5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी Geography class 9 in Hindi Medium ncert book solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
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5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी Geography class 9 in Hindi Medium ncert book solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
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5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
पाठ-5 वनस्पति
प्रश्न: भारत में कितने प्रकार की पादप प्रजातियाँ पाई जाती है ?
उत्तर: भारत में 47000 पादप प्रजातियाँ तथा 89000 जन्तु प्रजातियाँ पाई जाती है |
प्रश्न: भारत का वनस्पति जगत में विश्व में कौन सा स्थान है ?
उत्तर: दसवाँ स्थान |
प्रश्न: वनस्पति क्या है ?
उत्तर: एक क्षेत्र विशेष में उगने वाली प्राक्रतिक पेड़-पौधो को वनस्पति कहते है |
प्रश्न: अक्षत वनस्पति किसे कहते है ?
उत्तर: वह वनस्पति जो मनुष्य के सहायक के बिना अपने आप पैदा होता है, और लंबे समय तक उस पर मानव प्रभाव नही पडता इसे ही अक्षत वनस्पति खाते है |
प्रश्न: देशज वनस्पति किसे कहते है ?
उत्तर: वह वनस्पति जो कि मूलरूप से भारतीय हो उसे देशज वनस्पति कहते है |
प्रश्न: पादप और जंतु जगत की विपुल विविधता के जिम्मेदार घटक कौन कौन है ?
उत्तर: 1. भूभाग
2. मृदा
3. तापमान
4. वृष्टि
5. सूर्य का प्रकाश
प्रश्न: उस राज्य का नाम लिखे जिसमें वन आवरण अधिकतम है ?
उत्तर: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
प्रश्न: सन 2001 में वनों का कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत था ?
उत्तर: 20.55 प्रतिशत |
प्रश्न: पारिस्थितिक तंत्र किसे कहते है ?
उत्तर: जब वनस्पति बदल जाती है तो प्राणी जीवन नही बदली जाते है | किसी भी क्षेत्र के पादप तथा प्राणी आपस में तथा अपने भौतिक पयार्वरण से अंतर्संबंचित होता है |इसे ही पारिस्थितिक तत्रि कहते है |
प्रश्न: जीवोम किसे कहते है ?
उत्तर: धरातल पर एक विशिष्ट प्रकार की वनस्पति या प्राणी जीवन वाले विशाल पारिस्थितिक तंत्र को जिवोम कहते है ?
प्रश्न: भारत में कितने प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती है ?
उत्तर: भारत में निम्नलिखित प्रकार कि वनस्पतियाँ पाई जाती है :-
1. उष्ण कतिबंधीय वर्ष वन
2. उष्ण कतिबंधीय पर्णपाती वन
3. उष्ण कतिबंधीय कटीले वन तथा झाड़ियाँ
4. पर्वतीन वन
5. मैग्राव वन
प्रश्न: भारत में हाथी कहाँ पर पाए जाते है ?
उत्तर: असम, कर्नाटक, और केरल |
प्रश्न: भरातीय जीव सुरक्षा अधिनियम कब लागू किया गया ?
उत्तर: सन 1972 |
प्रश्न: भारत के प्रमुख वनस्पति क्षेत्रो का वर्णन करो ?
उत्तर: 1. उष्ण कतिबंधीय वर्षा वाले वन :-
ये वन पश्चिमी घाटो वाले क्षेत्र लक्षद्वीप , अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | असम के क्षेत्रो में पाए जाते है |2 | 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र मे ये वन पाए जाते है |इन वनों कद वृक्ष 60 मीटर से अधिक लंबे होते है | यहाँ हर प्रकार की वनस्पति वृक्ष , झाड़ियाँ ,पाई जाते है | इन वनों में आबनूस , महोगनी , रोजवुद , रबड़ और सिकोना के वृक्ष पाए जाते है | इन वनों में हाथी , बंदर , लंगूर ,और हिरण आदि पाए जाते है |
2. उष्ण कतिबंधीय पर्णपाति वन :-
ये भारत में सबसे बड़े क्षेत्र में फेले हुए वनल है | ये 70 सेमी से 200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्र में पाए जाते है | इन वनों के वृक्ष शुष्क ग्रीष्म में आपने पत्ते गिरा देते है | ये वन मध्यप्रदेश, छतिसगढ़, उड़ीसा, बिहार, झारखण्ड, 21 महाराष्ट्र, केरल आदि राज्यो में पाया जाता है | सागौन इन वनों की प्रमुख प्रजातियाँ है | इन वन में बाँस साल, शीशम ,चंदन,अर्जुन तथा शहतूत के वृक्ष व्यापारीक महत्व वाली प्राजातियाँ है | इन जंगलों में प्राय: सिंह सूअर हिरण और हाथी इत्यादी जानवर पाए जाते है |
3. कँटीले वन तथा झाड़ियाँ :-
ये वन 70 सेमी से कम वर्षा वाले क्षेत्र में उगते है | इन वनों में कँटीले वृक्ष और झाड़ियाँ पाई जाती है | ये वन गुजरात , राजस्थान, छतीसगढ़ ,उतर प्रदेश ,मध्य प्रदेश और हरियाणा में पाए जाते है | यहाँ पर अकासिया ,खजूर ,पाम ,नागफनी आदि वृक्ष पाए जाती है | नागफल यहाँ कि प्रमुख पादप प्रजातियाँ है | इन जंगलों में प्राय: चूहे ,खरगोश , लोमड़ी ,सिंह ,जंगली गधे , घोड़े तथा उँट पाए जाते है |
4. पर्वतीय वन :-
ये वन और घासे 120 सेमी से अधिक वर्षा वाले प्राप्त करने वाली उतरी पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते है | 1000 और 2000 मीटर तक कि उँचाई वाले क्षेत्रो में आद्र शीतोष्ण कतिबंधीय पाए जाते है | यहाँ एक लाख 1500 से 3000 मीटर के उँचाई वाले भागो में माँस ,लाइकेन घास , टूड्रा वनस्पति का भाग है | यहाँ प्राय: जंगली खरगोश , भेड़ , यो ,आदि जानवर पाए जाते है |
5. मैग्रोव वन :-
ये वनस्पति तटवतीय क्षेत्रो में ज्वार भाटे आते है की सबसे मह्त्वपुन्र वनस्पति है |मिटटी और बालू इन तटो पर एकत्रित हो जाती है | धने मैग्रोव एक प्रकार कि वनस्पति है जिसमे पौधे कि जड़े पानी में डूब रहते है | गंगा , महानदी ,गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी नदियो के भाग में यह वनस्पति मिलती है |गंगा ब्रह्मपुत्र डेल्टा में सुंदरी वृक्ष पाए जाते है | इस क्षेत्र का रायल बंगाल टाईगर, प्रसिध्द जानवर है | इन वनों में कछुए ,मगरमच्छ ,घड़ियाल एवं कई प्रकार के साँप भी इन वनों में पाए जाते है |
पाठ-5 वनस्पति
प्रश्न: भारत में कितने प्रकार की पादप प्रजातियाँ पाई जाती है ?
उत्तर: भारत में 47000 पादप प्रजातियाँ तथा 89000 जन्तु प्रजातियाँ पाई जाती है |
प्रश्न: भारत का वनस्पति जगत में विश्व में कौन सा स्थान है ?
उत्तर: दसवाँ स्थान |
प्रश्न: वनस्पति क्या है ?
उत्तर: एक क्षेत्र विशेष में उगने वाली प्राक्रतिक पेड़-पौधो को वनस्पति कहते है |
प्रश्न: अक्षत वनस्पति किसे कहते है ?
उत्तर: वह वनस्पति जो मनुष्य के सहायक के बिना अपने आप पैदा होता है, और लंबे समय तक उस पर मानव प्रभाव नही पडता इसे ही अक्षत वनस्पति खाते है |
प्रश्न: देशज वनस्पति किसे कहते है ?
उत्तर: वह वनस्पति जो कि मूलरूप से भारतीय हो उसे देशज वनस्पति कहते है |
प्रश्न: पादप और जंतु जगत की विपुल विविधता के जिम्मेदार घटक कौन कौन है ?
उत्तर: 1. भूभाग
2. मृदा
3. तापमान
4. वृष्टि
5. सूर्य का प्रकाश
प्रश्न: उस राज्य का नाम लिखे जिसमें वन आवरण अधिकतम है ?
उत्तर: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
प्रश्न: सन 2001 में वनों का कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत था ?
उत्तर: 20.55 प्रतिशत |
प्रश्न: पारिस्थितिक तंत्र किसे कहते है ?
उत्तर: जब वनस्पति बदल जाती है तो प्राणी जीवन नही बदली जाते है | किसी भी क्षेत्र के पादप तथा प्राणी आपस में तथा अपने भौतिक पयार्वरण से अंतर्संबंचित होता है |इसे ही पारिस्थितिक तत्रि कहते है |
प्रश्न: जीवोम किसे कहते है ?
उत्तर: धरातल पर एक विशिष्ट प्रकार की वनस्पति या प्राणी जीवन वाले विशाल पारिस्थितिक तंत्र को जिवोम कहते है ?
प्रश्न: भारत में कितने प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती है ?
उत्तर: भारत में निम्नलिखित प्रकार कि वनस्पतियाँ पाई जाती है :-
1. उष्ण कतिबंधीय वर्ष वन
2. उष्ण कतिबंधीय पर्णपाती वन
3. उष्ण कतिबंधीय कटीले वन तथा झाड़ियाँ
4. पर्वतीन वन
5. मैग्राव वन
प्रश्न: भारत में हाथी कहाँ पर पाए जाते है ?
उत्तर: असम, कर्नाटक, और केरल |
प्रश्न: भरातीय जीव सुरक्षा अधिनियम कब लागू किया गया ?
उत्तर: सन 1972 |
प्रश्न: भारत के प्रमुख वनस्पति क्षेत्रो का वर्णन करो ?
उत्तर: 1. उष्ण कतिबंधीय वर्षा वाले वन :-
ये वन पश्चिमी घाटो वाले क्षेत्र लक्षद्वीप , अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | असम के क्षेत्रो में पाए जाते है |2 | 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र मे ये वन पाए जाते है |इन वनों कद वृक्ष 60 मीटर से अधिक लंबे होते है | यहाँ हर प्रकार की वनस्पति वृक्ष , झाड़ियाँ ,पाई जाते है | इन वनों में आबनूस , महोगनी , रोजवुद , रबड़ और सिकोना के वृक्ष पाए जाते है | इन वनों में हाथी , बंदर , लंगूर ,और हिरण आदि पाए जाते है |
2. उष्ण कतिबंधीय पर्णपाति वन :-
ये भारत में सबसे बड़े क्षेत्र में फेले हुए वनल है | ये 70 सेमी से 200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्र में पाए जाते है | इन वनों के वृक्ष शुष्क ग्रीष्म में आपने पत्ते गिरा देते है | ये वन मध्यप्रदेश, छतिसगढ़, उड़ीसा, बिहार, झारखण्ड, 21 महाराष्ट्र, केरल आदि राज्यो में पाया जाता है | सागौन इन वनों की प्रमुख प्रजातियाँ है | इन वन में बाँस साल, शीशम ,चंदन,अर्जुन तथा शहतूत के वृक्ष व्यापारीक महत्व वाली प्राजातियाँ है | इन जंगलों में प्राय: सिंह सूअर हिरण और हाथी इत्यादी जानवर पाए जाते है |
3. कँटीले वन तथा झाड़ियाँ :-
ये वन 70 सेमी से कम वर्षा वाले क्षेत्र में उगते है | इन वनों में कँटीले वृक्ष और झाड़ियाँ पाई जाती है | ये वन गुजरात , राजस्थान, छतीसगढ़ ,उतर प्रदेश ,मध्य प्रदेश और हरियाणा में पाए जाते है | यहाँ पर अकासिया ,खजूर ,पाम ,नागफनी आदि वृक्ष पाए जाती है | नागफल यहाँ कि प्रमुख पादप प्रजातियाँ है | इन जंगलों में प्राय: चूहे ,खरगोश , लोमड़ी ,सिंह ,जंगली गधे , घोड़े तथा उँट पाए जाते है |
4. पर्वतीय वन :-
ये वन और घासे 120 सेमी से अधिक वर्षा वाले प्राप्त करने वाली उतरी पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते है | 1000 और 2000 मीटर तक कि उँचाई वाले क्षेत्रो में आद्र शीतोष्ण कतिबंधीय पाए जाते है | यहाँ एक लाख 1500 से 3000 मीटर के उँचाई वाले भागो में माँस ,लाइकेन घास , टूड्रा वनस्पति का भाग है | यहाँ प्राय: जंगली खरगोश , भेड़ , यो ,आदि जानवर पाए जाते है |
5. मैग्रोव वन :-
ये वनस्पति तटवतीय क्षेत्रो में ज्वार भाटे आते है की सबसे मह्त्वपुन्र वनस्पति है |मिटटी और बालू इन तटो पर एकत्रित हो जाती है | धने मैग्रोव एक प्रकार कि वनस्पति है जिसमे पौधे कि जड़े पानी में डूब रहते है | गंगा , महानदी ,गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी नदियो के भाग में यह वनस्पति मिलती है |गंगा ब्रह्मपुत्र डेल्टा में सुंदरी वृक्ष पाए जाते है | इस क्षेत्र का रायल बंगाल टाईगर, प्रसिध्द जानवर है | इन वनों में कछुए ,मगरमच्छ ,घड़ियाल एवं कई प्रकार के साँप भी इन वनों में पाए जाते है |
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