Chapter-आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes
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आधारभूत लोकतंत्र भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
नगरीय स्थानीय निकायों की सेवाएँ
अध्याय 12. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
इस भाग में हम नगरीय स्थानीय निकायों की सेवाओं, नागरिकों की जिम्मेदारियों, नगर निगमों की भूमिका, इंदौर और मद्रास के उदाहरण तथा ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन के बीच संबंध को समझेंगे।
नगरीय स्थानीय निकायों की सेवाएँ
- नगरीय स्थानीय निकाय नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़ी अनेक सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
- इन सेवाओं में जल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाएँ शामिल हो सकती हैं।
- स्थानीय निकाय नागरिकों की शिकायतों और सेवा संबंधी अनुरोधों पर भी कार्य करते हैं।
इंदौर नगर निगम की सेवाएँ
अध्याय में इंदौर नगर निगम द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का उदाहरण दिया गया है।
| सेवा/कार्य | उदाहरण |
|---|---|
| कर एवं शुल्क | संपत्ति कर, जल शुल्क |
| कचरा प्रबंधन | सूखा कूड़ा प्रबंधन |
| लाइसेंस | व्यवसाय, विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस |
| प्रमाणपत्र | विवाह प्रमाणपत्र |
| आपातकालीन सेवा | अग्निशमन सेवा |
| जल एवं सफाई | जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर, मलबा हटाना |
| नागरिक सेवा | शिकायतें एवं सेवा के लिए अनुरोध |
| अन्य सेवाएँ | चल शौचालय, एम्बुलेंस तथा अंत्येष्टि संबंधी वाहन |
सी.आर.एम. क्या है?
सी.आर.एम. का अर्थ Citizen Relationship Management अर्थात नागरिक संबंध प्रबंधन है। अध्याय में इसे शिकायतों, सेवा अनुरोधों और विभिन्न नागरिक सेवाओं से संबंधित व्यवस्था के संदर्भ में दिखाया गया है।
स्थानीय निकायों के लिए नागरिकों का सहयोग
- स्थानीय निकाय अकेले सभी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं कर सकते।
- नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
- नागरिकों के सहयोग से स्थानीय सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी हो सकता है।
- स्थानीय क्षेत्र की समस्याओं की समय पर सूचना देना नागरिकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कचरे का पृथक्करण
- नागरिकों को कूड़े के पृथक्करण से संबंधित निर्देशों का पालन करना चाहिए।
- कूड़े का उचित पृथक्करण उसके संग्रहण और निपटान को आसान बनाता है।
- इससे स्थानीय निकायों के अपशिष्ट प्रबंधन कार्य में सहायता मिलती है।
जल रिसाव की सूचना
- यदि किसी गली या रास्ते में पानी का रिसाव दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत देनी चाहिए।
- जल रिसाव की सूचना देने से बहुमूल्य जल की बर्बादी को रोका जा सकता है।
- यह नागरिक जिम्मेदारी और स्थानीय प्रशासन के बीच सहयोग का उदाहरण है।
इंदौर और स्वच्छता
अध्याय में बताया गया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर को सरकारी ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ योजना के अंतर्गत लगातार सात वर्षों तक भारत के सर्वाधिक स्वच्छ नगर का पुरस्कार दिया गया। अध्याय इस उपलब्धि में नागरिकों की भूमिका पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
नगरीय स्थानीय निकायों के संसाधन
- स्थानीय निकायों को अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- स्थानीय कर और शुल्क संसाधन जुटाने के साधनों में शामिल हो सकते हैं।
- कुछ सेवाएँ भुगतान आधारित हो सकती हैं।
- इन संसाधनों से स्थानीय सेवाओं और विकास कार्यों को संचालित करने में सहायता मिलती है।
नगर और गाँव में अंतर
| आधार | गाँव | नगर |
|---|---|---|
| वातावरण | अध्याय के संवाद में अपेक्षाकृत शांत वातावरण बताया गया है। | अधिक व्यस्त और भीड़-भाड़ वाला वातावरण हो सकता है। |
| सामाजिक संबंध | लोग एक-दूसरे को अधिक जानते और सहायता करते हुए दिखाए गए हैं। | लोग अपने पड़ोसियों को हमेशा न जानते हों, फिर भी सामुदायिक सहयोग के उदाहरण मिलते हैं। |
| मुख्य स्थानीय संस्था | ग्राम पंचायत | नगरीय स्थानीय निकाय |
नगरों में सामुदायिक सहयोग
नगरों में भी लोगों में सामुदायिक भावना दिखाई देती है। अध्याय में भारी वर्षा के बाद एक मकान गिरने की घटना का उदाहरण दिया गया है, जिसमें आसपास के लोग मलबा हटाने और किसी व्यक्ति के मलबे में फँसे होने की संभावना को दूर करने के लिए एकजुट हुए।
स्थानीय प्रतिनिधि
- नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व निर्वाचित सदस्य करते हैं।
- ये प्रतिनिधि नागरिकों और उनके हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- नागरिक अपनी स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को अपने प्रतिनिधियों के सामने रख सकते हैं।
लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी
- लोकतंत्र केवल प्रतिनिधियों के चुनाव तक सीमित नहीं है।
- नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
- स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनकी सूचना देना नागरिक भागीदारी का एक रूप है।
- स्थानीय निकायों के कार्यों में सहयोग करना सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करता है।
बच्चों की भागीदारी
अध्याय के संवाद में बच्चों द्वारा बिजली के एक खतरनाक ढंग से लटके तार की समस्या को पहचानने और उसकी सूचना देने का उदाहरण दिया गया है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को बिजली के खंभे को कुछ दूरी पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया और ऐसा किया गया।
यह उदाहरण दिखाता है कि स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उन्हें उचित माध्यम तक पहुँचाने में बच्चों की आवाज भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्वपूर्ण है
अध्याय के संवाद का निष्कर्ष है कि शहर का स्थानीय शासन गाँव की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र का मूल विचार समान रहता है—प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्व रखता है।
विकेंद्रीकृत शासन
नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न नगरीय स्थानीय निकायों के माध्यम से विकेंद्रीकृत शासन चलता है। इससे नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले विभिन्न स्थानीय कार्यों को स्थानीय स्तर पर पूरा करने में सहायता मिलती है।
नगरीय स्थानीय निकाय और निर्वाचित प्रतिनिधि
- नगरीय स्थानीय निकायों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं।
- निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने रखते हैं।
- स्थानीय स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाती है।
अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ
- नागरिकों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना।
- स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान करना।
- स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था करना।
- जल जैसी आवश्यक सेवाओं की देखभाल करना।
- नागरिकों की शिकायतों और सेवा अनुरोधों पर ध्यान देना।
- नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
- स्थानीय विकास की योजना बनाना।
- उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करना।
ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन में समानताएँ
- दोनों स्थानीय स्तर पर शासन की व्यवस्था हैं।
- दोनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
- दोनों में स्थानीय समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाता है।
- दोनों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित सदस्य होते हैं।
- दोनों का उद्देश्य स्थानीय क्षेत्र के विकास और लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना है।
ग्रामीण और नगरीय स्थानीय शासन में अंतर
| आधार | ग्रामीण स्थानीय शासन | नगरीय स्थानीय शासन |
|---|---|---|
| क्षेत्र | गाँव और ग्रामीण क्षेत्र | नगर और कस्बे |
| मुख्य संस्थाएँ | ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद | नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम |
| स्थानीय इकाई | ग्राम | वार्ड |
| मुख्य उद्देश्य | ग्रामीण क्षेत्र का स्थानीय विकास | नगरीय क्षेत्र का स्थानीय विकास |
अध्याय के महत्वपूर्ण तथ्य
- नगरीय स्थानीय निकाय → नगरों और कस्बों में स्थानीय शासन की संस्थाएँ।
- नगर और कस्बे → वार्डों में विभाजित किए जाते हैं।
- वार्ड → नगरीय स्थानीय क्षेत्र की छोटी इकाई।
- वार्ड समितियाँ → स्थानीय समस्याओं और गतिविधियों पर ध्यान देती हैं।
- 10 लाख से अधिक → नगर निगम।
- 1 लाख से 10 लाख → नगरपालिका।
- 1 लाख से कम → नगर पंचायत।
- मद्रास कॉरपोरेशन की स्थापना → 29 सितंबर 1688।
- मद्रास कॉरपोरेशन → अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन।
- 1792 → मद्रास कॉरपोरेशन को स्थानीय कर लगाने की शक्ति मिली।
- स्थानीय निकायों के प्रभावी संचालन में नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
- विकेंद्रीकृत शासन → स्थानीय स्तर पर निर्णय और कार्यों को संचालित करने की व्यवस्था।
Quick Revision
- नगरीय स्थानीय शासन → नगरीय स्थानीय निकाय
- नगर → वार्ड
- वार्ड → वार्ड समिति
- बड़ा नगर → नगर निगम
- मध्यम नगर → नगरपालिका
- छोटा नगर/कस्बा → नगर पंचायत
- स्थानीय निकाय → स्थानीय सेवाएँ और विकास
- नागरिक → सहयोग, सूचना और जिम्मेदारी
- स्थानीय प्रतिनिधि → नागरिकों का प्रतिनिधित्व
- लोकतंत्र → प्रत्येक व्यक्ति के मत का महत्व
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1. Chapter Review and Key Points
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