Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा Political Science-I class 12 in Hindi Medium ncert book solutions page 2
Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा page 2 – Complete NCERT Book Solutions for Class 12 Political Science-I (Hindi Medium). Get all chapter explanations, extra questions, solved examples and additional practice questions for Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा page 2 to help you master concepts and score higher.
Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा Political Science-I class 12 in Hindi Medium ncert book solutions page 2
NCERT Solutions for Class 12 Political Science-I play an important role in helping students understand the concepts of the chapter Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा clearly. This chapter includes the topic page 2, which is essential from both academic and examination point of view. The solutions provided here are prepared strictly according to the latest NCERT syllabus and follow the guidelines of CBSE to ensure accuracy and relevance. Each question is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can grasp the concepts without confusion. These NCERT Solutions are useful for regular study, homework help, and exam preparation. All textbook questions are solved step by step to improve problem-solving skills and conceptual clarity. Students of Class 12 studying Political Science-I can use these solutions to revise important topics, understand difficult questions, and practise effectively before examinations. The chapter Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा is explained in a structured way, making it easier for students to connect the theory with the topic page 2. By studying these updated NCERT Solutions for Class 12 Political Science-I, students can build a strong foundation, boost their confidence, and score better marks in school and board exams.
Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा
page 2
Q1. निम्नलिखित पदों को उनके अर्थ से मिलाएँ
(1) विश्वास बहाली के उपाय (कोंफिडेन्स बिल्डिंग मेजर्स - CBMs)
(2) अस्त्रा-नियंत्राण
(3) गठबंधन
(4) निरस्त्राीकरण
(क) कुछ खास हथियारों के इस्तेमाल से परहेज
(ख) राष्ट्रों के बीच सुरक्षा-मामलों पर सूचनाओं वेफ आदान-प्रदान की नियमित प्रक्रिया
(ग) सैन्य हमले की स्थिति से निबटने अथवा उसके अपरोध् के लिए कुछ राष्ट्रों का आपस में मेल
करना।
(घ) हथियारों के निर्माण अथवा उनको हासिल करने पर अंकुश |
उत्तर :
(1) विश्वास बहाली के उपाय (ख) राष्ट्रों के बीच सुरक्षा- मामलों पर सूचनाओ के आदान-प्रदान की नियमित प्रक्रिया |
(2) अस्त्र नियन्त्रण (घ) हथियारों के निर्माण अथवा उनको हासिल करने पर अंकुश |
(3) गठबंधन (ग) सैन्य हमले की स्थिति से निपटने अथवा उसके अपरोध के लिए कुछ राष्ट्रों का आपस में तालमेल करना |
(4) निःशस्त्रीकरण (क) कुछ खास हथियारों के इस्तेमाल में परहेज |
Q2. निम्नलिखित में से किसको आप सुरक्षा का परंपरागत सरोकार/सुरक्षा का अपारंपरिक
सरोकार/‘खतरे की स्थिति नहीं’ का दर्शा देंगे μ
(क) चिवेफनगुनिया/डेंगू बुखार का प्रसार
(ख) पड़ोसी देश से कामगारों की आमद
(ग) पड़ोसी राज्य से कामगारों की आमद
(घ) अपने इलावेफ को राष्ट्र बनाने की माँग करने वाले समूह का उदय
(घ) अपने इलाके को अधिक स्वायत्तता दिए जाने की माँग करने वाले समूह का उदय।
(च) देश की सशस्त्रा सेना को आलोचनात्मक नशर से देखने वाला अखबार।
उत्तर :
(क) अपारम्परिक सरोकार
(ख) पारम्परिक सरोकार
(ग) खतरे की स्थिति नहीं
(घ) अपारम्परिक सरोकार
(ङ) खतरे की स्थिति नहीं
(च) पारम्परिक सरोकार |
Q3. परंपरागत और अपारंपरिक सुरक्षा में क्या अंतर है? गठबंधनो का निर्माण करना और उनको
बनाये रखना इनमें से किस कोटि में आता है?
उत्तर :
पारम्परिक सुरक्षा :-
(1) हमे दुसरे देश कि सेना से बाहरी खतरा होता है |
(2) भारत के पड़ोसी देशों के पास परमाणु हथियार है और वह शांति के लिए खतरा है |
(3) हमें देश के अन्दर भी आतंकवाद से खतरा है |
(4) जब दुसरे देश से लोग शरणार्थी बनकर आते है तो उस देश से लोगों कि जनसंख्या में वृद्धि हो जाती है |
(5) पारम्परिक सुरक्षा की धारणा में बाहरी आक्रमण के समय एक राष्ट्र तीन उपो से उससे छुटकारा प् सकता है - (क) आत्मसमर्पण करके
(ख) आक्रमणकारी राष्ट्र की बाते मानकर तथा
(ग) आक्रमणकारी राष्ट्र को युद्ध में हराकर |
अपारम्परिक सुरक्षा :-
(1) बाहरी खतरों के साथ- साथ हमें अपनी सरकार से भी खतरा होता है |
(2) भारत की आम जनता को भारतीय पुलिस हमले से भी खतरा होता है तो इसमें आम जनता ही परेशान होती है |
(3) देश के बहार भीं हमें आतंकवाद का खतरा बना रहता है | इससे पुरे विश्व को खतरा होता है |
(4) जनसंख्या बढ रही है और आने वाले वक्त में संसाधन ख़त्म हो जाएँगे | यह भी अपारम्परिक सुरक्षा है |
(5) अपारम्परिक सुरक्षा की धारणा में एक देश को केवल दुसरे देश की सरकार के सैन्य खतरे कि चिंता ही नही रहती बल्कि अन्य स्त्रोतों से होने वाले खतरों कि भी चिंता रहती है |
Q4. तीसरी दुनिया के देशों और विकसित देशों की जनता के सामने मौजूद खतरों में क्या अंतर है
उत्तर :
तीसरी दुनिया के लोगो को निम्नलिखित खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जोकि पहली दुनिया के लोगो से अलग है -
Q5. आतंकवाद सुरक्षा के लिए परंपरागत खतरे की श्रेणी में आता है या अपरंपरागत?
उत्तर :
अपरम्परागत सुरक्षा |
Q6. सुरक्षा के परंपरागत द्रीस्तीकोण के हिसाब से बताएँ कि अगर किसी राष्ट्र पर खतरा मंडरा रहा
हो तो उसके सामने क्या विकल्प होते हैं?
उत्तर :
(1) शत्रु देश के सामने आत्मसमर्पण कर देना |
(2) शत्रु देश को युद्ध स्व होने वाले खतरों एवं हानि से डरना |
(3) शत्रु देश के साथ युद्ध करके, उसे पराजित करना |
Q7. ‘शक्ति-संतुलन’ क्या है? कोई देश इसे कैसे कायम करता है?
उत्तर :
शक्ति सन्तुलन :- जब कोई देश या देशों का समूह खुद को इतना ताकतवर बना ले कि वह अपने दुश्मन देश या देशों के समूह की बराबरी कर ले | जिससे उसके दुश्मन देश या देशों के समूह उस पर आक्रमण करके उसे पराजित न क्र सके |
शक्ति सन्तुलन बनाये रखने के उपाय - एक देश निम्नलिखित उपाय करके शक्ति सन्तुलन को कायम कर सकता है -
(1) गठजोड़ :- शक्ति सन्तुलन बनाने के लिए एक साधरण तरीका गठजोड़ एवं प्रति गठजोड़ है | यह प्रणाली बहुत पुरानी है | इसका उद्देश्य होता है, किसी राष्ट्र की शक्ति बढाना | छोटे और मध्यम राज्य इस प्रणाली द्वारा अपना अस्तित्व बनाए रखते है |
(2) शस्त्रीकरण एवं निःशस्त्रीकरण :- शक्ति सन्तुलन बनाए रखने का एक तरीका शस्त्रीकरण एवं निःशस्त्रीकरण है | शक्ति सन्तुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न राज्यों ने समय- समय पर शस्त्रीकरण एवं निःशस्त्रीकरण पर जोर दिया है |
Q8. सैन्य गठबंधन के क्या उद्देश्य होते हैं? किसी ऐसे सैन्य गठबंधन का नाम बताएँ जो अभी
मौजूद है। इस गठबंधन के उद्देश्य भी बताएँ?
उत्तर :
सैन्य गठबंधन का उद्देश्य विरोधी देश के सैन्य हमले को रोकना अथवा उससे अपनी रक्षा करना होता है | सैन्य गठबंधन बनाकर एक विशेष क्षेत्र में शक्ति सन्तुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है | वर्तमान समय में नाटो नाम का एक सैन्य गठबंधन कायम है | नाटो के मुख्य उद्देश्य है-
(1) यूरोप के हमले के समय अवरोध की भूमिका निभाना |
(2) सैन्य एवं आर्थिक विकास के अपने कार्यक्रमों को बढाने की यूरोपीय देशों को सुरक्षा छतरी प्रदान करना |
(3) भूतपूर्व सोवियत संघ के साथ होने वेक सम्भावित युद्ध के लिए यूरोप एवं अमेरिका के लोगो को मानसिक तौर पर तैयार रखना |
Q9. पर्यावरण के तेजी से हो रहे नुकसान से देशों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। क्या
आप इस कथन से सहमत हैं? उदाहरण देते हुए अपने तर्कों की पुष्टि करें।
उत्तर :
विश्व- स्तर पर पर्यावरण तेजी से खराब हो रहा है | पर्यावरण ख़राब होने से निस्संदेह मानव जाति को खतरा उत्पन्न हो गया, ग्लोबल वार्मिंग से हिमखण्ड पिघलने लगे है, जिसके करण मालदीव तथा बांग्लादेश जैसे देश तथा भारत के मुम्बई जैसे शहरो का पानी में डूबने की आशंका पैदा हो गई है | पर्यावरण ख़राब होने से वातावरण में कई तरह कि बीमारियाँ फ़ैल गई है, जिसके कारण व्यक्तियों के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है |
Q10. देशों के सामने पिफलहाल जो खतरे मौजूद हैं उनमें परमाण्विक हथियार का सुरक्षा अथवा
अपरोध् के लिए बड़ा सीमित उपयोग रह गया है। इस कथन का विस्तार करें।
उत्तर :
विश्व में जिन देशों ने परमाणु हथियर प्राप्त कर रखे है, उनका यह तर्क है की उन्होंने शत्रु देश के आक्रमण से बचने तथा शक्ति संतुलन कायम रखने के लिए इनका निर्माण किया है परन्तु वर्तमान समय में इन हथियारों के होते हुए भी एक देश की सुरक्षा की पूर्ण गारंटी नहीं दी जा सकती | उधारण के लिए आतंकवाद तथा पर्यावरण के ख़राब होने से वातावरण में जो बीमारियाँ फैक रही है, उन पर परमाणु हथियार के उपयोग का कोई औचित्य नहीं है | इसलिए यह कहा जा सकता है, की वर्तमान समय में जो खतरे उत्पन्न हुए है, उनमें परमाण्विक हथियार का सुरक्षा अथवा अपरोध के लिए बड़ा सिमित उपयोग रह गया है |
Q11. भारतीय परिद्रिस्य को ध्यान में रखते हुए किस किस्म की सुरक्षा को वरीयता दी जानी
चाहिए| पारंपरिक या अपारंपरिक? अपने तर्क की पुष्टि में आप कौन-से उदाहरण देंगे?
उत्तर :
भारतीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारत को पारम्परिक एवं अपारम्परिक दोनों प्रकार की सुरक्षा को वरीयता देनी चाहिए | क्योकि भारत सैनिक दृष्टी से भी सुरक्षित नहीं है | भारत कि दो पड़ोसी देशों के पास परमाणु हथियार है, तथा उन्होंने भारत पर आक्रमण भी किया है | अतः भारत को पारम्परिक सुर्ख को वरीयता देना आवश्यक है | इसके साथ- साथ अपारम्परिक सुरक्षा कि दृष्टी से भारत में कई समस्याएँ है, जिसके कारण भारत को अपारम्परिक सुरक्षा को भी वरीयता देनी चाहिए |
Q12. नीचे दिए गए कार्टून को समझें। कार्टून में युद्ध और आतंकवाद का जो संबंध् दिखाया गया है
उसके पक्ष या विपक्ष में एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
उत्तर :
Welcome to ATP Education
ATP Education