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Chapter-गति पर बलों का प्रभाव Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 5, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-गति पर बलों का प्रभाव Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 August 2026

गति पर बलों का प्रभाव

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बल की अवधारणा एवं बल का मापन

अध्याय 6. गति पर बलों का प्रभाव

पिछले भाग में आपने जाना कि किसी वस्तु की गति में परिवर्तन का मुख्य कारण बल (Force) होता है। इस भाग में हम बल की अवधारणा, बल की विशेषताएँ, बल के परिमाण एवं दिशा, बल का SI मात्रक तथा कमानीदार तुला (Spring Balance) द्वारा बल के मापन का अध्ययन करेंगे। साथ ही यह भी समझेंगे कि बल का प्रभाव उसके परिमाण और दिशा दोनों पर निर्भर करता है।

बल की अवधारणा एवं बल का मापन

बल (Force) क्या है?

बल वह भौतिक राशि है जो किसी वस्तु की विरामावस्था (Rest), गति (Motion), गति की दिशा (Direction) अथवा आकार (Shape) में परिवर्तन कर सकती है। दैनिक जीवन में हम अनेक कार्य बल लगाकर ही करते हैं, जैसे गेंद को ठोकर मारना, बल्ले से गेंद पर प्रहार करना या किसी वस्तु को धक्का देना। 

  • बल किसी स्थिर वस्तु को गति प्रदान कर सकता है।
  • बल गतिमान वस्तु की चाल बढ़ा या घटा सकता है।
  • बल वस्तु की गति की दिशा बदल सकता है।
  • बल किसी वस्तु के आकार में भी परिवर्तन कर सकता है।

बल की प्रमुख विशेषताएँ

बल (Force) एक सदिश (Vector) भौतिक राशि है। किसी बल का पूरा वर्णन करने के लिए केवल उसका मान जानना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसकी दिशा (Direction) भी बतानी आवश्यक होती है। यदि बल का परिमाण, दिशा या दोनों बदल जाएँ तो उसका प्रभाव भी बदल जाता है। 

विशेषता विवरण
भौतिक राशि सदिश (Vector)
आवश्यक जानकारी परिमाण (Magnitude) तथा दिशा (Direction)
SI मात्रक न्यूटन (Newton)
प्रतीक N

बल का SI मात्रक (SI Unit of Force)

बल का SI मात्रक न्यूटन (Newton) है। अंग्रेज़ी में इसका पूरा नाम newton लिखा जाता है, जबकि इसका प्रतीक बड़े अक्षर N से दर्शाया जाता है। बल का परिमाण उसकी प्रबलता को व्यक्त करता है। 

बल का परिमाण कैसे मापा जाता है?

बल के परिमाण को मापने के लिए कमानीदार तुला (Spring Balance) का उपयोग किया जाता है। यह उपकरण किसी वस्तु के भार (Weight) के साथ-साथ अन्य प्रकार के बलों का परिमाण मापने में भी उपयोगी होता है। जब स्प्रिंग को खींचा जाता है, तब स्प्रिंग में उत्पन्न खिंचाव के आधार पर बल का मान ज्ञात किया जाता है। 

  • कमानीदार तुला बल मापने का सामान्य उपकरण है।
  • वस्तु का भार भी एक प्रकार का गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) है।
  • स्प्रिंग जितनी अधिक खिंचती है, बल का परिमाण उतना अधिक होता है।
  • बल का मापन न्यूटन (N) में किया जाता है।

बल के प्रभाव

बल का प्रभाव उदाहरण
गति प्रारम्भ करना स्थिर गेंद को ठोकर मारना
दिशा बदलना बल्ले से गेंद पर प्रहार करना
आकार बदलना नींबू को निचोड़ना
चाल बदलना चलती वस्तु को धक्का देना

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यदि कोई व्यक्ति एक ही वस्तु को पहले 5 N बल से और फिर 10 N बल से धक्का देता है, तो दोनों स्थितियों में परिणाम समान नहीं होंगे। इसी प्रकार यदि समान परिमाण का बल अलग-अलग दिशाओं में लगाया जाए तो वस्तु की गति भी अलग होगी। इसलिए किसी बल को समझने के लिए उसका परिमाण (Magnitude) और दिशा (Direction) दोनों जानना आवश्यक है।

Exam Booster

  • बल एक सदिश (Vector) राशि है।
  • बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
  • बल का प्रभाव उसके परिमाण तथा दिशा दोनों पर निर्भर करता है।
  • कमानीदार तुला (Spring Balance) द्वारा बल का परिमाण मापा जाता है।
  • बल किसी वस्तु की गति, दिशा, चाल तथा आकार में परिवर्तन कर सकता है।
  • CBSE में अक्सर पूछा जाता है कि बल सदिश राशि क्यों है तथा बल का SI मात्रक क्या है।
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