ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement

Chapter 3. समानता राजनितिक विज्ञान-II class 11 in Hindi Medium ncert book solutions अभ्यास प्रश्नोत्तर

Chapter 3. समानता अभ्यास प्रश्नोत्तर – Complete NCERT Book Solutions for Class 11 राजनितिक विज्ञान-II (Hindi Medium). Get all chapter explanations, extra questions, solved examples and additional practice questions for Chapter 3. समानता अभ्यास प्रश्नोत्तर to help you master concepts and score higher.

Chapter 3. समानता राजनितिक विज्ञान-II class 11 in Hindi Medium ncert book solutions अभ्यास प्रश्नोत्तर

Chapter 3. समानता राजनितिक विज्ञान-II class 11 in Hindi Medium ncert book solutions अभ्यास प्रश्नोत्तर

NCERT Solutions for Class 11 राजनितिक विज्ञान-II play an important role in helping students understand the concepts of the chapter Chapter 3. समानता clearly. This chapter includes the topic अभ्यास प्रश्नोत्तर, which is essential from both academic and examination point of view. The solutions provided here are prepared strictly according to the latest NCERT syllabus and follow the guidelines of CBSE to ensure accuracy and relevance. Each question is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can grasp the concepts without confusion. These NCERT Solutions are useful for regular study, homework help, and exam preparation. All textbook questions are solved step by step to improve problem-solving skills and conceptual clarity. Students of Class 11 studying राजनितिक विज्ञान-II can use these solutions to revise important topics, understand difficult questions, and practise effectively before examinations. The chapter Chapter 3. समानता is explained in a structured way, making it easier for students to connect the theory with the topic अभ्यास प्रश्नोत्तर. By studying these updated NCERT Solutions for Class 11 राजनितिक विज्ञान-II, students can build a strong foundation, boost their confidence, and score better marks in school and board exams.

Chapter 3. समानता

Page 2 of 3

अभ्यास प्रश्नोत्तर

Last Update On: 06 March 2026

 

अभ्यास प्रश्नोत्तर :- 


Q1.कुछ लोगों का तर्क है कि असमानता प्राकृतिक है जबकि कुछ अन्य का कहना है कि वास्तव में समानता प्राकृतिक है और जो असमानता हम चारों ओर देखते हैं उसे समाज ने पैदा किया है। आप किस मत का समर्थन करते हैं? कारण दीजिए।

उत्तर :

समानता और असमानता दोनों ही प्राकृतिक है | इन दोनों अवधारणों में भिन्नता हो सकती है परन्तु स्थान विशेष पर दोनों सत्य हो सकते है और असत्य भी | प्राकृतिक असमानता कहीं सही हो सकती है और कहीं गलत भी हो सकती है | उदारण के लिए , जैसे कहीं रात होती है तो कहीं दिन | इस प्रकार कहीं गर्म होता है तो कहीं ठंडा तथा कही सुबह हो सकती है तो कहीं शाम | इसी प्रकार कोई व्यक्ति काला हो सकता है तो कोई गोरा | इसी प्रकार व्यक्ति में भीं जैविक असमानता पाई जाती है | कुछ लोग पुरुष होते है तो कुछ स्त्री हो सकते है | 

प्रकृति ने भी व्यक्ति को योग्यताओं और क्षमताओं में सामान बनाया है और प्रत्येक व्यक्ति समान होना चाहता है | समानता एक प्राकृतिक नियम है परन्तु समानता पूर्ण दृष्टिकोण है , सामूहिक दृष्टिकोण में संभव नहीं है इसलिए समानता का अर्थ समाज के सामाजिक - आर्थिक दशाओं को ध्यान में रखकर निकाला जा सकता है | समानता की आवश्यकताओं व्यक्ति के रहने और वातावरण के प्रभाव से सुनिश्चित किया जा सकता है | ताकि यहाँ असमान दशा को भी समझा जा सकता है | व्यक्ति द्वारा निर्मित अन्यापूर्ण समानता को हटाया नहीं जा सकता है | जैसे - एक व्यक्ति डाक्टर के काम और मजदूर के काम में अंतर स्वाभाविक है |  

Q2. एक मत है कि पूर्ण आर्थिक समानता न तो संभव है और न ही वांछनीय। एक समाज ज्यादा से ज्यादा बहुत अमीर और बहुत गरीब लोगों के बीच की खाई को कम करने का प्रयास कर
सकता है। क्या आप इस तर्क से सहमत हैं? अपना तर्क दीजिए।

उत्तर :

 पूर्ण आर्थिक समानता न तो संभव है और न ही वांछनीय इस कथन से हम सहमत है इसे एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते है - 

एक डाक्टर और एक मजदूर को समान पारिश्रमिक न तो संभव है और न वांछित है , क्योंकि डाक्टर ने अधिक निवेश करके अपनी क्षमताओं और योग्यताओं को बढाया है और डाक्टर का उत्तरदायित्व और कार्य मजदूर के कार्य और उत्तरदायित्व से कहीं अधिक होता है तथा एक डाक्टर को प्रतिमाह 10 हज़ार रूपये भुगतान किया जा सकता है परन्तु एक मजदूर को नहीं क्योंकि एक मजदूर की न्यासंगत मजदूरी 3000 हज़ार रुपये प्रतिमाह हो सकती है इसलिए यहाँ दोनों की पारिश्रमिक में 7000 हजार रुपये प्रतिमाह का अंतर है | इसकी आलोचना नहीं होनी चाहिए और इसे समानता के रूप में स्वीकार करना चाहिए | 

यदि दो मजदूरों को 1000 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है , तो उस स्थिति को व्यक्ति निर्मित समानता कहा जा सकता है और समानता का अलगाव भी है जो लिंग के आधार पर किया गया है|

    सभी व्यक्ति अधिक धनी या अधिक गरीब नहीं हो सकते है यह कल्पना नहीं किया जा सकता है की सभी व्यक्ति महलों में रह सकते है या सभी व्यक्ति बिना किसी आवश्यकता के झोपडियों में रह सकते है | समानता सापेक्षित शर्त के रूप में होनी चाहिए जिस्क्स्में सभी को समान अवसर मिलाना चाहिए | योग्यताओं एवं क्षमताओं के विकास और जीवन की आवश्यकताएं पूरी होनी चाहिए | 
Q3. नीचे दी गई अवधारणा और उसके उचित उदाहरणों में मेल बैठायें।
(क) सकारात्मक कार्यवाई (1) प्रत्येक वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार है।
(ख) अवसर की समानता (2) बैंक वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की ऊँची दर देते हैं।
(ग) समान अधिकार    (3) प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए।

उत्तर

(क) सकारात्मक कार्यवाई  (2) बैंक वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की ऊँची दर देते हैं।

(ख) अवसर की समानता  (3) प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए।

(ग) समान अधिकार      (1) प्रत्येक वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार है।

Q4.किसानों की समस्या से संबंधित एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों को
बाजार से अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता। रिपोर्ट में सलाह दी गई कि सरकार को बेहतर
मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। लेकिन यह प्रयास केवल लघु और सीमांत
किसानों तक ही सीमित रहना चाहिए। क्या यह सलाह समानता के सिद्धांत से संभव है?

उत्तर :

यह कथन समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है और समानता के सिद्धांत से मेल नहीं खाता है | क्योंकि विभिन्न लोगों के लिए दो नीतिया नहीं अपनाई जा सकती है | एक छोटे और सिमाकिंत किसानों के लिए और दूसरी बड़े और धनी किसानों के लिए दो नीतिया अपनाई जा सकती है | यदि लघु किसान अपनी उपज की अच्छी कीमत नहीं प्राप्त कर रहें हैं तो  इसका कारण भिन्न हो सकता है | लघु और सीमांकित किसानों की कुछ स्वीकृत कार्यों को उच्च रियासत और निम्न ब्याज वाले ऋण देकर उनकी सहायता की जा सकती है |  

Q5. निम्नलिखित में से किस में समानता के किस सिद्धांत का उल्लंघन होता है और क्यों?
(क) कक्षा का हर बच्चा नाटक का पाठ अपना क्रम आने पर पढ़ेगा।

उत्तर :

इस पैरा में समानता के सिद्धांत का उल्लघन नही है क्योकि कक्षा के हर बच्चे को क्रमानुसार किया गया है | 

(ख) कनाडा सरकार ने दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति से 1960 तक यूरोप के श्वेत नागरिकों को कनाडा में आने और बसने के लिए प्रोत्साहित किया।

उत्तर : इस प्रश्न में समानता के सिद्धांत का उल्लघंन है क्योंकि कनाडा के सरकार ने रंग के आधार पर भिन्न कार्य को अपनाया है | उसने केवल गोरे यूरोपीय लोगों को द्वितीय विश्व युद्ध के अंत से 1960 तक कनाडा प्रवजन करने का आदेश किया | 

(ग) वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से रेलवे आरक्षण की एक खिड़की खोली गई।

उत्तर : इस प्रश्न में समानता के सिद्धांत का उल्लघंन नहीं है क्योंकि भारतीय संविधान में 60 वर्ष से उपर के लोगो के लिए आरक्षण का प्रावधान है | 

(घ) कुछ वन क्षेत्रों को निश्चित आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

उत्तर :

इस प्रश्न में समानता के सिद्धात का उल्लघंन है क्योंकि इसमें कुछ जंगल केवल जनजाति समुदाय को देने की बात कही गई है जबकि सभी के लिए इस प्रकार प्रावधान करना चाहिए | 

Q6.यहाँ महिलाओं को मताधिकार देने के पक्ष में कुछ तर्क दिए गए हैं। इनमें से कौन-से तर्क समानता के विचार से संगत हैं। कारण भी दीजिए।
(क) स्त्रियां हमारी माताएँ हैं। हम अपनी माताओं को मताधिकार से वंचित करके अपमानित नहीं
करेंगे?
(ख) सरकार के निर्णय पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी प्रभावित करते हैं इसलिए शासकों
के चुनाव में उनका भी मत होना चाहिए।
(ग) महिलाओं को मताधिकार न देने से परिवारों में मतभेद पैदा हो जाएँगे।
(घ) महिलाओं से मिलकर आधी दुनिया बनती है। मताधिकार से वंचित करके लंबे समय तक
उन्हें दबाकर नहीं रखा जा सकता है।

उत्तर : प्रश्न के पैर 'ख' और पैरा 'घ' में समानता है | 

पैरा ख में कहा गया है कि सरकार के निर्णय पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित करते है इसलिए दोनों को शासकों के चुनाव में सहभागी होना चाहिए |

पैरा घ में कहा गया है कि महिलाओं के मतदान के अधिकार को इंकार किया जा सकता है जो सम्पूर्ण जनसंख्या का 50% है |  

Page 2 of 3

All Chapters Of राजनितिक विज्ञान-II hindi Medium Class 11

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

NCERT Solutions क्या होते हैं?
NCERT Solutions में NCERT किताबों के सभी प्रश्नों के सही और सरल हल दिए जाते हैं, जो CBSE सिलेबस के अनुसार तैयार किए जाते हैं।
क्या ये NCERT Solutions नवीनतम सिलेबस पर आधारित हैं?
हाँ, यहाँ दिए गए सभी NCERT Solutions पूरी तरह से नवीनतम CBSE और NCERT सिलेबस के अनुसार अपडेटेड हैं।
NCERT Solutions किस कक्षा के लिए उपलब्ध हैं?
यहाँ कक्षा 6 से कक्षा 12 तक सभी विषयों और अध्यायों के NCERT Solutions उपलब्ध हैं।
क्या सभी प्रश्न NCERT किताब से ही लिए गए हैं?
जी हाँ, सभी प्रश्न और उनके हल सीधे NCERT की मूल पाठ्यपुस्तकों पर आधारित हैं।
NCERT Solutions परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
इन Solutions से छात्रों को कॉन्सेप्ट क्लियर करने, उत्तर लिखने की सही विधि समझने और बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी करने में मदद मिलती है।
क्या NCERT Solutions PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, आप विषय और अध्याय के अनुसार NCERT Solutions की PDF आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या ये NCERT Solutions फ्री हैं?
अधिकांश NCERT Solutions बिल्कुल फ्री उपलब्ध हैं ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री मिल सके।
क्या ये Solutions बोर्ड एग्जाम के लिए पर्याप्त हैं?
हाँ, NCERT Solutions बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अधिकतर प्रश्न NCERT से ही पूछे जाते हैं।
NCERT Solutions मोबाइल पर पढ़ सकते हैं?
बिल्कुल, सभी NCERT Solutions मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप पर आसानी से पढ़े जा सकते हैं।
NCERT Solutions को कब अपडेट किया जाता है?
हर नए शैक्षणिक सत्र में NCERT Solutions को नए सिलेबस और बदलावों के अनुसार अपडेट किया जाता है।

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।