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Chapter-Chapter 4. चुंबकों को जानें Science Curiosity class 6 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 6 Science Curiosity Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 4. चुंबकों को जानें Science Curiosity class 6 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 09 July 2026

Chapter 4. चुंबकों को जानें

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CBSE Full Notes

Chapter 4. चुंबकों को जानें

चुंबक मानव द्वारा खोजी गई सबसे उपयोगी प्राकृतिक घटनाओं में से एक है। आज कंपास, मोटर, जनरेटर, स्पीकर, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, फ्रिज, एमआरआई मशीन तथा अनेक आधुनिक उपकरण चुंबक के सिद्धांत पर कार्य करते हैं। इस अध्याय में हम चुंबकों के गुण, प्रकार, ध्रुव, चुंबकीय क्षेत्र तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोगों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

Detailed Notes (विस्तृत अध्ययन नोट्स)

चुंबक एक ऐसा पदार्थ है जो कुछ विशेष धातुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं तथा उसके चारों ओर एक अदृश्य चुंबकीय क्षेत्र होता है। चुंबकों के इन्हीं गुणों के कारण उनका उपयोग विज्ञान, उद्योग, चिकित्सा, परिवहन तथा दैनिक जीवन में व्यापक रूप से किया जाता है।

चुंबक (Magnet)

चुंबक वह पदार्थ है जो लोहा, निकेल तथा कोबाल्ट जैसी धातुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। चुंबकों में आकर्षण तथा प्रतिकर्षण दोनों गुण पाए जाते हैं। प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं और इन्हें अलग नहीं किया जा सकता।

चुंबकों का इतिहास

ऐसा माना जाता है कि बहुत पहले यूनान (ग्रीस) के मैग्नेशिया नामक स्थान पर एक विशेष पत्थर पाया गया, जो लोहे की वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करता था। इसी पत्थर को लोहरेतन (Magnetite) कहा गया और बाद में इसी से चुंबक शब्द का विकास हुआ।

चुंबकों के प्रकार

1. प्राकृतिक चुंबक (Natural Magnet)

प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबकों को प्राकृतिक चुंबक कहते हैं। इनका प्रमुख उदाहरण लोहरेतन (Magnetite) है।

विशेषताएँ

  • प्रकृति में स्वयं पाए जाते हैं।
  • इनकी चुंबकीय शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है।
  • इनका आकार अनियमित होता है।

2. कृत्रिम चुंबक (Artificial Magnet)

मनुष्य द्वारा विभिन्न आकारों एवं आवश्यकताओं के अनुसार बनाए गए चुंबकों को कृत्रिम चुंबक कहते हैं।

मुख्य प्रकार

  • छड़ चुंबक (Bar Magnet)
  • U-आकार चुंबक (Horseshoe Magnet)
  • वलय चुंबक (Ring Magnet)
  • बेलनाकार चुंबक (Cylindrical Magnet)
  • डिस्क चुंबक (Disc Magnet)

चुंबकीय एवं अचुंबकीय पदार्थ

सभी पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते। आकर्षण के आधार पर पदार्थों को दो वर्गों में बाँटा जाता है।

चुंबकीय पदार्थ अचुंबकीय पदार्थ
चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं। चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते।
लोहा लकड़ी
निकेल प्लास्टिक
कोबाल्ट काँच
इस्पात रबर

चुंबक के ध्रुव (Magnetic Poles)

चुंबक के दोनों सिरों पर चुंबकीय बल सबसे अधिक होता है। इन्हें चुंबकीय ध्रुव कहते हैं।

  • उत्तरी ध्रुव (North Pole)
  • दक्षिणी ध्रुव (South Pole)

यदि किसी चुंबक को धागे से स्वतंत्र रूप से लटकाया जाए, तो उसका एक सिरा उत्तर दिशा तथा दूसरा सिरा दक्षिण दिशा की ओर स्थिर हो जाता है।

चुंबकों के ध्रुवों का व्यवहार

  • समान ध्रुव (N-N या S-S) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
  • असमान ध्रुव (N-S) एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

याद रखें

  • Like Poles → Repel
  • Unlike Poles → Attract

चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field)

चुंबक के चारों ओर का वह अदृश्य क्षेत्र जहाँ तक उसका प्रभाव कार्य करता है, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।

इस क्षेत्र को लोहे के बुरादे (Iron Filings) की सहायता से आसानी से देखा जा सकता है। बुरादा चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार व्यवस्थित हो जाता है।

पृथ्वी एक विशाल चुंबक

पृथ्वी का अपना चुंबकीय क्षेत्र होता है। इसी कारण स्वतंत्र रूप से लटकाया गया चुंबक उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थिर हो जाता है। यही सिद्धांत कंपास के कार्य करने का आधार है।

चुंबकीय दिक्सूचक (Compass)

कंपास दिशा ज्ञात करने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें एक छोटी चुंबकीय सुई होती है जो कम घर्षण पर स्वतंत्र रूप से घूम सकती है।

उपयोग

  • दिशा ज्ञात करने में।
  • नौवहन में।
  • पर्वतारोहण में।
  • यात्रा एवं सर्वेक्षण कार्यों में।

चुंबकों के दैनिक जीवन में उपयोग

  • फ्रिज के दरवाजों में।
  • स्पीकर एवं हेडफोन में।
  • मोबाइल फोन में।
  • विद्युत मोटर एवं जनरेटर में।
  • कंप्यूटर हार्ड डिस्क में।
  • एमआरआई मशीन में।
  • चुंबकीय खिलौनों में।
  • बैग एवं पर्स की चुंबकीय क्लिप में।

चुंबकों की देखभाल

  • चुंबक को बार-बार गिराना नहीं चाहिए।
  • हथौड़े से नहीं मारना चाहिए।
  • अधिक गर्म नहीं करना चाहिए।
  • बार चुंबकों को कीपर लगाकर रखना चाहिए।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं एटीएम/क्रेडिट कार्ड से दूर रखना चाहिए।

Interesting Facts (रोचक तथ्य)

  • पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह कार्य करती है।
  • यदि चुंबक को बीच से तोड़ा जाए, तब भी दोनों टुकड़ों में दो-दो ध्रुव बन जाते हैं।
  • अब तक केवल एक ध्रुव वाला चुंबक (Magnetic Monopole) प्राकृतिक रूप से नहीं मिला है।
  • मोबाइल, स्पीकर, इलेक्ट्रिक बेल तथा मोटर सभी चुंबक के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।

Remember Points (याद रखने योग्य बातें)

  • प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं।
  • समान ध्रुव प्रतिकर्षित तथा असमान ध्रुव आकर्षित करते हैं।
  • चुंबकीय बल ध्रुवों पर सबसे अधिक होता है।
  • कंपास दिशा ज्ञात करने का सबसे सरल उपकरण है।
  • पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र कंपास को कार्य करने में सहायता करता है।
  • चुंबकों का उपयोग आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में होता है।

Chapter Summary (अध्याय सारांश)

चुंबक एक ऐसा पदार्थ है जो कुछ विशेष धातुओं को आकर्षित करता है। यह प्राकृतिक तथा कृत्रिम दोनों प्रकार का हो सकता है। प्रत्येक चुंबक में उत्तरी एवं दक्षिणी दो ध्रुव होते हैं। समान ध्रुव प्रतिकर्षित तथा असमान ध्रुव आकर्षित करते हैं। चुंबकीय क्षेत्र, कंपास तथा पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र चुंबकत्व की महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। आज चुंबकों का उपयोग घरेलू वस्तुओं से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों तक लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है।

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