Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय History class 10 in Hindi Medium ncert book solutions लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर
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Chapter 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर
अतिरिक्त प्रश्न (परीक्षा-उपयोगी)
1 अंक वाले प्रश्न
प्रश्न - निरंकुशवाद को परिभाषित कीजिए ।
उत्तर - ऐसी शासन व्यवस्था जिसकी सत्ता पर किसी प्रकार का कोई अंकुश नहीं होता ये अत्यंत केन्द्रीकृत , सैन्य बल पर आधारित और दमनकारी सरकारें होती हैं ।
प्रश्न - कल्पनादर्श से क्या तात्पर्य हैं?
उत्तर - एक ऐसे समाज की कल्पना जो इतना आदर्श है। कि उसका साकार होना लगभग असंभव होता हैं ।
प्रश्न - 1789 में फ्रांसीसी क्रांति के पश्चात् फ्रांस में आए दो बदलावों का वर्णन करो ।
उत्तर -
1. प्रभुत्ता राजतंत्र से निकलकर फ्रांसीसी नागरिकों के हाथ में आ गई ।
2. लोगों द्वारा राष्ट्र का गठन और वे ही इसकी नीतियाँ तय करेंगे |
प्रश्न - आघौगिकीकरण के फलसवरूप यूरोप में कौन से नए सामाजिक समूह अस्तित्व में आए।
उत्तर - श्रमिक वर्ग के लोग और मध्य वर्ग जो उद्योगपति इत्यादि ।
प्रश्न - उदारवाद का अर्थ बताइए ।
उत्तर - उदारवाद यानि (libration) मध्य वर्गो के लिए उदारवाद का मतलब था व्यक्ति के लिए आजादी और कानून के समक्ष बराबरी ।
प्रश्न - 19वीं शताब्दी में उदारवाद की आर्थिक क्षेत्र में प्रमुख मांग क्या थी?
उत्तर - उदारवाद , बाजारों की मुक्ति और चीजों तथा पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाए गए नियंत्रण को खत्म करने के पक्ष में था ।
प्रश्न - शुल्क संघ का मुख्य कार्य लिखो ।
उत्तर - शुल्क संघ के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
1. इस संघ ने शुल्क अवरोधों को समाप्त कर दिया ।
2. मुद्राओं की संख्या तीस से घटाकर दो कर दी गई ।
प्रश्न - रूढ़िवादी किन प्रांरपारिक संस्थाओ को बनाए रखने के पक्ष में थे?
उत्तर - रूढ़िवादी राजतंत्र , चर्च , सामाजिक ऊँच-नीच , संपत्ति और परिवार को बनाए रखने के पक्ष में थे |
प्रश्न - कुलीन वर्ग यूरोप महाद्वीप का सबसे प्रभुत्वशाली वर्ग क्यों था?
उत्तर - कुलीन वर्ग यूरोप महाद्वीप का सबसे प्रभुत्वशाली वर्ग था जिसके कारण निम्नलिखिज हैं:
1. इस वर्ग के सदस्य साँझा जीवन शैली से बँधे हुए थे जो क्षेत्रीय विभाजनों के आधार पर व्याप्त थी |
2. वे ग्रमीण क्षेत्रों में जायदाद और शहरी हवेलियों के मालिक थे ।
प्रश्न - ज्युसेपी मेत्सिनी ने किन दो भुमिगत संगठनों की स्थापना की?
उत्तर - ज्युसेपी मेत्सिनी ने निम्नलिखित दो भूमिगत संगठनों की स्थापना की:
1. मार्सेई में यंग इटली
2. बर्न में यंग यूरोप
प्रश्न - कब और किस संधि के द्वारा यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता मिली?
उत्तर - 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र कर मान्यता दी ।
प्रश्न - ‘ रूमनीवाद ’ किस विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रहा था?
उत्तर - ‘ रूमनीवाद ’ एक साँझा सामूहिक विरासत की अनुूभूति और एक सांस्कृतिक अतीत को राष्ट्र का आधार बनाया गया था ।
प्रश्न - ‘कैराल कुर्पिस्की ’ का पौलेंड के राष्ट्रीय संघर्ष में योगदान बताइए ।
उत्तर - ‘कैरोल कुर्पिंस्की’ ने राष्ट्रीय संघर्ष का अपने ओपेरा और संगीत के माध्यम से गुणगान किया और पोलोनेज़ तथा माज़ुरका जैसे लोकनृत्यों को राष्ट्रीय प्रतीकों में बदल दिया।
प्रश्न - ब्रितानी राष्ट्र मे रहने वाले प्रमुख नृजातीय समूह कौन से थे?
उत्तर - ब्रितानी राष्ट्र मे रहने वाले प्रमुख नृजातीय समूह अंग्रेज , वेल्श , स्काॅट या आयरिश थे ।
प्रश्न - उदारवादी आंदोलन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका के दो बिंदु लिखो ।
उत्तर - उदारवादी आंदोलन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका निम्न हैं:
1. महिलाओं ने अपने राजनीतिक संगठन स्थापित किये |
2. उन्होंने अखबार शुरू किए और राजनीतिक बैठकों और प्रदर्शनों में शिरकत की ।
प्रश्न - फ्रांसीसी क्रांति के रूपक चिन्ह् कौन थे ?
उत्तर - फ्रांसीसी क्रांति के रूपक चिन्ह मैरिएन, लाल टोपी, तिरंगा और कलगी थे।
प्रश्न - जर्मेनिया का अर्थ बताइए ।
उत्तर - जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र का रूपक (अलिगरी) है। चाक्षुष चित्रों में उसे बलूत (ओक) के पत्तों का मुकुट पहनाया गया है, क्योंकि जर्मन बलूत वीरता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
प्रश्न - बाल्कन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख राज्यों के नाम लिखो ।
उत्तर - बाल्कन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख राज्य आधुनिक रोमानिया, बुल्गारिया, यूनान इत्यादि थे |
प्रश्न - जनमत संग्रह का क्या तात्पर्य हैं ?
उत्तर - एक प्रत्यक्ष मतदान जिसके जरिए एक क्षेत्र के सभी लोगों से एक प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार कराया जाता हैं ।
3 अंक वाले प्रश्न:
प्रश्न - राष्ट्र राज्य की तीन विशेषताँए बताइए ।
उत्तर - राष्ट्र राज्य की तीन विशेषताँए निम्नलिखित हैं:
1. इसमें जनता को अपने शासक को चुनने कर अधिकार होता हैं ।
2. सभी नागरिकों के समान कानून बनाए जाते हैं ।
3. लोगों द्वारा राष्ट्र का गठन होता हैं और वे ही इसकी नीतियाँ तय करते हैं |
प्रश्न - फ्रांसीसी सेना का शुरूआती उत्साह शीघ्र ही लोगों में विरोध का कारण क्यों बन गया?
उत्तर - फ्रांसीसी सेना का शुरूआती उत्साह शीघ्र ही लोगों में विरोध का कारण बन गया क्योंकि जब यह साफ होने लगा कि नयी प्रशासनिक व्यवस्थाँए राजनीतिक स्वतंत्रता के अनुरूप नहीं थी । बढ़े हुए कर , सेसरशिप और बाकी यूरोप को जीतने के लिए फ्रेंच सेना में जबरन भर्ती इत्यादि प्रमुख कारण थे ।
प्रश्न - 19वीं शताब्दी में उदारवादी विचारधारा के राजनैतिक उद्देश्यों की समीक्षा कीजिए ।
उत्तर - 19वीं शताब्दी में उदारवादी विचारधारा राजनीतिक रूप से ऐसी सरकार पर जोर देती थी जो जनता की सहमति से बनी हो। फ्रांसीसी क्रांति के बाद उदारवाद निरंकुश शासकों और पादरी वर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान तथा संसदीय प्रतिनिधि सरकार का पक्षधर था। 19वीं शताब्दी के उदारवादी निजी संपत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता पर भी बल देते थे।
प्रश्न - 1830 के फ्रांसीसी विरोध के तीन परिणामों की व्याख्या करो ।
उत्तर - 1830 के फ्रांसीसी विरोध के तीन परिणाम निम्नलिखित हैं:
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लुई फिलिप का शासन स्थापित हुआ – 1830 की क्रांति के बाद फ्रांस के निरंकुश राजा चार्ल्स दसवें (Charles X) को सत्ता छोड़नी पड़ी और उसकी जगह लुई फिलिप को संवैधानिक राजा बनाया गया।
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उदारवादी शासन की स्थापना – फ्रांस में एक संवैधानिक राजतंत्र स्थापित हुआ, जिसमें जनता के प्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ी और निरंकुश शासन समाप्त हुआ।
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यूरोप में राष्ट्रवादी आंदोलनों को प्रेरणा मिली – फ्रांस की इस क्रांति से यूरोप के कई देशों में राष्ट्रवादी और उदारवादी आंदोलन शुरू हुए, जैसे बेल्जियम ने भी नीदरलैंड से स्वतंत्रता प्राप्त की।
प्रश्न - जर्मन दार्शनिक योहान गाॅटफ्रीड के विचारों की तीन बिन्दुओं में विवेचना कीजिए |
उत्तर -
1. जर्मन दार्शनिक योहान गाॅटफ्रीड ने दावा किया कि सच्ची जर्मन संस्कृति उसके आमलोगों में निहित थी |
2. राष्ट्र की सच्ची आत्मा लोकगीतों , जनकाव्य और लोकनृत्यों से प्रकट होती थी ।
3. स्थानीय बोलियों पर बल और स्थानीय लोक साहित्य को एकत्र करने का उदेश्य केवल प्राचीन भावना को वापिस लाना नहीं था बल्कि आधुनिक राष्ट्रीय संदेश को ज्यादा लोगों तक पहुँचाना था जिनमें से अधिकांश निरक्षर थे ।
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. लघु-उत्तरीय प्रश्नोत्तर 2. दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नोत्तर 3. अभ्यास प्रश्नोत्तर
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