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Chapter-2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है Science class 9 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 9 Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है Science class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 11 March 2026

2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है

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कोलाइडल विलयन और टिंडल प्रभाव

2. क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध है ? 

(विज्ञान-IX)


 

निलंबन : वह विषमांगी घोल जो ठोस द्रव में परिक्षेपित हो जाता है, निलंबन कहलाता है | 

निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है, जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं है बल्कि माध्यम के समष्टि में निलंबित रहते है | ये निलंबित कण आँखों से देखे जा सकते है | 

निलम्बन के गुणधर्म : 

(1)    यह एक विषमांगी मिश्रण है | 

(2)    ये कण आँखों से देखे जा सकते है | 

(3)    इनके निलंबित कण प्रकाश के किरण को फैला देते है |

(4)    ये अस्थाई होते है |

(5)    इन्हें छानने की विधि से अलग किया जा सकता है | 

कोलाइडल विलयन : यह एक विषमांगी मिश्रण है, जिसके कण अति सूक्ष्म होने की वजह से दिखाई तो नहीं देते परन्तु कोलाइडल के कण विलयन में समान रूप से फैले रहते है और ये प्रकाश के किरण को असानी से फैला देते है | ऐसा विलयन कोलाइडल विलयन कहलाता है |

जैसे - दूध, धुआं, कोहरा, आदि | 

कोलाइडल विलयन के गुणधर्म : 

(1)    यह एक विषमांगी मिश्रण होता है |

(2)   इनका आकार छोटा होने के कारण इन्हें आँखों से देखा नहीं जा सकता है |

(3)   ये प्रकाश के मार्ग को दृश्य बनाते है | 

(4)   छानने की विधि से इसके कणों को पृथक नहीं किया जा सकता है |

(5)   ये टिंडल प्रभाव दिखाते है | 

कोलाइडल विलयन के संघटक : 

परिक्षिप्त प्रावस्था (dispersed Phase): विलेय पदार्थ की तरह का घटक या परिक्षिप्त कण जो की कोलाइडल के रूप में रहता है उसे परिक्षिप्त प्रावस्था कहते है | अर्थात विलेय कणों को परिक्षिप्त प्रावस्था कहते है | 

परिक्षेपण माध्यम (Dispersing Medium): वह घटक जिसमे परिक्षिप्त प्रावस्था निलंबित रहता है, परिक्षेपण माध्यम कहते है | अर्थात विलायक जिसमें ये पूरी तरह से वितरित रहते है, उसे परिक्षेपण माध्यम कहते है | 

टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect):

कोलाइडल के छोटे-छोटे कण प्रकाश के किरण को फैला देते है इस प्रकार प्रकाश के किरण का फैलाना टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) कहते है |

नोट: टिंडल प्रभाव की खोज टिनडल नामक वैज्ञानिक ने की थी |   

टिंडल प्रभाव दर्शाने वाले कोलाइड्स के समान्य उदहारण : 

दूध, फेस क्रीम, कोहरा, बादल, कुहासा, धुआं, शेविंग क्रीम, मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया, कीचड़, जेली, पनीर, मक्खन इत्यादि | 

टिंडल प्रभाव

 

आप ने घरों की छतों या खिड़कियों से भी टिंडल प्रभाव को देखा होगा | 

जब प्रकाश का पुंज इन छिद्रों से होकर गुजरता है तो वायु में उपस्थित कोलाइड्स के कण दृश्य हो जाते है और स्पष्ट देखे जाते है | ऐसा जंगलों में भी देखा जाता है जब घने पेड़ की डालियों के बीच से प्रकाश की किरण गुजरती है तो वायु के कण दृश्य हो जाते है | 

टिंडल प्रभाव

 

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