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Chapter-2. उपभोक्ता संतुलन Micro Economics class 12 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 12 Micro Economics Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-2. उपभोक्ता संतुलन Micro Economics class 12 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 March 2026

2. उपभोक्ता संतुलन

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उपयोगिता

 

उपभोक्ता संतुलन - उपयोगिता विश्लेषण  

उपयोगिता: किसी वस्तु में मानवीय आवश्यकताओं को संतुष्ट करने की क्षमता को उपयोगिता कहते है |

अर्थात जब कोई वस्तु किसी मनुष्य की आवश्यकता को पूरा करता है तो वह उसकी उपयोगिता कहलाता है | 

उपयोगिता की मात्रात्मक माप कठिन है परंतु इसे संतुष्टि या आनंद की इकाइयों में मापा जाता है जिसे युटिल (util) कहते है | 

उपभोक्ता संतुलन के आधार पर उपयोगिता की दो अवधारणायें हैं -

(1) सीमांत उपयोगिता (Marginal Utility): किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से, कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि को सीमांत उपयोगिता कहते है |

दुसरे शब्दों में, किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई का उपभोग करने से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त संतुष्टि को सीमांत उपयोगिता कहते है |

सीमांत उपयोगिता  (MU) = TU- TUn-1 

उदाहरण1: 5 वस्तुओं की कुल उपयोगिता 27 है यदि 1 अतिरिक्त वस्तु (6 वीं ) वस्तु की कुल उपयोगिता 30 है तो सीमांत उपयोगिता ज्ञात कीजिये |

हल:  ΔX = 6 - 5 = 1  

        ΔTUx = 30 - 27 = 3 

       

                  = 3/1

                  = 3 

(2) कुल उपयोगिता (Total Utility): कुल उपयोगिता किसी वस्तु की सभी इकाइयों के उपयोग करने से प्राप्त होने वाली उपयोगिता का कुल जोड़ है |

कुल उपयोगिता (TU) = Σ MU

कुल उपयोगिता तथा सीमांत उपयोगिता के बीच संबंध -

(i) जैसे ही किसी वस्र्तु की अधिक से अधिक इकाइयों का उपभोग किया जाता है, वैसे-वैसे प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से प्राप्त होने वाली सीमांत उपयोगिता घटती जाती है |

(ii) आरंभ में सीमांत उपयोगिता गिरती है इसलिए कुल उपयोगिता घटती दर पर बढती है |

(iii) जब तक सीमांत उपयोगिता धनात्मक है, कुल उपयोगिता बढती जाती है |

(iv) जब सीमांत उपयोगिता शून्य होती है, कुल उपयोगिता अधिकतम होती है |

(v) जैसे ही सीमांत उपयोगिता ऋणात्मक होती है, कुल उपयोगिता गिरना शुरू हो जाती है | 

ह्रासमान सीमांत उपयोगिता का नियम - ह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार जैसे - जैसे किसी वस्तु की अधिक से अधिक इकाइयों का उपभोग किया जाता है, वैसे वैसे प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से प्राप्त होने वाली सीमांत उपयोगिता घटती जाती है | अतः उस वस्तु को प्राप्त करने की इच्छा में कमी आती जाती है |

            
  वस्तु की             इकाइयाँ   कुल उपयोगिता        (TU) 

 सीमांत उपयोगिता      (MU) 

    0        0        -
    1        8        8
    2       14        6
    3       18        4
    4       20        2
    5       20        0
    6       18       -2

ह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम की मान्यताएँ -

(i) वस्तु की केवल मानक इकाइयों का प्रयोग किया जाता है | जैसे - एक कप चाय ना की एक चम्मच चाय |

(ii) वस्तु का उपभोग निरंतर है | ऐसा नहीं की वस्तु की एक इकाई का उपभोग अब कर लिया एक का कल |

उपभोक्ता संतुलन - उपभोक्ता संतुलन वह स्थति है जिसमे एक उपभोक्ता अपनी सीमित आय को विभिन्न वस्तुओ पर व्यय कर अभिकतम संतुष्टि प्राप्त करता है 
|

उपभोक्ता संतुलन की स्थतियाँ -

(i) एक वस्तु की स्थति में उपभोक्ता संतुलन |

(ii) दो वस्तु की स्थति में उपभोक्ता संतुलन |

 

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