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Chapter-महासागर एवं महाद्वीप Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : September 11, 2026

CBSE Class 6 Social Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-महासागर एवं महाद्वीप Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 11 September 2026

महासागर एवं महाद्वीप

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महासागर और महाद्वीप

अध्याय 2. महासागर एवं महाद्वीप

महासागर

  • महासागर – पृथ्वी की सतह पर फैली विशाल जलराशियों को महासागर कहते हैं।
  • पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका हुआ है।
  • अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीली दिखाई देती है, इसलिए इसे नीला ग्रह कहा जाता है।

महाद्वीप

  • महाद्वीप – भूमि के बहुत बड़े और निरंतर विस्तार को महाद्वीप कहते हैं।
  • पृथ्वी की सतह का लगभग एक-चौथाई भाग भूमि से ढका हुआ है।
  • महाद्वीप और महासागर पृथ्वी की जलवायु तथा जीवन को प्रभावित करते हैं।

महासागर एवं महाद्वीप का महत्व

  • महासागर और महाद्वीप पृथ्वी की जलवायु के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • ये मानव, पशु-पक्षी और पौधों सहित सभी प्रकार के जीवन को प्रभावित करते हैं।
  • इनका प्रभाव हमारे दैनिक जीवन, इतिहास और संस्कृति पर भी दिखाई देता है।

पृथ्वी पर जल एवं भूमि का वितरण

  • पृथ्वी पर महासागर और महाद्वीप उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्ध में समान रूप से वितरित नहीं हैं।
  • दक्षिणी गोलार्ध में उत्तरी गोलार्ध की तुलना में जल का विस्तार अधिक है।
  • महासागर आपस में जुड़े हुए हैं और उनका जल एक महासागर से दूसरे महासागर में बहता रहता है।

महासागरों की संख्या

  • विश्व में सामान्यतः पाँच महासागर माने जाते हैं।
  • प्रशांत महासागर – सबसे बड़ा महासागर।
  • अटलांटिक महासागर – दूसरा सबसे बड़ा महासागर।
  • हिंद महासागर – तीसरा सबसे बड़ा महासागर।
  • दक्षिणी महासागर – चौथा सबसे बड़ा महासागर।
  • आर्कटिक महासागर – सबसे छोटा महासागर।

पाँच महासागर

क्रम महासागर का नाम विशेषता
1 प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर
2 अटलांटिक महासागर दूसरा सबसे बड़ा महासागर
3 हिंद महासागर तीसरा सबसे बड़ा महासागर
4 दक्षिणी महासागर चौथा सबसे बड़ा महासागर
5 आर्कटिक महासागर सबसे छोटा महासागर

महासागरों की सीमाएँ

  • महासागरों को पाँच अलग-अलग नामों से जाना जाता है, लेकिन वे वास्तव में पूरी तरह अलग-अलग जलराशियाँ नहीं हैं।
  • महासागरों की सीमाएँ मुख्यतः सुविधा और प्रचलन के आधार पर निर्धारित की गई हैं।
  • प्राकृतिक रूप से महासागरों का जल आपस में जुड़ा हुआ है।

हिंद महासागर

  • हिंद महासागर के उत्तर में एशिया स्थित है।
  • हिंद महासागर के पश्चिम में अफ्रीका स्थित है।
  • हिंद महासागर के पूर्व में ऑस्ट्रेलिया स्थित है।
  • हिंद महासागर के दक्षिण में दक्षिणी महासागर स्थित है।

भारत और हिंद महासागर

  • भारत के पश्चिम में अरब सागर स्थित है।
  • भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है।
  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर के ही भाग हैं।
  • भारत के प्रमुख द्वीप समूहों में लक्षद्वीप तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

समुद्री जीवन

  • महासागरों में विभिन्न प्रकार के पौधे और जीव-जंतु पाए जाते हैं।
  • समुद्री वनस्पति – समुद्र में पाए जाने वाले पौधों और शैवाल आदि को समुद्री वनस्पति कहा जाता है।
  • समुद्री प्राणि जगत – समुद्र में पाए जाने वाले विभिन्न जीव-जंतुओं को समुद्री प्राणि जगत कहा जाता है।
  • महासागरों में मछलियाँ, डॉल्फिन, ह्वेल, शार्क, समुद्री कछुए और अनेक अन्य जीव पाए जाते हैं।
  • समुद्र की सतह से लेकर गहरी अंधेरी गहराइयों तक विभिन्न प्रकार के जीवन पाए जाते हैं।

लवणीय जल

  • लवणीय जल – नमक युक्त खारे जल को लवणीय जल कहते हैं।
  • पृथ्वी पर उपलब्ध जल का अधिकांश भाग महासागरों में लवणीय जल के रूप में पाया जाता है।
  • लवणीय जल मानव सहित अधिकांश स्थलीय जीवों के सीधे उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं है।

अलवणीय जल

  • अलवणीय जल – मीठे या पेय जल को अलवणीय जल कहते हैं।
  • पृथ्वी के कुल जल संसाधनों में अलवणीय जल का हिस्सा बहुत कम है।
  • अलवणीय जल हिमनदों, नदियों, झीलों, वायुमंडल और भूमिगत जल के रूप में पाया जाता है।

जल की कमी

  • पृथ्वी पर जल की मात्रा बहुत अधिक होने के बावजूद उपयोग योग्य अलवणीय जल बहुत कम है।
  • इसी कारण अनेक स्थानों पर जल की कमी और जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है।
  • जल का संरक्षण करना आवश्यक है ताकि भविष्य के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रह सके।

महासागर और वर्षा

  • महासागर बादलों के निर्माण और वर्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • भारत में होने वाली मानसूनी वर्षा का संबंध महासागरों से है।
  • महासागरों से होने वाली वर्षा पृथ्वी के जलचक्र का महत्वपूर्ण भाग है।

महासागर और जलवायु

  • महासागर पृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • महासागर और महाद्वीप मिलकर पृथ्वी के पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
  • महासागरों के बिना पर्याप्त वर्षा न होने के कारण पृथ्वी का बड़ा भाग मरुस्थल बन सकता है।

महत्वपूर्ण शब्द

शब्द अर्थ
महासागर पृथ्वी पर फैली विशाल जलराशि
महाद्वीप भूमि का विशाल और निरंतर विस्तार
लवणीय जल नमक युक्त खारा जल
अलवणीय जल मीठा या पेय जल
समुद्री वनस्पति समुद्र में पाए जाने वाले पौधे और शैवाल
समुद्री प्राणि जगत समुद्र में पाए जाने वाले जीव-जंतु

त्वरित पुनरावृत्ति

  • पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है।
  • पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है।
  • विश्व में पाँच महासागर माने जाते हैं।
  • प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर है।
  • आर्कटिक महासागर सबसे छोटा महासागर है।
  • भारत के पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी है।
  • महासागरों का अधिकांश जल लवणीय है।
  • अलवणीय जल की मात्रा बहुत कम है।
  • महासागर वर्षा और जलवायु को प्रभावित करते हैं।
  • महासागर विभिन्न प्रकार के समुद्री जीवन का आधार हैं।
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