग्गुरात मेसोपोटामिया में बने सीढ़ीनुमा, पिरामिड जैसी संरचनाओं वाले मंदिर थे। इनमें कई स्तर होते थे और सबसे ऊपर मुख्य मंदिर स्थित होता था। ये धार्मिक गतिविधियों के साथ प्रशासन तथा भंडारण से भी जुड़े थे।
प्रश्न 33. कीलाक्षर लिपि (Cuneiform) की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: पहली, इसे गीली मिट्टी की पट्टियों पर सरकंडे से कील के आकार के निशान बनाकर लिखा जाता था। दूसरी, इसका उपयोग कानून, मिथक, शिक्षा, कृषि, शिल्प और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता था।
प्रश्न 34. मिस्र की सभ्यता के विकास में नील नदी का क्या महत्व था?
उत्तर: नील नदी की वार्षिक बाढ़ उपजाऊ मिट्टी जमा करती थी, जिससे कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनती थीं। नदी ने जल, कृषि और परिवहन के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया। इसी कारण नील नदी के किनारे एक समृद्ध सभ्यता विकसित हुई।
प्रश्न 35. मिस्रवासी अपनी भूमि को Kemet क्यों कहते थे?
उत्तर: नील नदी की बाढ़ के बाद नदी घाटी में गहरी काली और उपजाऊ मिट्टी जमा होती थी। इसी काली मिट्टी के कारण मिस्रवासी अपनी भूमि को Kemet, अर्थात “काली भूमि”, कहते थे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्रश्न 36. मानव जीवन में पुरापाषाण से नवपाषाण काल तक हुए प्रमुख परिवर्तनों को समझाइए।
उत्तर: पुरापाषाण काल में मानव मुख्यतः शिकारी और खाद्य-संग्राहक था तथा पत्थर के औजारों का उपयोग करता था। मध्यपाषाण काल में जलवायु के गर्म होने के साथ नए संसाधनों का उपयोग बढ़ा और Microliths जैसे छोटे औजारों का विकास हुआ। नवपाषाण काल में मानव ने कृषि और पशुपालन शुरू किया। इससे भोजन उत्पादन पर नियंत्रण बढ़ा और स्थायी बस्तियों का विकास हुआ। मिट्टी के बर्तन, बुनाई तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियाँ भी विकसित हुईं। इस प्रकार मानव जीवन धीरे-धीरे अधिक स्थायी और संगठित होता गया।
प्रश्न 37. प्रारम्भिक कृषि समुदायों और नदी-घाटी सभ्यताओं के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कृषि समुदायों ने खेती और पशुपालन के माध्यम से भोजन का नियमित उत्पादन करना शुरू किया। स्थायी जीवन के कारण गाँव विकसित हुए और जनसंख्या बढ़ी। शिल्प, व्यापार और तकनीक का विकास होने के साथ समाज अधिक संगठित हुआ। उपजाऊ नदी-घाटियों में जल और कृषि की सुविधाओं के कारण बड़े समुदायों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनीं। आगे चलकर इन्हीं प्रक्रियाओं ने नगरों, प्रशासन, लेखन और सामाजिक संगठन वाली प्रारम्भिक सभ्यताओं के विकास में योगदान दिया।
प्रश्न 38. सिन्धु–सरस्वती सभ्यता और मेसोपोटामिया के बीच संपर्क के प्रमाणों को समझाइए।
उत्तर: सिन्धु–सरस्वती क्षेत्र और मेसोपोटामिया भौगोलिक रूप से अपेक्षाकृत निकट थे। दोनों क्षेत्रों में विकसित शिल्प और व्यापारिक गतिविधियों के कारण इनके बीच संपर्क और व्यापार के प्रमाण मिलते हैं। हड़प्पाई क्षेत्र में विकसित मनके, शंख की वस्तुएँ तथा अन्य शिल्प उत्पाद व्यापक आर्थिक संपर्क की ओर संकेत करते हैं। अध्याय के अनुसार मिस्र और चीन की तुलना में मेसोपोटामिया के साथ संपर्क के प्रमाण अधिक स्पष्ट हैं।
प्रश्न 39. चार प्रमुख कांस्य युगीन नदी-घाटी सभ्यताओं की तुलना कीजिए।
उत्तर: चार प्रमुख सभ्यताएँ थीं—सिन्धु–सरस्वती, मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन। सिन्धु–सरस्वती सभ्यता सिन्धु तथा घग्गर–सरस्वती क्षेत्रों में विकसित हुई। मेसोपोटामिया टिगरिस और यूफ्रेटीस नदियों के बीच विकसित हुआ। मिस्र नील नदी के किनारे विकसित हुआ, जबकि चीनी सभ्यता हुआंग हे नदी के बेसिन में विकसित हुई। इन सभी में कृषि, शिल्प, राजनीतिक संगठन और सामाजिक व्यवस्था का विकास हुआ, लेकिन प्रत्येक सभ्यता ने अपने स्थानीय पर्यावरण और संसाधनों के अनुसार अलग-अलग तकनीकी और सांस्कृतिक विशेषताएँ विकसित कीं।
प्रश्न 40. प्रारम्भिक सभ्यताओं के विकास में पर्यावरण की भूमिका समझाइए।
उत्तर: पर्यावरण ने प्रारम्भिक मानव समाजों को अवसर भी दिए और चुनौतियाँ भी प्रस्तुत कीं। उपजाऊ मिट्टी और जल की उपलब्धता ने कृषि के विकास में सहायता की। नदियों ने कृषि और जीवन के लिए जल उपलब्ध कराया, लेकिन बाढ़ जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों ने जल प्रबंधन की आवश्यकता भी उत्पन्न की। इसी कारण विभिन्न समाजों ने सिंचाई, बाँध, नहरों और अन्य जल-प्रबंधन प्रणालियों का विकास किया। नदी-घाटियों में उपलब्ध संसाधनों ने आगे चलकर नगरों और सभ्यताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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