Chapter-कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.
कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
यांत्रिक ऊर्जा एवं गतिज ऊर्जा
अध्याय 7. कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
पिछले भाग में आपने कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) तथा ऊर्जा की अवधारणा का अध्ययन किया। अब हम ऊर्जा के प्रमुख रूपों में से यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) तथा गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) को समझेंगे। साथ ही कार्य-ऊर्जा प्रमेय की सहायता से गतिज ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त करना तथा गतिज ऊर्जा को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन करेंगे।
यांत्रिक ऊर्जा एवं गतिज ऊर्जा
यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy)
यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी गति (Motion) अथवा स्थिति (Position) के कारण होती है। यांत्रिक ऊर्जा मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है— गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) तथा स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)।
- यांत्रिक ऊर्जा वस्तु की गति या स्थिति पर निर्भर करती है।
- यह गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा का योग होती है।
- चलती हुई तथा ऊँचाई पर स्थित वस्तुओं में यांत्रिक ऊर्जा होती है।
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी गति के कारण होती है। यदि कोई वस्तु विरामावस्था में है, तो उसकी गतिज ऊर्जा शून्य होती है। वस्तु का वेग बढ़ने पर उसकी गतिज ऊर्जा भी बढ़ जाती है।
- गतिशील प्रत्येक वस्तु में गतिज ऊर्जा होती है।
- विरामावस्था में गतिज ऊर्जा शून्य होती है।
- वेग बढ़ने पर गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
- गतिज ऊर्जा का SI मात्रक जूल (J) है।
गतिज ऊर्जा का व्यंजक (Expression for Kinetic Energy)
कार्य-ऊर्जा प्रमेय तथा न्यूटन के गति के नियमों के आधार पर किसी m द्रव्यमान की v वेग से गतिमान वस्तु की गतिज ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त किया जाता है।
K = ½ mv²
| राशि | प्रतीक |
|---|---|
| गतिज ऊर्जा | K |
| द्रव्यमान | m |
| वेग | v |
गतिज ऊर्जा को प्रभावित करने वाले कारक
गतिज ऊर्जा मुख्य रूप से वस्तु के द्रव्यमान (Mass) तथा वेग (Velocity) पर निर्भर करती है। द्रव्यमान बढ़ने पर गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जबकि वेग बढ़ने पर गतिज ऊर्जा का मान बहुत तेजी से बढ़ता है क्योंकि यह वेग के वर्ग (v²) के समानुपाती होती है।
| परिवर्तन | गतिज ऊर्जा पर प्रभाव |
|---|---|
| द्रव्यमान बढ़े | गतिज ऊर्जा बढ़ती है। |
| वेग बढ़े | गतिज ऊर्जा बहुत अधिक बढ़ती है। |
| वेग दोगुना हो | गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है। |
दैनिक जीवन में गतिज ऊर्जा के उदाहरण
- चलती हुई कार में गतिज ऊर्जा होती है।
- फेंकी गई क्रिकेट गेंद में गतिज ऊर्जा होती है।
- दौड़ता हुआ खिलाड़ी गतिज ऊर्जा का उदाहरण है।
- बहता हुआ नदी का जल गतिज ऊर्जा रखता है।
Our Concept Builder
यदि समान द्रव्यमान की दो कारों में से एक कार 40 km/h तथा दूसरी 80 km/h की गति से चल रही हो, तो दूसरी कार की गतिज ऊर्जा पहली कार से कई गुना अधिक होगी। इसलिए तेज गति वाले वाहनों में दुर्घटना होने पर क्षति भी अधिक होती है।
Exam Booster
- यांत्रिक ऊर्जा = गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा।
- गतिज ऊर्जा गति के कारण उत्पन्न होती है।
- गतिज ऊर्जा का सूत्र K = ½ mv² है।
- गतिज ऊर्जा का SI मात्रक जूल (J) है।
- वेग दोगुना होने पर गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है।
- गतिज ऊर्जा के सूत्र एवं संख्यात्मक प्रश्न CBSE परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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1. Chapter Review and Key Points
3. शून्य, धनात्मक एवं ऋणात्मक कार्य
4. कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा के रूप
5. यांत्रिक ऊर्जा एवं गतिज ऊर्जा
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