3. लोकतंत्र और विविधता Political Science class 10 in Hindi Medium ncert book solutions अभ्यास प्रश्नोत्तर
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3. लोकतंत्र और विविधता
अभ्यास प्रश्नोत्तर
अभ्यास प्रश्नोत्तर
1. सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम तय करने वाले तीन कारकों की चर्चा करें।
उत्तर: सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम तय करने वाले तीन कारक निम्नलिखित हैं-
(i) लोगो में अपनी पहचान के प्रति आग्रह की भावना - लोगो अपने आपको विशिष्ट या अलग मानते हैं तो उनका दूसरों से तालमेल बैठाना कठिन होता हैं| इसके विपरीत वे बहु-स्तरीय पहचान रखते हैं| और स्वयं को राष्ट्रीय पहचान का भाग मानते हैं तो कोई समस्या पैदा नहीं होती हैं| इस तरह भारत में सभी पहले अपने को भारतीय तथा बाद में प्रवेश, धार्मिक समूह आदि का सदस्य मानते हैं|
(ii) किसी समुदाय की मांगो को राजनीतिक दलों द्वारा उठाने का तरीका- संवैधानिक ढंग से और दूसरे समुदाय को हानि न पहुचाने वाली मांगो को मानना आसान होता हैं| इसी प्रकार यूगोस्वलिया में विभिन्न समुदायों के नेताओ ने अपने जातीय समूह की तरफ से ऐसी मांगे रख दी जिन्हें पूरा करना असंभव था|
(iii) सरकार का दृष्टिकोण- विभिन्न समुसमुदयों की मांगो के प्रति सरकार का दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता हैं| बेल्जियम में सरकार ने सत्ता में सांझेदारी की नीति अपनाई और समस्या को उचित ढंग से सुलझा लिया| शक्ति के बल पर एकता का प्रयास हानिकारक होता हैं|
2. सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं?
उत्तर: सामाजिक अंतर दो प्रकार से सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते हैं:-
(i) कुछ सामाजिक अंतरों का दूसरी विभिन्नताओ से ऊपर और बड़े होना- सामाजिक अंतर उस समय सामाजिक विभाजन का रूप ले लेती हैं| जब यह अन्तर अनेक विभिन्नताओ से ऊपर और बड़े हो जाते हैं| जैसे अमेरिका में श्वेत और अश्वेत का अन्तर सामाजिक विभाजन बन जाता है क्योंकि क्योंकि अश्वेत लोग साधारणतया गरीब और बेघर हैं, भेदभाव का शिकार हैं|
(ii) सामाजिक विभिन्नताओ का एक-दूसरे से जुड़ना तथा गुथ जाना तो सामाजिक विभाजन का रूप लेना- अग्र एक-सी सामाजिक असमानताए कई समूहों में मौजूद तथा हो तो फिर एक समूह के लोगो के लिए दूसरे समूहों से अलग पहचान बनाना कठिन हो जाता हैं| | इस परिस्थिति में किसी एक मुद्दे पर कई समूहों के हित एक समान हो जाते हैं तो किसी दूसरे मुद्दे पर उनके दृष्टिकोण में अन्तर हो सकता हैं| इस प्रकार सामाजिक विभिन्नताओ या अंतरों के एक साथ जुड़ने से सामाजिक विभाजन होता हैं|
3. सामाजिक विभाजन किस तरह से राजनीति को प्रभावित करते हैं? दो उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर: सामाजिक विभाजन हानिकारक और लाभदायक दोनों तरीकों से राजनीति को प्रभावित करते हैं:-
(i) हानिकारक तरीकों से प्रभावित करना-
(a) युगोस्लाविया में भी धार्मिक और जातीय विभाजन के आधार पर आरम्भ हुई राजनीतिक होड़ में देश कई टुकड़ों में बंट गया|
(b) लोकतंत्र में विभिन्न राजनीतिक दल सत्ता को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करने लगें तो सामाजिक विभाजन राजनीतिक विभाजन में बदल सकता हैं जिससे देश की एकता को खतरा हो सकता हैं| उत्तरी आयरलैंड में ऐसा हुआ|
(ii) लाभदायक रूप से प्रभावित करना-
(a) लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के लिए सामाजिक विभाजनों की बात करना और विभिन्न समूहों से अलग-अलग वायदे करना स्वाभाविक बात हैं|
(b) राजनीतिक दल विभिन्न समुदायों के उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास करते हैं और उनकी उचित मांगे व जरूरतों को पूरा करने वाली नीतियों को अपनाते हैं|
(c) कई देशों में ऐसी पार्टियाँ हैं जो केवल एक ही समुदाय पर ध्यान देती हैं और उसी के हित में राजनीति करती हैं|
4. ........................... सामाजिक अंतर गहरे सामाजिक विभाजन और तनावों की स्थिति पैदा करते हैं। .................... सामाजिक अंतर सामान्य तौर पर टकराव की स्थिति तक नहीं जाते।
उत्तर: महत्वपूर्ण सामाजिक अंतर गहरे सामाजिक विभाजन और तनावों की स्थिति पैदा
करते हैं। सभी सामाजिक अंतर सामान्य तौर पर टकराव की स्थिति तक नहीं जाते।
5. सामाजिक विभाजनों को सँभालने के संदर्भ में इनमें से कौन सा बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लागू नहीं होता?
(क) लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते सामाजिक विभाजनों की छाया राजनीति पर भी पड़ती है।
(ख) लोकतंत्र में विभिन्न समुदायों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी शिकायतें शाहिर करना संभव है।
(ग) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों को हल करने का सबसे अच्छा तरीका है।
(घ) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों के आधर पर समाज को विखंडन की ओर ले जाता है।
उत्तर: (घ) लोकतंत्र सामाजिक विभाजनों के आधर पर समाज को विखंडन की ओर ले जाता है।
6. निम्नलिखित तीन बयानों पर विचार करें :
(अ) जहाँ सामाजिक अंतर एक-दूसरे से टकराते हैं वहाँ सामाजिक विभाजन होता है।
(ब) यह संभव है कि एक व्यक्ति की कई पहचान हो।
(स) सिर्फ भारत जैसे बड़े देशों में ही सामाजिक विभाजन होते हैं।
इन बयानों में से कौन-कौन से बयान सही हैं।
| (क) | अ, ब और स |
| (ख) | अ और ब |
| (ग) | ब और स |
| (घ) | सिर्फ स |
उत्तर: (ख) अ और ब |
7. निम्नलिखित बयानों को तार्किक क्रम से लगाएँ और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही जवाब ढूँढें।
(अ) सामाजिक विभाजन की सारी राजनीतिक अभिव्यक्तियाँ खतरनाक ही हों यह जरूरी नहीं है।
(ब) हर देश में किसी न किसी तरह के सामाजिक विभाजन रहते ही हैं।
(स) राजनीतिक दल सामाजिक विभाजनों के आधार पर राजनीतिक समर्थन जुटाने का प्रयास करते हैं।
(द) कुछ सामाजिक अंतर सामाजिक विभाजनों का रूप ले सकते हैं।
| (क) | द, ब, स, अ |
| (ख) | द, ब, अ, स |
| (ग) | द, अ, स, ब |
| (घ) | अ, ब, स, द |
उत्तर: (ख) द, ब, अ, स |
8. निम्नलिखित में किस देश को धर्मिक और जातीय पहचान के आधार विखंडन का सामना करना पड़ा?
(क) बेल्शियम (ख) भारत (ग) यूगोस्लाविया (घ) नीदरलैंड
उत्तर: (ग) यूगोस्लाविया |
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 2. अभ्यास प्रश्नोत्तर 3. अध्याय-समीक्षा
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