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Chapter-Chapter 2. पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन Science Curiosity class 7 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 7 Science Curiosity Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 2. पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन Science Curiosity class 7 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 10 April 2026

Chapter 2. पदार्थों का अन्वेषण अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन

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Important Notes

परिचय: हमारे आसपास कई प्रकार के पदार्थ पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ का स्वाद खट्टा होता है, कुछ कड़वा और कुछ बिल्कुल सामान्य। इन पदार्थों को उनके गुणों के आधार पर अम्ल (Acid), क्षार (Base) और उदासीन (Neutral) पदार्थों में वर्गीकृत किया जाता है।

यह वर्गीकरण केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके रासायनिक गुण, व्यवहार और प्रतिक्रियाएँ भी अलग-अलग होती हैं। इन्हें समझना विज्ञान के लिए ही नहीं बल्कि दैनिक जीवन के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।

अम्ल (Acid) का विस्तृत अध्ययन: अम्ल वे पदार्थ हैं जिनका स्वाद खट्टा होता है और जो नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।

अम्ल प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों प्रकार के हो सकते हैं।

  • प्राकृतिक अम्ल: नींबू (सिट्रिक अम्ल), सिरका (एसिटिक अम्ल)
  • कृत्रिम अम्ल: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल

विशेष गुण:

  • स्वाद खट्टा होता है
  • नीले लिटमस को लाल करते हैं
  • कुछ अम्ल संक्षारक होते हैं (त्वचा को नुकसान पहुँचा सकते हैं)

क्षार (Base) का विस्तृत अध्ययन: क्षार वे पदार्थ हैं जिनका स्वाद कड़वा होता है और जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।

ये पदार्थ छूने पर चिकने या साबुन जैसे महसूस होते हैं।

  • साबुन, डिटर्जेंट, चूना पानी इसके उदाहरण हैं

विशेष गुण:

  • स्वाद कड़वा होता है
  • स्पर्श में चिकना
  • लाल लिटमस को नीला करते हैं

उदासीन पदार्थ: ऐसे पदार्थ जो न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारीय, उदासीन कहलाते हैं।

उदाहरण: शुद्ध जल

ये पदार्थ किसी भी सूचक का रंग नहीं बदलते।

महत्वपूर्ण समझ: केवल स्वाद से पहचान करना सही नहीं है, इसलिए सूचकों का उपयोग किया जाता है।

सूचक (Indicators) का विस्तृत अध्ययन: कई बार हम किसी पदार्थ का स्वाद लेकर यह नहीं जान सकते कि वह अम्ल है या क्षार, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। इसलिए वैज्ञानिक सूचकों का उपयोग करते हैं।

सूचक ऐसे पदार्थ होते हैं जो अम्ल और क्षार के संपर्क में आने पर अपना रंग बदलते हैं और उनकी प्रकृति बता देते हैं।

प्राकृतिक सूचक:

  • लिटमस: यह सबसे सामान्य सूचक है। अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है।
  • हल्दी: क्षार में लाल-भूरा रंग देती है, लेकिन अम्ल में पीली ही रहती है।
  • गुड़हल (China rose): अम्ल में गहरा गुलाबी और क्षार में हरा रंग दिखाता है।

कृत्रिम सूचक:

  • फिनॉल्फ्थेलीन: क्षार में गुलाबी हो जाता है, अम्ल में रंगहीन रहता है।
  • मिथाइल ऑरेंज: अम्ल में लाल और क्षार में पीला हो जाता है।

महत्व: सूचक हमें बिना किसी जोखिम के पदार्थों की पहचान करने में मदद करते हैं।

उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब अम्ल और क्षार आपस में मिलते हैं, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं। इस प्रक्रिया को उदासीनीकरण कहते हैं।

सामान्य रूप: अम्ल + क्षार → लवण + जल

उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O

इस अभिक्रिया में अम्ल और क्षार मिलकर एक नया पदार्थ (लवण) और जल बनाते हैं।

दैनिक जीवन में उदासीनीकरण:

  • पेट की अम्लता: जब पेट में अधिक अम्ल बनता है, तो एंटासिड (क्षार) लिया जाता है।
  • मिट्टी का उपचार: अम्लीय मिट्टी में चूना (क्षार) मिलाया जाता है।
  • कीट के डंक: चींटी के डंक (अम्ल) पर बेकिंग सोडा (क्षार) लगाया जाता है।

महत्वपूर्ण समझ: उदासीनीकरण संतुलन की प्रक्रिया है, जहाँ अम्ल और क्षार एक-दूसरे को निष्क्रिय कर देते हैं।

दैनिक जीवन में अम्ल, क्षार और लवण का उपयोग: हमारे जीवन में अम्ल, क्षार और लवण का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। हम रोज़ाना इनका उपयोग कई तरीकों से करते हैं।

  • भोजन में: नींबू, दही, सिरका जैसे पदार्थ अम्लीय होते हैं।
  • सफाई में: साबुन और डिटर्जेंट क्षारीय होते हैं, जो गंदगी हटाते हैं।
  • दवाइयों में: एंटासिड पेट की अम्लता को कम करने में मदद करते हैं।
  • कृषि में: मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए चूना या खाद का उपयोग किया जाता है।

लवण (Salts) का महत्व: लवण केवल खाने के लिए ही नहीं बल्कि कई रासायनिक प्रक्रियाओं में भी उपयोगी होते हैं।

  • साधारण नमक (NaCl) भोजन का स्वाद बढ़ाता है
  • बेकिंग सोडा खाना बनाने में उपयोग होता है
  • वॉशिंग सोडा सफाई में उपयोग होता है

सुरक्षा सावधानियाँ: अम्ल और क्षार के साथ काम करते समय सावधानी रखना बहुत आवश्यक है।

  • कभी भी किसी अज्ञात पदार्थ का स्वाद नहीं लेना चाहिए
  • रसायनों को सीधे हाथ से नहीं छूना चाहिए
  • आँखों और त्वचा को सुरक्षित रखना चाहिए
  • प्रयोगशाला में नियमों का पालन करना चाहिए

खतरनाक प्रभाव: कुछ अम्ल और क्षार बहुत अधिक संक्षारक होते हैं और त्वचा या वस्तुओं को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

समग्र समझ (Overall Understanding): अम्ल, क्षार और लवण विज्ञान के महत्वपूर्ण भाग हैं। इनके गुण, अभिक्रियाएँ और उपयोग हमारे जीवन को आसान और सुरक्षित बनाते हैं।

यदि हम इनके सही उपयोग और सावधानियों को समझते हैं, तो हम इनका बेहतर तरीके से उपयोग कर सकते हैं।

Final Key Concept: अम्ल + क्षार → लवण + जल = संतुलन (Neutralization)

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