Chapter-Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय History class 10 in hindi Medium CBSE Notes
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Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
यूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार
Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
यूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार kaise hua?
Part 2 – यूरोप में राष्ट्रवाद का प्रसार
फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन के शासन के बाद राष्ट्रवाद की भावना पूरे यूरोप में फैलने लगी। इस दौरान अनेक राजनीतिक आंदोलनों, क्रांतियों और नेताओं ने आधुनिक राष्ट्र-राज्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वियना कांग्रेस (1815)
1815 में नेपोलियन की हार के बाद यूरोप में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए वियना कांग्रेस आयोजित की गई।
- वियना कांग्रेस का आयोजन 1815 में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में हुआ।
- इसके अध्यक्ष ऑस्ट्रिया के चांसलर क्लेमेंस वॉन मेटरनिख थे।
- मुख्य उद्देश्य यूरोप में शांति और राजनीतिक संतुलन स्थापित करना था।
- नेपोलियन द्वारा किए गए अधिकांश राजनीतिक परिवर्तनों को समाप्त कर दिया गया।
- पुराने राजवंशों को पुनः सत्ता सौंपने का प्रयास किया गया।
- फ्रांस की सीमाओं को 1792 की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया गया।
- यूरोप में शक्ति संतुलन (Balance of Power) बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
मेटरनिख और रूढ़िवाद (Conservatism)
मेटरनिख यूरोप में पारंपरिक राजशाही और रूढ़िवादी व्यवस्था का प्रमुख समर्थक था।
- मेटरनिख क्रांतिकारी विचारों का विरोध करता था।
- वह निरंकुश राजतंत्र को बनाए रखना चाहता था।
- उसने राष्ट्रवाद और उदारवाद के आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया।
- यूरोप में पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को पुनः स्थापित करने का समर्थन किया।
- उसकी नीतियाँ लंबे समय तक यूरोपीय राजनीति को प्रभावित करती रहीं।
उदारवाद (Liberalism) का उदय
19वीं शताब्दी में उदारवाद ने यूरोप की राजनीति को नई दिशा प्रदान की।
- उदारवाद व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थक था।
- यह कानून के समक्ष समानता पर बल देता था।
- संवैधानिक शासन और निर्वाचित सरकार की मांग की गई।
- व्यापार और उद्योग में सरकारी हस्तक्षेप कम करने की बात कही गई।
- मध्यम वर्ग ने उदारवादी विचारों का सबसे अधिक समर्थन किया।
1830 की यूरोपीय क्रांति
1830 की क्रांति ने यूरोप में राष्ट्रवाद और लोकतंत्र की भावना को और अधिक मजबूत किया।
- 1830 में फ्रांस में पुनः क्रांति हुई।
- चार्ल्स दशम (Charles X) को सत्ता छोड़नी पड़ी।
- लुई फिलिप (Louis Philippe) को नया शासक बनाया गया।
- बेल्जियम ने नीदरलैंड से स्वतंत्रता प्राप्त की।
- इस क्रांति का प्रभाव पोलैंड, इटली और जर्मनी पर भी पड़ा।
1848 की यूरोपीय क्रांति
1848 की क्रांति को यूरोप में लोकतांत्रिक आंदोलनों का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
- इस क्रांति में उदारवादी, किसान और मजदूर वर्ग ने भाग लिया।
- संवैधानिक शासन और राष्ट्रीय एकता की मांग की गई।
- फ्रैंकफर्ट संसद का गठन किया गया।
- जर्मनी को एकीकृत करने का प्रयास किया गया।
- यद्यपि यह क्रांति पूरी तरह सफल नहीं हुई, लेकिन राष्ट्रवाद को नई दिशा मिली।
रोमांटिकवाद और राष्ट्रवाद
रोमांटिकवाद ने राष्ट्रवाद की भावना को सांस्कृतिक आधार प्रदान किया।
- रोमांटिकवाद भावनाओं, संस्कृति और परंपराओं पर बल देता था।
- लोकगीत, लोककथाएँ और लोकभाषाओं को महत्व दिया गया।
- राष्ट्रीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया गया।
- कलाकारों और साहित्यकारों ने राष्ट्रवाद को लोकप्रिय बनाया।
- फ्रेडरिक सॉरियू और अन्य कलाकारों ने राष्ट्रवाद से संबंधित चित्र बनाए।
किसानों, मध्यम वर्ग और बुद्धिजीवियों की भूमिका
यूरोप में राष्ट्रवाद के विकास में विभिन्न सामाजिक वर्गों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- मध्यम वर्ग ने उदारवादी विचारों का प्रचार किया।
- व्यापारियों ने राष्ट्रीय बाजार की आवश्यकता पर बल दिया।
- बुद्धिजीवियों ने लोकतंत्र और समान अधिकारों का समर्थन किया।
- किसानों ने सामंती व्यवस्था का विरोध किया।
- युवाओं ने स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय भाग लिया।
इटली के एकीकरण की शुरुआत
19वीं शताब्दी में इटली अनेक छोटे राज्यों में विभाजित था, जिन्हें एक राष्ट्र बनाने का आंदोलन शुरू हुआ।
- इटली कई राज्यों और विदेशी शासन में विभाजित था।
- राष्ट्रवादियों ने एकीकृत इटली की मांग की।
- सार्डिनिया-पीडमोंट ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।
- राष्ट्रीय एकता के लिए अनेक क्रांतिकारी संगठन बनाए गए।
- आगे चलकर मैजिनी, कैवूर और गैरिबाल्डी ने इस आंदोलन को सफल बनाया।
मैजिनी, कैवूर और गैरिबाल्डी की भूमिका
इन तीन नेताओं ने इटली के एकीकरण में ऐतिहासिक योगदान दिया।
ज्यूसेपे मैजिनी (Giuseppe Mazzini)
- मैजिनी प्रसिद्ध राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी नेता थे।
- उन्होंने यंग इटली (Young Italy) संगठन की स्थापना की।
- वे लोकतांत्रिक और एकीकृत इटली के समर्थक थे।
- उन्होंने युवाओं में राष्ट्रवाद की भावना जागृत की।
काउंट कैवूर (Count Cavour)
- कैवूर सार्डिनिया-पीडमोंट के प्रधानमंत्री थे।
- उन्होंने कूटनीति के माध्यम से इटली के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया।
- फ्रांस की सहायता प्राप्त कर ऑस्ट्रिया को पराजित किया।
- उन्हें इटली के एकीकरण का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है।
ज्यूसेपे गैरिबाल्डी (Giuseppe Garibaldi)
- गैरिबाल्डी महान सैनिक और राष्ट्रवादी नेता थे।
- उन्होंने रेड शर्ट्स (Red Shirts) नामक सेना का नेतृत्व किया।
- दक्षिणी इटली के अनेक क्षेत्रों को मुक्त कराया।
- एकीकृत इटली के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
2. राष्ट्रवाद की शुरुआत और फ्रांसीसी क्रांति
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