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Chapter-कार्य का महत्त्व Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes


Last Updated : September 19, 2026

CBSE Class 6 Social Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-कार्य का महत्त्व Social Science class 6 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 19 September 2026

कार्य का महत्त्व

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मूल्य संवर्धन

अध्याय 13. कार्य का महत्त्व

इस भाग में कार्य के आर्थिक पक्ष से आगे बढ़कर मूल्य संवर्धन, कौशल और श्रम के महत्व, सेवा तथा सामुदायिक सहभागिता को समझेंगे।

मूल्य संवर्धन

मूल्य संवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी वस्तु को उपयोगी या अधिक मूल्यवान रूप में बदलने पर उसके मूल्य में वृद्धि होती है।

  • वस्तु के निर्माण में कच्चे माल के साथ श्रम, कौशल, समय और प्रयास जुड़ते हैं।
  • इन प्रक्रियाओं के कारण तैयार वस्तु का मूल्य बढ़ सकता है।
  • मूल्य संवर्धन आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण भाग है।

राजेश का उदाहरण

  • राजेश एक बढ़ई हैं।
  • उन्होंने बाजार से ₹600 की लकड़ी खरीदी।
  • उन्होंने विशेष उपकरणों की सहायता से लकड़ी से कुर्सी बनाई।
  • प्रत्येक कुर्सी को उन्होंने ₹1000 में बेचा।
  • लकड़ी की लागत = ₹600।
  • कुर्सी का बिक्री मूल्य = ₹1000।
  • अंतर = ₹400।
  • यह ₹400 उनके कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाता है।
  • लकड़ी से फर्नीचर बनाकर राजेश ने लकड़ी का मूल्य संवर्धन किया।

मूल्य संवर्धन और कौशल

  • किसी वस्तु को उपयोगी रूप में बदलने के लिए कौशल की आवश्यकता होती है।
  • कार्यकर्ता का समय और श्रम भी उत्पादन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होते हैं।
  • कौशल, समय और प्रयास वस्तु के अंतिम मूल्य में योगदान कर सकते हैं।

आर्थिक गतिविधि और भुगतान

राजेश के उदाहरण में लकड़ी खरीदने से लेकर तैयार कुर्सी बेचने तक की गतिविधियों में भुगतान शामिल है। इसलिए ये गतिविधियाँ आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा हैं।

  • कच्चे माल की खरीद → भुगतान
  • वस्तु का निर्माण → श्रम और कौशल
  • तैयार वस्तु की बिक्री → आय
  • वस्तु का मूल्य → उत्पादन प्रक्रिया के साथ बढ़ सकता है

सेवा का महत्त्व

सेवा का अर्थ किसी व्यक्ति या समुदाय की सहायता करना या उसके लिए उपयोगी कार्य करना है। सेवा का उद्देश्य हमेशा धन प्राप्त करना नहीं होता।

  • किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना।
  • बच्चों को निःशुल्क पढ़ाना।
  • सामुदायिक कार्यों में स्वयंसेवा करना।
  • परिवार के सदस्यों की सहायता करना।
  • सार्वजनिक हित के कार्यों में सहयोग करना।

स्वैच्छिक कार्य

स्वैच्छिक कार्य वह कार्य है जिसे व्यक्ति अपनी इच्छा से करता है और जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ प्राप्त करना नहीं होता।

  • रोहन सप्ताहांत में युवा विकास कार्यक्रम में स्वेच्छा से कंप्यूटर संबंधी कौशल सिखाता है।
  • उसे इस कार्य के लिए आर्थिक भुगतान नहीं मिलता।
  • इसलिए यह गैर-आर्थिक गतिविधि का उदाहरण है।

परिवार में कार्य और सहयोग

  • परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग प्रकार के कार्य कर सकते हैं।
  • कुछ सदस्य घर के बाहर आर्थिक गतिविधियों में लगे हो सकते हैं।
  • परिवार के सदस्य घर के कामों में भी एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
  • घर का काम आर्थिक भुगतान के बिना किया जा सकता है, फिर भी उसका परिवार के जीवन में महत्वपूर्ण मूल्य होता है।

माता-पिता के कार्य

  • अध्याय की कहानी में माता-पिता दुकान चलाते हैं।
  • पिता सुबह दुकान जाते हैं।
  • माँ विद्यालय जाने के बाद दुकान में सहयोग करती हैं।
  • माँ एक स्वैच्छिक समूह के साथ भी कार्य करती हैं, जहाँ महिलाओं को सिलाई सिखाई जाती है।

आर्थिक और गैर-आर्थिक कार्य साथ-साथ

एक व्यक्ति अपने जीवन में आर्थिक और गैर-आर्थिक दोनों प्रकार की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। किसी व्यक्ति का एक कार्य आर्थिक हो सकता है, जबकि उसी व्यक्ति का दूसरा कार्य सेवा या स्वयंसेवा के कारण गैर-आर्थिक हो सकता है।

व्यक्ति कार्य गतिविधि का प्रकार
गीता मौसी वायुसेना में विमान चालक आर्थिक
रोहन सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य आर्थिक
रोहन युवा विकास कार्यक्रम में स्वेच्छा से कौशल सिखाना गैर-आर्थिक
माँ स्वैच्छिक समूह में महिलाओं को सिलाई सिखाना गैर-आर्थिक

सेवा और आर्थिक गतिविधि में अंतर

आधार आर्थिक गतिविधि सेवा/गैर-आर्थिक गतिविधि
मुख्य उद्देश्य आय या मौद्रिक मूल्य सहायता, सेवा या सामाजिक योगदान
भुगतान आमतौर पर भुगतान शामिल होता है आर्थिक भुगतान आवश्यक नहीं
उदाहरण नौकरी, व्यापार, फर्नीचर बेचना निःशुल्क पढ़ाना, स्वयंसेवा

सामुदायिक सहभागिता

सामुदायिक सहभागिता का अर्थ है समुदाय के लोगों का मिलकर ऐसे कार्यों में भाग लेना जिनसे समुदाय या समाज को लाभ हो।

  • सामुदायिक कार्यों में लोगों का सहयोग।
  • सार्वजनिक स्थानों की सफाई।
  • वृक्षारोपण में भाग लेना।
  • जरूरतमंद लोगों की सहायता करना।
  • सामूहिक कार्यक्रमों में सहयोग करना।

सेवा और सामुदायिक जीवन

  • सेवा की भावना लोगों को एक-दूसरे की सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।
  • सामुदायिक कार्यों में कई लोग मिलकर योगदान दे सकते हैं।
  • ऐसे कार्यों से समुदाय के सदस्यों के बीच सहयोग की भावना विकसित होती है।
  • सामुदायिक सहभागिता समाज के कल्याण में योगदान देती है।

लंगर और सेवा

गुरुद्वारों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन कराया जाता है। यह सामूहिक सेवा और सहयोग का उदाहरण है।

  • लोग मिलकर भोजन तैयार करते हैं।
  • लोग भोजन परोसने और अन्य कार्यों में सहयोग करते हैं।
  • सेवा में सामुदायिक भागीदारी दिखाई देती है।

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान के संदर्भ में सामुदायिक सहभागिता का महत्व समझा जा सकता है। जब नागरिक अपने घरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता में सहयोग करते हैं, तो सामूहिक प्रयास से स्वच्छ वातावरण बनाने में सहायता मिलती है।

वन महोत्सव

वन महोत्सव वृक्षारोपण और पेड़ों के महत्व के प्रति जागरूकता से संबंधित गतिविधियों का उदाहरण है। इसमें सामुदायिक स्तर पर लोग मिलकर वृक्षारोपण जैसे कार्यों में भाग ले सकते हैं।

कार्य का व्यक्तिगत महत्त्व

  • कार्य व्यक्ति को अपने कौशल का उपयोग करने का अवसर देता है।
  • कार्य के माध्यम से व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आय प्राप्त कर सकता है।
  • कार्य से व्यक्ति परिवार और समाज में योगदान देता है।
  • सेवा और गैर-आर्थिक कार्य व्यक्ति के सामाजिक जीवन में योगदान करते हैं।

कार्य का सामाजिक महत्त्व

  • विभिन्न लोग अलग-अलग कार्य करके समाज की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
  • किसान भोजन उपलब्ध कराने में योगदान देता है।
  • शिक्षक शिक्षा प्रदान करता है।
  • चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है।
  • कारीगर उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करता है।
  • स्वयंसेवक सामाजिक कार्यों में योगदान देता है।

कार्य और परस्पर निर्भरता

समाज में अलग-अलग लोग अलग-अलग प्रकार के कार्य करते हैं। इसलिए हमारी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हम अनेक लोगों के कार्यों पर निर्भर रहते हैं।

  • किसान → खाद्य पदार्थों का उत्पादन।
  • कारीगर → उपयोगी वस्तुओं का निर्माण।
  • व्यापारी → वस्तुओं की बिक्री।
  • शिक्षक → शिक्षा।
  • चिकित्सक → स्वास्थ्य सेवा।
  • चालक → परिवहन सेवा।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • मूल्य संवर्धन: किसी वस्तु को अधिक उपयोगी या मूल्यवान रूप में बदलने पर उसके मूल्य में होने वाली वृद्धि।
  • सेवा: किसी व्यक्ति या समुदाय के लिए सहायता या उपयोगी कार्य करना।
  • स्वैच्छिक कार्य: अपनी इच्छा से बिना मुख्य आर्थिक लाभ के किया गया कार्य।
  • सामुदायिक सहभागिता: समुदाय के लोगों द्वारा मिलकर समाजोपयोगी कार्यों में भाग लेना।
  • वेतन: कर्मचारी को नियमित रूप से दिया जाने वाला निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी: किसी विशेष समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को दिया जाने वाला भुगतान।
  • शुल्क: किसी सेवा या व्यावसायिक परामर्श के बदले किया गया भुगतान।

महत्वपूर्ण अंतर

मूल्य संवर्धन मूल्य
वस्तु के रूप या उपयोग में परिवर्तन के कारण उसके मूल्य में वृद्धि की प्रक्रिया। वस्तु का मौद्रिक मूल्य या उससे मिलने वाला लाभ।

 

वेतन मजदूरी
कर्मचारी को नियमित रूप से, सामान्यतः प्रतिमाह, किया जाने वाला निश्चित भुगतान। विशेष समय अवधि के कार्य के लिए श्रमिक को किया जाने वाला भुगतान।

 

Exam Facts

  • आर्थिक गतिविधियाँ → धन या मौद्रिक मूल्य से संबंधित।
  • गैर-आर्थिक गतिविधियाँ → सेवा, प्रेम, स्नेह, कर्तव्य आदि से संबंधित।
  • वस्तु का नकद मूल्य → वस्तु का व्यक्ति द्वारा तय किया गया मौद्रिक मूल्य।
  • बाजार → वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन का स्थान।
  • शुल्क → सेवा या व्यावसायिक परामर्श का भुगतान।
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान।
  • मजदूरी → विशेष समय अवधि के कार्य का भुगतान।
  • वस्तु के रूप में भुगतान → धन के बजाय वस्तु के रूप में भुगतान।
  • राजेश ने ₹600 की लकड़ी से ₹1000 की कुर्सी बनाई।
  • राजेश के उदाहरण में ₹400 उनके कौशल, समय और प्रयास के मौद्रिक मूल्य को दर्शाते हैं।
  • लकड़ी से फर्नीचर बनाना → मूल्य संवर्धन।
  • रोहन का सप्ताहांत में स्वेच्छा से कंप्यूटर कौशल सिखाना → गैर-आर्थिक गतिविधि।
  • सेवा और स्वयंसेवा → सामुदायिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान।

Quick Revision

  • आर्थिक गतिविधि → आय/मौद्रिक मूल्य
  • गैर-आर्थिक गतिविधि → सेवा/प्रेम/कर्तव्य
  • वेतन → नियमित निश्चित भुगतान
  • मजदूरी → विशेष समय के कार्य का भुगतान
  • शुल्क → सेवा का भुगतान
  • वस्तु के रूप में भुगतान → वस्तु द्वारा पारिश्रमिक
  • मूल्य संवर्धन → वस्तु के मूल्य में वृद्धि
  • सेवा → दूसरों की सहायता या उपयोगी कार्य
  • स्वैच्छिक कार्य → अपनी इच्छा से किया गया गैर-आर्थिक कार्य
  • सामुदायिक सहभागिता → मिलकर समाजोपयोगी कार्य करना
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