4. परमाणु की संरचना Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions अध्याय -समीक्षा
4. परमाणु की संरचना अध्याय -समीक्षा – Complete NCERT Book Solutions for Class 9 Science (Hindi Medium). Get all chapter explanations, extra questions, solved examples and additional practice questions for 4. परमाणु की संरचना अध्याय -समीक्षा to help you master concepts and score higher.
4. परमाणु की संरचना Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions अध्याय -समीक्षा
NCERT Solutions for Class 9 Science play an important role in helping students understand the concepts of the chapter 4. परमाणु की संरचना clearly. This chapter includes the topic अध्याय -समीक्षा , which is essential from both academic and examination point of view. The solutions provided here are prepared strictly according to the latest NCERT syllabus and follow the guidelines of CBSE to ensure accuracy and relevance. Each question is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can grasp the concepts without confusion. These NCERT Solutions are useful for regular study, homework help, and exam preparation. All textbook questions are solved step by step to improve problem-solving skills and conceptual clarity. Students of Class 9 studying Science can use these solutions to revise important topics, understand difficult questions, and practise effectively before examinations. The chapter 4. परमाणु की संरचना is explained in a structured way, making it easier for students to connect the theory with the topic अध्याय -समीक्षा . By studying these updated NCERT Solutions for Class 9 Science, students can build a strong foundation, boost their confidence, and score better marks in school and board exams.
4. परमाणु की संरचना
अध्याय -समीक्षा
अध्याय-समीक्षा
- पदार्थ के सबसे सूक्ष्मतम एवं अविभाज्य कण को परमाणु कहते हैं |
- परमाणु के अन्दर तीन अवपरमाणुक कण होते हैं: (i) प्रोट्रॉन (Protron) (ii) न्यूट्रॉन (Neutron) (iii) इलेक्ट्रान (Electron)|
- प्रोट्रॉन (Protron) : यह धन आवेशित (+) कण होता है जो परमाणु के नाभिक (भीतरी भाग ) में रहता है | यह तत्व के सभी रासायनिक गुण धर्म को प्रदर्शित करता है | परमाणु में प्रोट्रान के घटने या बढ़ने से उसके रासायनिक गुणधर्म भी बदल जाते हैं |
- न्यूट्रॉन (Neutron) : परमाणु: यह ऋण आवेशित (-) कण है जो नाभिक के चारों ओर भिन्न-भिन्न और निश्चित कक्षाओं में चक्कर काटते हैं |
- इलेक्ट्रान (Electron) : न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में उपस्थित बिना आवेश वाला कण है जिस पर कोई आवेश नहीं होता है |
- हाइड्रोजन को छोड़कर ये सभी परमाणुओं के नाभिक में होते हैं।
- समान्यतः, न्यूट्राॅन को 'n' से दर्शाया जाता है।
- परमाणु का द्रव्यमान नाभिक में उपस्थित प्रोटाॅन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग के द्वारा प्रकट किया जाता है।
- उदासीन परमाणु: समान्यत: कोई भी परमाणु उदासीन होता है क्योंकि परमाणु में धन प्रोट्रानो की संख्या ऋण इलेक्ट्रानों की संख्या के बराबर होता है यही कारण है कि किसी भी परमाणु पर नेट आवेश शून्य होता है और परमाणु उदासीन होते है |
- केनाल किरणें : केनाल किरणें विसर्जन नलिका के एनोड से निकलने वाले धन आवेशीत कणों की धारा है, जब बहुत ही कम दाब पर गैस में से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है।
- नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने किया था |
- परमाणु का धन आवेशित भाग नाभिक होता है |
- परमाणु में इलेक्ट्राॅनो की संख्या प्रोट्राॅनो की संख्या के बराबर होता है।
- इलेक्ट्रान नाभिक के चारो ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते है।
- जब इलेक्ट्राॅन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते है तो उनकी उर्जा का विकिरण नहीं होता।
- परमाणु के नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रोनों के चक्कर लगाने के लिए विभिन एवं निश्चित कक्षाएँ होती हैं इन्हें कोश (Shell) भी कहते हैं इन्ही कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते है |
- किसी परमाणु के विभिन्न कोशों में इलेक्ट्रोनों के वितरण को इलेक्ट्रोनिक विन्यास कहते हैं |
- किसी परमाणु के बाह्यतम कक्षा में उपस्थिति संयोजी इलेक्ट्रॉन्स की संख्या को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं |
- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोट्रॉनों की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते है |
- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थिति कुल प्रोट्रॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या के योगफल को परमाणु द्रव्यमान संख्या कहते हैं |
- समस्थानिक किसी तत्व के वे परमाणु होते है जिनकी परमाणु संख्या तो बराबर होती है परन्तु परमाणु द्रव्यमान भिन्न - भिन्न होता है।
- ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान परन्तु परमाणु संख्या भिन्न - भिन्न होती है।
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. अध्याय -समीक्षा 2. पाठगत प्रश्न 3. अभ्यास 4. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 1 5. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 2
Welcome to ATP Education
ATP Education