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Chapter-अपने परिवेश में गति का वर्णन Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : August 4, 2026

CBSE Class 9 Science Exploration Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-अपने परिवेश में गति का वर्णन Science Exploration class 9 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 04 August 2026

अपने परिवेश में गति का वर्णन

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दूरी एवं विस्थापन

अध्याय 4. अपने परिवेश में गति का वर्णन

किसी वस्तु की गति का मात्रात्मक अध्ययन करने के लिए यह जानना आवश्यक है कि उसने कितनी दूरी तय की और अपनी प्रारंभिक स्थिति से कितनी दूर पहुँची। यद्यपि दूरी (Distance) और विस्थापन (Displacement) दोनों ही किसी वस्तु के स्थान परिवर्तन से संबंधित हैं, फिर भी इनका अर्थ, मापन तथा उपयोग अलग-अलग होता है।

दूरी एवं विस्थापन

दूरी (Distance)

दूरी (Distance) वह कुल पथ (Total Path) है, जिसे कोई वस्तु एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में तय करती है। दूरी केवल पथ की लंबाई बताती है, इसमें दिशा (Direction) का कोई महत्व नहीं होता। 

  • दूरी एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है।
  • इसका केवल परिमाण (Magnitude) होता है।
  • दूरी का मान कभी ऋणात्मक नहीं होता।
  • SI मात्रक (SI Unit) मीटर (m) है।

विस्थापन (Displacement)

विस्थापन (Displacement) किसी वस्तु की प्रारंभिक स्थिति से अंतिम स्थिति तक की सबसे छोटी सीधी दूरी होती है, जिसमें दिशा (Direction) भी शामिल होती है। इसलिए विस्थापन एक सदिश राशि (Vector Quantity) है।

  • विस्थापन में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
  • यह सदैव प्रारंभिक एवं अंतिम स्थिति पर निर्भर करता है।
  • विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक अथवा शून्य हो सकता है।
  • SI मात्रक (SI Unit) मीटर (m) है।

दूरी एवं विस्थापन में अंतर

दूरी (Distance) विस्थापन (Displacement)
कुल तय किया गया पथ। प्रारंभिक एवं अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी।
अदिश राशि (Scalar)। सदिश राशि (Vector)।
दिशा की आवश्यकता नहीं होती। दिशा आवश्यक होती है।
मान हमेशा धनात्मक होता है। मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
दूरी का मान हमेशा विस्थापन के बराबर या उससे अधिक होता है। विस्थापन का मान दूरी से कभी अधिक नहीं होता।

दूरी एवं विस्थापन का संबंध

यदि कोई वस्तु बिना दिशा बदले सीधी रेखा में चलती है, तो दूरी और विस्थापन का मान समान होता है। लेकिन यदि वस्तु दिशा बदलती है या घुमावदार मार्ग से चलती है, तो दूरी का मान विस्थापन से अधिक हो जाता है। 

स्थिति परिणाम
सीधी रेखा में एक ही दिशा में गति दूरी = विस्थापन
दिशा बदलकर या घुमावदार मार्ग से गति दूरी > विस्थापन
प्रारंभिक बिंदु पर वापस आना विस्थापन = 0, लेकिन दूरी शून्य नहीं होती।

दैनिक जीवन के उदाहरण

  • यदि कोई छात्र घर से विद्यालय तक सीधे मार्ग से जाता है, तो दूरी और विस्थापन समान हो सकते हैं।
  • यदि वह घूमकर विद्यालय पहुँचता है, तो दूरी बढ़ जाएगी, लेकिन विस्थापन समान रहेगा।
  • यदि कोई धावक गोल ट्रैक का एक पूरा चक्कर लगाकर वहीं लौट आए, तो उसका विस्थापन शून्य होगा, जबकि दूरी ट्रैक की पूरी लंबाई होगी।

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कल्पना कीजिए कि आप एक पार्क के गोल रास्ते पर एक पूरा चक्कर लगाकर उसी स्थान पर वापस आ जाते हैं। आपने पूरा रास्ता तय किया, इसलिए दूरी शून्य नहीं होगी। लेकिन आपने अपनी प्रारंभिक स्थिति ही प्राप्त कर ली, इसलिए आपका विस्थापन (Displacement) शून्य होगा। यही दोनों राशियों का सबसे महत्वपूर्ण अंतर है।

Exam Booster

  • दूरी (Distance) अदिश राशि है, जबकि विस्थापन (Displacement) सदिश राशि है।
  • दूरी का मान हमेशा विस्थापन के बराबर या उससे अधिक होता है।
  • दूरी में दिशा का महत्व नहीं होता, जबकि विस्थापन में दिशा आवश्यक है।
  • एक पूरा चक्कर लगाने पर विस्थापन शून्य हो सकता है, लेकिन दूरी नहीं।
  • दूरी एवं विस्थापन का अंतर CBSE परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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