ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement
Advertisement

Chapter-Chapter 4. व्यावसायिक सेवाएँ Business Study class 11 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 11 Business Study Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 4. व्यावसायिक सेवाएँ Business Study class 11 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 March 2026

Chapter 4. व्यावसायिक सेवाएँ

Page 3 of 5

बीमा

बीमा 

मनुष्य का जीवन अनिश्चिताओं से भरा है कभी भी कुछ भी हो सकता है | बीमा इन्ही अनिश्चिताओं से होने वाले जोखिम के हानि को कम करता है | बीमा एक ऐसा समझौता है जिसमें एक पक्ष दूसरे पक्ष को एक निश्चित प्रतिफल के बदले एक निर्धारित राशि देता है, ताकि दुर्घटना से हुई बीमाकृत वस्तु की हानि की भरपाई कि जा सके | यह समझौता लिखित में किया जाता है जिसे पॉलिसी कहते है | 

बीमाकार - वह व्यक्ति जो बीमा करता है | 

बीमाकृत- वह व्यक्ति जो बीमा कराता है |

बीमाकृत वस्तु - वह वस्तु जिसका बीमा हुआ है |

बीमा का आधारभूत सिद्धांत : बीमा का आधारभूत सिद्धांत अनिश्चित घटना से होने वाली क्षतिपूर्ति को कम करना तथा घटना से होने वाली हानि को कम करना है | क्षतिपूर्ति का सिद्धांत ही बीमा का आधारभूत सिद्धांत है |

बीमा एक सामाजिक व्यवस्था : बीमा एक सामाजिक व्यवस्था है क्योंकि  दुर्घटना से होने वाली हानि की भरपाई सभी सदस्य मिलकर करतें है | बीमा कई सारे व्यक्ति कराते है , उसके प्रीमियम से जो कोष तैयार होता है | उसका प्रयोग किसी भी बीमाकृत की हानि की भरपाई के लिए प्रयोग किया जाता है, फिर अगली बार किसी और बीमाकृत की हानि की भरपाई के लिए प्रयोग किया जाता है | इस प्रकार सभी सदस्य एक व्यक्ति की हानि का वहन सभी मिलकर करतें है |  

बीमा के कार्य 

1. बीमा बीमाकृत को निश्चिता प्रदान परता है | किसी घटना से होने वाली हानि को बीमा सुनिश्चित करता है |

2. बीमा घटना से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति करता है | बीमा किसी घटना को रोक नहीं सकता लेकिन इससे होने वाली हानि की पूर्ति कार सकता है |

3. बीमा जोखिम को बांटता है | यदि जोखिम वाली घटना होती है तो इससे होने वाली हानि को वे सभी व्यक्ति मिलकर वहन करते है जिन्हें इन जोखिमो का सामना करना है |

4. बीमा प्रीमियम के रूप में एकत्रित धन को कई प्रकार की योजनाओ में विनियोग कर पूंजी निर्माण में सहायता करता है |  

बीमा के सिद्धांत 

बीमा के सिद्धांत कार्यवाही तथा आचरण के ऐसे नियम है जो बीमा व्यवसाय से सम्बंधित सभी व्यक्तियों द्वारा मान्य होता है और उसे बीमा व्यवसाय में अपनाया जाता है |बीमा के सिद्धांत निम्न है :

पूर्ण सद्विश्वास का सिद्धांत : क्षतिपूर्ति के सिद्धांत के अनुसार बीमा करने वाले को बीमा करवाने वाले व्यक्ति से समझौते से सम्बंधित कुछ भी नहीं छुपाना चाहिए, उन्हें एक दूसरे के प्रति सद्विश्वास दिखाना चाहिए | बीमाकार को बीमे से सम्बंधित सभी शर्ते स्पष्ट कर देना चाहिए तथा बीमाकृत को सभी जानकारियां सही देना चाहिए |  

बीमायोग्य हित का सिद्धांत : 

क्षतिपूर्ति का सिद्धांत : क्षतिपूर्ति के सिद्धांत के अनुसार बीमाकर हानि होने पर बीमाकृत को उसी स्थिति में वापस लाने का वचन देता है जिस स्थति में वह घटना होने के पहले था | दूसरे शब्दों में बीमाकार घटना से हुई हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता है | क्षतिपूर्ति का सिद्धांत जीवन बीमा पर लागू नहीं होता क्योंकि जीवन के हानि की क्षतिपूर्ति करना संभव नहीं है |

निकटतम कारण का सिद्धांत : निकटतम कारण के सिद्धांत के अनुसार बीमा कंपनी केवल उन्ही हानिओं की पूर्ति करती है जो कारण पॉलिसी में लिखे हो | जब हानि दो या दो से अधिक कारणों से हुई होतो हनी की पूर्ति तभी होगी जब वह निकटतम कारण से हुई हो |  

अधिकार समर्पण का सिद्धांत : अधिकार समर्पण के सिद्धांत के अनुसार जिस वस्तु का बीमा, बीमाकृत ने कराया है उसकी हानि होने पर या उसे क्षति पहुँचने पर उसकी हानि की क्षतिपूर्ति हो जाती है तो उस वस्तु पर बीमा कंपनी का अधिकार होगा | ऐसा इसलिए होता है ताकि बीमाकार इसे बेचकर लाभ कमा सके |

योगदान का सिद्धांत : ​योगदान के सिद्धांत के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक ही वस्तु का बीमा एक से अधिक बीमा कंपनियों से कराता है तो इसका यह अर्थ नहीं है की सभी कंपनिया हानि की अलग - अलग क्षतिपूर्ति करेंगे | भुगतान सभी द्वारा किया जाएगा परन्तु एक निश्चित अनुपात में | परन्तु जीवन बीमा में एक से अधिक बीमा कंपनियों से बीमा कराते है तो सभी कंपनिया अलग - अलग भुगतान करेंगे |  

हानि को कम करनें का सिद्धांत : हानि को कम करनें के सिद्धांत के अनुसार बीमा करने वाले का फ़र्ज़ है कि वह बीमा कराई गई वस्तु की हानि को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए |

​ बीमा के प्रकार 

1. जीवन बीमा  

2. साधारण बीमा  

(क) समुद्रिक बीमा 

(ख) अग्नि बीमा 

(ग) अन्य बीमा 

जीवन बीमा 

जीवन बीमा से अभिप्राय ऐसे बीमे से है जिसके अंतर्गत बीमा कंपनी एक निर्धारित प्रीमियम प्राप्त करने के फलस्वरूप बीमाकृत को निश्चित अवधि के पूरे होने या मृत्यु होने पर ही निश्चित धनराशि देने का वचन देती है |

जीवन बीमा के आधारभूत सिद्धांत

(i) पूर्ण सद्विश्वास के सिद्धांत

(ii) बीमायोग्य हित का सिद्धांत 

 पॉलिसी  

पॉलिसी एक लिखित समझौता होता है, जिसनें बीमा से समबन्धित सभी शर्तें लिखी होती है | जिसमें एक पक्ष दूसरे पक्ष को एक निश्चित प्रतिफल के बदले एक निर्धारित राशि देता है, तथा बीमाकार दुर्घटना से हुई बीमाकृत वस्तु की हानि की भरपाई का वचन देता है | 

जीवन बीमा पॉलिसी के प्रकार 

1.आजीवन बीमा पॉलिसी : आजीवन बीमा पॉलिसी में बीमाराशि बीमाकृत को बीमा किये गए व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही मिलेगी | बीमाराशि मरने वाले के उतराधिकारियो को मिलेगा |

2. बंदोबस्ती जीवन बीमा पॉलिसी : बंदोबस्ती जीवन बीमा पॉलिसी से अभिप्राय ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी से है जिसमे निश्चित समयावधि के लिए बीमा कराया जाता है | निश्चित समय से पुर्व ही यदि बीमाकृत की मृत्यु हो जाती है तो मनोनीत व्यक्ति को बीमाराशि मिलेगी, परन्तु यदि निर्धारित समयावधि के बाद भी वह जिन्दा है तो उसे धन मिलेगा | 

3. संयुक्त बीमा पॉलिसी : ​संयुक्त बीमा पॉलिसी दो या दो से अधिक लोगो द्वारा ली जाती है | प्रीमियम को दोनों मिलकर भरतें है | यह आमतौर पर पति - पत्नी, साझेदारो द्वारा ली जाती है | यदि किसी एक की मृत्यु हो जाती है तो दूसरा प्रीमियम भरेगा और उसे ही बीमाराशि मिलेगा |    

4. वार्षिक वृति पॉलिसी : ​वार्षिक वृति पॉलिसी के अंतर्गत प्रीमियम एक निर्धारित आयु के बाद मासिक, त्रयमासिक, तथा वार्षिक किश्तों में भरी जाती है |

5. बच्चो की बंदोबस्ती बीमा पॉलिसी :  बच्चो की बंदोबस्ती बीमा पॉलिसी आमतौर पर अपने बच्चो की पढाई, शादी आदि के लिए लेते है | इस पॉलिसी के अनुसार बीमाकृत बच्चे को एक निश्चित आयु के बाद  बीमाराशि मिलेगी |

​अग्नि बीमा 

अग्नि बीमा एक ऐसा समझौता है, जिसमें बीमाकार निर्धारित प्रीमियम के बदले पॉलिसी में लिखित अवधि के दौरान आग से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता | अगनी बीमा सामान्यतः एक वर्ष के लिए कराया जाता है जिसको हर साल रिन्यूअल(नवीनीकरण) करना होता है | 

अग्नि से होने वाली हानि का दावा करने के लिए आवश्यक शर्तें :

1. हानि सही में हुई हो |

2. आग दुर्घटना से लगी हो जान बूझकर ना लगाई गई हो |

3. हानि आग से हुई हो या निकटतम कारण से जो पॉलिसी में वर्णित हो | 

अग्नि बीमा के आधारभूत सिद्धांत

1. बीमायोग्य हित का सिद्धांत |

2. क्षतिपूर्ति का सिद्धांत |

3. निकटतम कारण का सिद्धांत | 

4. पूर्ण सद्विश्वास का सिद्धांत |

समुद्रिक बीमा

समुद्रिक बीमा एक ऐसा समझौता है, जिसमें बीमाकार निर्धारित प्रीमियम के बदले पॉलिसी में लिखित अवधि के दौरान समुद्री जोखिमो से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता |समुद्रिक बीमा समुद्र मार्ग से यात्रा दौरान समुद्री जोखिमो से होने वाली हानि से सुरक्षा प्रदान करता है | 

कुछ सामान्य समुद्री जोखिम 

1. जहाज का टकरा जाना |

2. दुश्मनों द्वारा जहाज पर हमला |

3. आग लग जाना |

4. समुद्रिक डाकुओं द्वारा बंधक बना देना |

5. जहाज के कप्तान अथवा कर्मचारिओं की गलती |

समुद्रिक बीमा के प्रकार 

(क) जहाज बीमा : जहाज बीमा में बीमाकार जहाज को होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता है | जहाज से सम्बंधित जोखिम कई सारे होतें है जैसे - जहाज का टकरा जाना |

(ख) माल का बीमा : माल बीमा में बीमाकार माल को होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता है | माल से सम्बंधित जोखिम कई सारे होतें है जैसे - माल का चोरी होना, रास्तें में माल को हानि |  

(ग) भाड़ा बीमा : रास्ते में अगर किसी माल को कुछ हो जाता है तो जहाज जिस कंपनी का है उसे भाड़ा नहीं मिलेगा | भाड़ा बीमा में बीमाकार भाड़े को होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति का दायित्व लेता है | तथा भाड़ा बीमा इस हानि की पूर्ति करेगा |   

समुद्रिक बीमा के आधारभूत सिद्धांत

1. बीमायोग्य हित का सिद्धांत |

2. क्षतिपूर्ति का सिद्धांत |

3. निकटतम कारण का सिद्धांत | 

4. पूर्ण सद्विश्वास का सिद्धांत |

 

Page 3 of 5

Class 11, all subjects CBSE Notes in hindi medium, cbse class 11 Business Study notes, class 11 Business Study notes hindi medium, cbse 11 Business Study cbse notes, class 11 Business Study revision notes, cbse class 11 Business Study study material, ncert class 11 science notes pdf, class 11 science exam preparation, cbse class 11 physics chemistry biology notes

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।