ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement
Advertisement

Chapter-Chapter 9. व्यावसायिक वित्त Business Study class 12 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 12 Business Study Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 9. व्यावसायिक वित्त Business Study class 12 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 March 2026

Chapter 9. व्यावसायिक वित्त

Page 3 of 4

पेज 3

वित्तीय नियोजन

व्यवसाय के लिए कोषो की आवश्यकता का अनुमान लगाने तथा कोषो के स्त्रोतों को निर्धारित करने की प्रक्रिया को वित्तीय नियोजन कहते है |

वित्तीय नियोजन प्रक्रिया -

1. वित्तीय उद्देश्यों का निर्धारण करना |

2. वित्तीय नीतियों व नियमो का निर्माण करना |

3. वित्तीय आवश्यकता का पूर्वानुमान लगाना |

4. वित के वैकल्पिक स्रोतों का विकास करना |

5. सर्वोत्तम विकल्प का चयन करना |

6. वित्तीय योजनाओ एवं नीतियों का क्रियान्वयन करना |

वित्तीय नियोजन के महत्व -

वित्तीय नियोजन के महत्व अथवा भूमिका

1. संभावित परिस्थितियो का सामना करने में सहायक : वित्तीय नियोजन के अंतर्गत विभिन्न व्यावसायिक परस्थितियो का पूर्वानुमान लगाया जाता है | इसी आधार पर विभिन्न वित्तीय योजनाए तैयार की जाती है |

2. समन्वय में सहायक :  यह विभिन्न व्यावसायिक क्रियाओ , जैसे - विक्रय , क्रय, उत्पादन, वित, आदि से समन्वय स्थापित करने में सहायक है |

3. वित की बर्बादी पर रोक में सहायता : वितीय नियोजन के आभाव में वित्तीय संसाधनों की बर्बादी हो सकती है |इसका कारण व्यावसायिक व्यवहारों की पेचीदगी है, किसी विशेष व्यावसायिक व्यवहार के लिए आवश्यकता से बहुत अधिक अथवा बहुत कम अनुमान लगाना | इस तरह की बर्बादी को वित्तीय नियोजन के माध्यम से रोका जा सकता है |

4. वर्तमान को भविष्य से जोड़ने में सहायक : यह वर्तमान को भविष्य से जोड़ने में प्रयत्न करता है | ऐसा करके , भावी अनिश्चितताओ के जोखिम को कम करने में सहायता प्राप्त होती है |

5. विनियोग तथा वित निर्णयों में संबंध स्थापित करने में सहायक : इसके अंतर्गत अंशपूंजी व ऋणपूंजी का मिश्रण इस ढंग से किया जाता है पूंजी लागत न्यूनतम आए |

6. वित्तीय नियंत्रण : वित्तीय नियोजन में सभी वित्तीय क्रियाओ पर पूर्ण नियंत्रण रखा जाता है | इसके अंतर्गत वित्तीय निष्पादन के प्रमाप निर्धारित किये जाते है ;वास्तविक निष्पादन की प्रमाप से तुलना की जाती है; विचलन व उसके कारणों की खोज की जाती है |

वित्तीय नियोजन के उद्देश्य -

वित्तीय नियोजन निम्नलिखित उद्देश्य प्राप्ति के लिए किया जाता है :-

1. समय पर वित उपलब्धि को सुनिश्चित करना : वित्तीय नियोजन का प्रथम उद्देश्य समय पर वित उपलब्ध करवाना है | इसके अंतर्गत दीर्घकालीन व अल्पकालीन वित्तीय अवश्यकताओ का अनुमान लगाया जाता है | तथा इसके बाद देखा जाता है की किन स्त्रोतों से वित प्राप्त किया जा सकता है |

2. वित का उपयुक्त शेष सुनिश्चित करना : यह सुनिश्चित किया जाता है की कभी भी रोकड़ शेष आवश्यकताओ से बहुत अधिक अथवा कम न हो | रोकड़ शेष का आवश्यकता से अधिक व कम होना हानिकारक है |

 

Page 3 of 4

Class 12, all subjects CBSE Notes in hindi medium, cbse class 12 Business Study notes, class 12 Business Study notes hindi medium, cbse 12 Business Study cbse notes, class 12 Business Study revision notes, cbse class 12 Business Study study material, ncert class 12 science notes pdf, class 12 science exam preparation, cbse class 12 physics chemistry biology notes

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।