Chapter-द्रव्य का परमाण्विक आधार Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.
द्रव्य का परमाण्विक आधार
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
अध्याय 9. द्रव्य का परमाण्विक आधार
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory)
परिचय:
रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या करने के लिए अंग्रेज़ वैज्ञानिक जॉन डाल्टन (John Dalton) ने सन् 1808 में परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत ने यह स्पष्ट किया कि पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं तथा रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु न तो नष्ट होते हैं और न ही नए बनते हैं, बल्कि केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं।
परिभाषा:
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत उन मूल अभिगृहीतों (Postulates) का समूह है जो पदार्थ की संरचना तथा रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणुओं के व्यवहार की व्याख्या करता है।
डाल्टन के प्रमुख अभिगृहीत:
- संपूर्ण द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म कणों से मिलकर बना होता है, जिन्हें परमाणु कहते हैं।
- परमाणु अविभाज्य कण होते हैं। रासायनिक अभिक्रिया में उनका न तो निर्माण किया जा सकता है और न ही उन्हें नष्ट किया जा सकता है।
- किसी एक ही तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान तथा रासायनिक गुण समान होते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुण अलग-अलग होते हैं।
- परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
- किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं उनके प्रकार निश्चित होते हैं।
व्याख्या:
डाल्टन के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया के समय परमाणु केवल अपना स्थान बदलते हैं और नए संयोजन बनाते हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के परमाणु मिलकर जल का निर्माण करते हैं, जबकि मैग्नीशियम ऑक्सीजन के साथ संयोजित होकर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। इन अभिक्रियाओं में परमाणु नष्ट नहीं होते, केवल नए यौगिकों का निर्माण करते हैं।
महत्व:
- आधुनिक परमाणु सिद्धांत की आधारशिला रखी।
- रासायनिक संयोजन के नियमों की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की।
- रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणुओं के व्यवहार को समझने में सहायता मिली।
- आधुनिक रसायन विज्ञान के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ।
Our Concept Builder
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत यह समझाता है कि पदार्थ सूक्ष्म परमाणुओं से बने होते हैं तथा रासायनिक अभिक्रियाओं में परमाणु न तो बनते हैं और न ही नष्ट होते हैं। वे केवल पुनर्व्यवस्थित होकर नए यौगिकों का निर्माण करते हैं। यही कारण है कि रासायनिक अभिक्रियाओं में द्रव्यमान संरक्षण का नियम तथा स्थिर अनुपात का नियम सत्य सिद्ध होते हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0}
Exam Booster
- डाल्टन ने अपना परमाणु सिद्धांत वर्ष 1808 में प्रस्तुत किया। :contentReference[oaicite:1]{index=1}
- परमाणु रासायनिक अभिक्रिया में न तो उत्पन्न होते हैं और न ही नष्ट होते हैं। :contentReference[oaicite:2]{index=2}
- एक ही तत्व के सभी परमाणुओं के रासायनिक गुण समान होते हैं। :contentReference[oaicite:3]{index=3}
- परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं। :contentReference[oaicite:4]{index=4}
- CBSE में डाल्टन के अभिगृहीत (Postulates) तथा उनसे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। :contentReference[oaicite:5]{index=5}
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. Chapter Review and Key Points
2. परमाणुओं के संयोजन से नए पदार्थों का निर्माण
9. आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
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