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Chapter-3. भारत की जलवायु Social Science Part-1 class 7 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 7 Social Science Part-1 Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-3. भारत की जलवायु Social Science Part-1 class 7 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 23 May 2026

3. भारत की जलवायु

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Details Notes

भारत की जलवायु

परिचय

भारत एक विशाल देश है जहाँ विभिन्न प्रकार की जलवायु पाई जाती है। कहीं अत्यधिक ठंड पड़ती है तो कहीं बहुत गर्मी होती है। कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा होती है जबकि कुछ स्थान शुष्क रहते हैं। भारत की जलवायु यहाँ की प्राकृतिक परिस्थितियों, ऋतुओं, कृषि, संस्कृति और लोगों के जीवन को प्रभावित करती है।

मौसम, ऋतु और जलवायु

मौसम किसी स्थान की दैनिक वायुमंडलीय स्थिति को कहते हैं, जैसे — वर्षा, गर्मी, ठंड या तेज हवा।

ऋतु वर्ष का वह भाग है जिसमें कुछ महीनों तक एक समान मौसम रहता है।

जलवायु किसी क्षेत्र में लंबे समय तक रहने वाले मौसम के प्रतिरूप को कहते हैं।

भारत की प्रमुख ऋतुएँ

  • वसंत ऋतु
  • ग्रीष्म ऋतु
  • वर्षा ऋतु
  • शरद ऋतु
  • हेमंत ऋतु
  • शिशिर ऋतु

भारत में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व है क्योंकि अधिकांश वर्षा मानसून से होती है।

भारत में जलवायु के प्रकार

1. अल्पाइन जलवायु

हिमालय के ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में अल्पाइन जलवायु पाई जाती है। यहाँ अत्यधिक ठंड और हिमपात होता है।

2. समशीतोष्ण जलवायु

पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाती है जहाँ ग्रीष्म ऋतु सुहावनी और शीत ऋतु ठंडी होती है।

3. उपोष्णकटिबंधीय जलवायु

उत्तरी मैदानों में यह जलवायु मिलती है जहाँ गर्मी अधिक और सर्दी ठंडी होती है।

4. शुष्क जलवायु

थार मरुस्थल में शुष्क जलवायु पाई जाती है जहाँ वर्षा बहुत कम होती है।

5. आर्द्र उष्णकटिबंधीय जलवायु

पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा और अधिक आर्द्रता वाली जलवायु पाई जाती है।

6. अर्ध-शुष्क जलवायु

दक्कन पठार के मध्य भागों में यह जलवायु मिलती है।

जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक

1. अक्षांश

भूमध्य रेखा के निकट क्षेत्रों में तापमान अधिक होता है जबकि ध्रुवों की ओर तापमान कम होता जाता है।

2. ऊँचाई

ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान कम होता जाता है। इसी कारण पर्वतीय क्षेत्र ठंडे रहते हैं।

3. समुद्र से दूरी

समुद्र के निकट क्षेत्रों का तापमान संतुलित रहता है जबकि समुद्र से दूर क्षेत्रों में तापमान का अंतर अधिक होता है।

4. पवनें

पवनें गर्म और ठंडी वायु को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं तथा वर्षा को प्रभावित करती हैं।

5. स्थलाकृति

पर्वत, पठार और मैदान जैसे भू-आकृतिक स्वरूप जलवायु को प्रभावित करते हैं। हिमालय ठंडी हवाओं को भारत में आने से रोकता है।

सूक्ष्म जलवायु

किसी छोटे क्षेत्र की स्थानीय जलवायु को सूक्ष्म जलवायु कहते हैं। शहरों में कंक्रीट की अधिकता के कारण नगरीय ऊष्मा द्वीप बन जाते हैं।

मानसून

मानसून भारत की जलवायु का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। मानसून शब्द अरबी भाषा के “मौसिम” शब्द से बना है जिसका अर्थ है ऋतु।

गर्मियों में स्थल भाग जल्दी गर्म हो जाता है जिससे निम्न दबाव बनता है। समुद्र से आने वाली नम हवाएँ भारत में भारी वर्षा कराती हैं।

दक्षिण-पश्चिम मानसून

यह मानसून जून महीने में भारत में प्रवेश करता है और अधिकांश वर्षा कराता है। पश्चिमी घाट के कारण पश्चिमी तट पर भारी वर्षा होती है।

उत्तर-पूर्व मानसून

शीत ऋतु में पवनों की दिशा बदल जाती है। ये हवाएँ बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर दक्षिण-पूर्व भारत में वर्षा कराती हैं।

मौसिनराम

मेघालय का मौसिनराम विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान माना जाता है।

जलवायु और हमारा जीवन

जलवायु का प्रभाव मानव जीवन, पहनावे, भोजन, आवास और संस्कृति पर पड़ता है।

  • त्योहार ऋतुओं से जुड़े होते हैं।
  • कृषि मानसून पर निर्भर करती है।
  • फसलों का उत्पादन मौसम के अनुसार बदलता है।

जलवायु और अर्थव्यवस्था

यदि मानसून कम हो जाए तो सूखा पड़ सकता है जिससे कृषि उत्पादन कम हो जाता है। खाद्यान्न महँगे हो जाते हैं और लोगों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है।

जलवायु संबंधी आपदाएँ

1. चक्रवात

निम्न दबाव क्षेत्र के कारण समुद्र के ऊपर चक्रवात बनते हैं। तेज हवाएँ और भारी वर्षा इसके मुख्य लक्षण हैं।

चक्रवात का शांत केंद्र “चक्रवात की आँख” कहलाता है।

2. बाढ़

अत्यधिक वर्षा या जल निकासी बाधित होने पर बाढ़ आती है। असम, बिहार और केरल जैसे राज्य बाढ़ से अधिक प्रभावित होते हैं।

3. हिमनदीय विस्फोट

हिमनदों के तेजी से पिघलने के कारण अचानक बाढ़ आ सकती है जिसे हिमनदीय विस्फोट कहते हैं।

4. भूस्खलन

भारी वर्षा, भूकंप या वनों की कटाई के कारण मिट्टी और चट्टानों का खिसकना भूस्खलन कहलाता है।

5. दावानल

जंगलों में लगने वाली अनियंत्रित आग को दावानल कहते हैं।

आपदा प्रबंधन

भारत में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव और राहत कार्य करता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग

भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम की जानकारी, चेतावनी और पूर्वानुमान जारी करता है।

जलवायु परिवर्तन

मानवीय गतिविधियों के कारण विश्व की जलवायु में परिवर्तन हो रहा है। तापमान बढ़ना, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि इसके प्रभाव हैं।

निष्कर्ष

भारत की जलवायु अत्यंत विविधतापूर्ण है। मानसून भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था का आधार है। जलवायु का अध्ययन हमें प्राकृतिक परिस्थितियों को समझने और आपदाओं से बचाव करने में सहायता करता है।

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