6. लोकतान्त्रिक अधिकार Political Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
6. लोकतान्त्रिक अधिकार महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर – Complete NCERT Book Solutions for Class 9 Political Science (Hindi Medium). Get all chapter explanations, extra questions, solved examples and additional practice questions for 6. लोकतान्त्रिक अधिकार महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर to help you master concepts and score higher.
6. लोकतान्त्रिक अधिकार Political Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
NCERT Solutions for Class 9 Political Science play an important role in helping students understand the concepts of the chapter 6. लोकतान्त्रिक अधिकार clearly. This chapter includes the topic महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर , which is essential from both academic and examination point of view. The solutions provided here are prepared strictly according to the latest NCERT syllabus and follow the guidelines of CBSE to ensure accuracy and relevance. Each question is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can grasp the concepts without confusion. These NCERT Solutions are useful for regular study, homework help, and exam preparation. All textbook questions are solved step by step to improve problem-solving skills and conceptual clarity. Students of Class 9 studying Political Science can use these solutions to revise important topics, understand difficult questions, and practise effectively before examinations. The chapter 6. लोकतान्त्रिक अधिकार is explained in a structured way, making it easier for students to connect the theory with the topic महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर . By studying these updated NCERT Solutions for Class 9 Political Science, students can build a strong foundation, boost their confidence, and score better marks in school and board exams.
6. लोकतान्त्रिक अधिकार
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
महत्वपूर्ण प्रश्ननोत्तर:-
प्रश्न 1: दक्षिण अफ्रीका के सविधान में नागरिक को कौन - कौन से नए अधिकार मिले है ?
उत्तर : दक्षिण अफ्रीका के सविधान में नागरिक को कई तरह के नए अधिकार मिले है :-
(1) निजता का अधिकार :- इसके अनुसार नागरिक और घरो की तालाशी नहीं की जा सकती , उनके फोन टैप नहीं किए जा सकते , उनकी चिठ्ठी - पत्री को खोल कर नहीं पढ़ा जा सकता है |
(2) पर्याप्त आवास पाने का अधिकार :-
(3) पर्यावरण का अधिकार :- ऐसा पर्यावरण पाने का अधिकार जो नागरिको के स्वास्थ्य या कुशलक्षेम के प्रतिकूल न हो |
(4) स्वास्थ्य सेवाओ , पर्याप्त भोजन और पानी तक पहुँच अधिकार :- किसी को भी आपात चिकित्सा देने से इन्कर्म नहीं किया जा सकता |
प्रश्न 2: किस कारण डा . अंबेडकर ने संवैधानिक उपचार के अधिकार को हमारे संविधान की "आत्मा" और "ह्रदय" कहा था ?
उत्तर : संवैधानिक उपचार का अधिकार अन्य अधिकारों को प्रभावी बनाता है | संभव है की कई बार हमारे अधिकारों का उल्लंघन कोई और नागरिक या कोई संस्था या फिर स्वयं सरकार ही कर रही हो | पर जब इनमे से हमारे किसी भी अधिकार का उल्लंघन हो रहा हो तो हम अदालत के जारिए उसे रोक सकते है , इस समस्या का निदान पा सकते है | अगर मौलिक अधिकारों का मामला हो तो हम सीधे सर्वोच्च न्यायालय या किसी राज्य के उच्च न्यायालय में जा सकते है | इसी कारण डा . अंबेडकर ने संवैधानिक उपचार के अधिकार को हमारे संविधान की "आत्मा" और "ह्रदय" कहा था |
प्रश्न 3: भारत में नागरिको के राजनैतिक अधिकारों का वर्णन कीजिए|
उत्तर: नागरिको के राजनैतिक अधिकार कुछ इस प्रकार हैं:-
(i) मतदान का अधिकार :- लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार एक प्रमुख अधिकार हैं जो देश के नागरिको को प्राप्त हैं| सभी आधुनिक राज्य अधिक-से-अधिक नागरिको को मताधिकार देने का प्रयत्न करते हैं| इसके लिए अब शिक्षा, संपत्ति, जाति, लिंग, जन्म-स्थान आदि का भेदभाव नहीं किया जाता, परन्तु नाबालिगो, अपराधियों, दिवालिया, पागलो तथा विदेशियों को मताधिकार नहीं दिया जाता| क्योंकि मताधिकार एक पवित्र तथा ज़िम्मेदारी का काम हैं| भारत में 18 वर्ष के सभी स्त्री-पुरूषों को मताधिकार प्राप्त हैं|
(ii) चुनाव लड़ने का अधिकार :- प्रजातंत्र में जनता द्वारा सरकार बन सकती हैं| b प्रत्येक नागरिक को कानून बनाने में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने का अधिकार दिया जाता हैं| जनता के वास्तविक प्रतिनिधि भी वहीं होंगे जो उन्हीं में से निर्वाचित किये गए हो| इसलिए राज्य को चुनाव लड़ने का भी अधिकार देता हैं|
(iii) सरकार की आलोचना करने का अधिकार :- लोकतंत्र लोकमत पर आधारित सरकार हैं| विरोधी मतो के संघर्ष से ही सच्चाई सामने आती हैं| स्वतंत्रता का मूल जनता की निरंतर जागृति ही हैं| शासन के अत्याचारों तथा अधिकारों के दोषों कको दूर करने के लिए सरकार की आलोचना एक उत्तम तथा प्रभावशाली हथियार हैं|
(iv) विरोध करने का अधिकार:- यदि सरकार अन्यायपूर्ण कानून बनती है अथवा राष्ट्र-हित के विरुद्ध कार्य करती हैं तो उसका विरोध किया जाना चाहिए| ऐसे शासन के सामने झुकना आदर्श नागरिकता का लक्षण नहीं हैं| इसलिए नागरिको को बुरी सरकार का विरोध करना चाहिए तथा उसे बदल देने का प्रयत्न करना चाहिए परन्तु ऐसा संवैधानिक तरीको के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए|
(v) प्रार्थना-पत्र देने का अधिकार :- प्रजातंत्र में संसद में जनता के प्रतिनिधियों द्वारा लोगो को भी स्वतः याचिका भेजकर सरकार के सामने अपनी समस्याए रखना तथा उन्हें हल करने की मांग करने का अधिकार हैं|
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. मुख्य बिंदु 2. अभ्यास 3. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 4. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Welcome to ATP Education
ATP Education