ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement
Advertisement

Chapter-1. परिचय Economics class 11 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 11 Economics Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-1. परिचय Economics class 11 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 March 2026

1. परिचय

Page 2 of 3

सांख्यिकी का परिचय:

सांख्यिकी (Statistics): 

सांख्यिकी (Statistics): ऐसे वक्तव्य (statements) जिनमें संख्या संबंधी तथ्य हो, सांख्यिकी या समंक कहलाता है | 

अर्थात सांख्यिकी संख्यात्मक सूचनाओं का भंडार है | 

परिभाषा: वह विज्ञान जिसमें संख्यात्मक विश्लेषण की विभिन्न विधियों का अध्ययन करते हैं, सांख्यिकी कहा जाता है | 

जैसे - 

  • सांख्यिकी में केवल संख्यात्मक तथ्यों का अध्यनन किया जाता है |
  • इसमें गुणात्मक तथ्यों का अध्ययन नहीं किया जाता है | 
  • सांख्यिकी संख्यात्मक सूचनाओं का भंडार है | 

सांख्यिकी के जन्मदाता: जर्मनी के एक प्रसिद्ध विद्वान गाटफ्रायड ओकेनवाल (Gottfried Achenwall) 1749 में | 

सांख्यिकी को दो प्रकार से परिभाषित किया जाता है |

(1) बहुवचन सांख्यिकी के रूप में : 

(2) एकवचन सांख्यिकी के रूप में :

(1) बहुवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी : बहुवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी से अभिप्राय है अंकों में व्यक्त की गयी सूचनाओं अथवा आँकड़ों से जिनका हम सांख्यिकी के विभिन्न विधियों में प्रयोग करते है | 

बहुवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी की परिभाषा : 

बहुवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी संख्यात्मक  तथ्यों का समूह होता है जिनमें सभी समंकों को संख्या के रूप में प्रकट किया जाता है | 

कोई भी statements जिसमें संख्यात्मक विवरण हो सांख्यिकी नहीं कहा जा सकता, अर्थात सभी संख्यात्मक सूचनाएँ सांख्यिकी नहीं होती है |

सांख्यिकी की विशेषतायें: 

वे सभी संख्यात्मक सूचनाएँ सांख्यिकी हो सकती है जिनमें निम्नलिखित गुण हो |

  • सूचनाएँ तथ्यों के समूह के रूप में हो ताकि तुलनात्मक अध्ययन किया जा सके |
  • सूचनाएँ एक कारण से प्रभावित न होकर अनेक कारणों से प्रभावित होते हो |
  • एक दुसरे से सम्बंधित हो | 
  • संख्यात्मक रूप में व्यक्त हो गुणात्मक रूप में नहीं |  
  • उनका संकलन एक निश्चित उदेश्य से हुआ हो | 
  • सभी सूचनाएँ समान प्रवृति के हो | 
  • अनुसन्धान के उदेश्य, उसकी प्रकृति एवं आकार के आधार पर यें उचित मात्रा में परिशुद्ध हो | 

वे सभी संख्यात्मक सूचनाएँ सांख्यिकी नहीं हो सकती जिनमें निम्नलिखित गुण न हो | 

  • यदि तुलनात्मक अध्ययन संभव नहीं है | 
  • संख्यात्मक समूह में न हो | 
  • एक दुसरे से संबंधित न हो |
  • समान प्रवृति के न हो |
  • अनेक कारणों से प्रभावित न हो |
  • अकेली संख्यात्मक विवरण न हो |  

सांख्यिकी नहीं है :

(i) राम की आयु मोहन की आयु से दुगुनी है | 

(ii) अमेरिका की अर्थव्यस्था भारत की अर्थव्यस्था से आधी है | 

(iii) सचिन बड़ा है और गोपी छोटा है | 

(iv) करीम की उम्र 32 वर्ष है | 

(v) मोहन गरीब है और सोहन अमीर है | 

(vi) हमारे विद्यालय में 40 शिक्षक हैं | 

सांख्यिकी है :

(i) भारत में मृत्यु-दर 15 प्रति हजार है | 

(ii) 2015 में सीबीएसई के परीक्षा में 97 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे हैं | 

(iii) भारत में 65 प्रतिशत आबादी युवा है | 

(iv) मोहन ने रमेश से 25 % अधिक अंक प्राप्त किये | 

(v) ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों का औसत जेब खर्च 250 रुपयें प्रतिमाह है | 

कोई अकेली संख्यात्मक सूचना सांख्यिकी नहीं होती - कोई अकेली संख्यात्मक सूचना सांख्यिकी नहीं होती क्योंकि इसका तुलनात्मक विश्लेषण नहीं किया जा सकता है | और नहीं इन पर कोई प्रकाश डाला जा सकता है | 

(2) एकवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी : एकवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी  का अभिप्राय है सांख्यिकी की उन विधियों से जिनमें हम सांख्यिकी के संख्यात्मक आंकड़ों का संग्रह करना, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण, तथा उनका निर्वचन आदि अध्ययन करते है |  

एकवचन संज्ञा के रूप में सांख्यिकी की परिभाषा : 

वह विधि जो संख्यात्मक आंकड़ों का संकलन, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण एवं निर्वचन का अध्यनन करती एकवचन सांख्यिकी कहते हैं | 

सांख्यिकी अध्ययन की अवस्थाएँ अथवा विधियाँ : 

(A) आँकड़ों का संकलन (Collection of Data) : जब कोई अन्वेषक (Investigator) अपने अध्ययन के लिए आँकड़ों को स्वयं अथवा अन्य प्रकाशित या अप्रकाशित विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त करता है तो इस प्रक्रिया को आँकड़ों का संकलन कहा जाता है | 

(B) आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण (Organisation of Data): जब इन संकलित आँकड़ों को क्रमानुसार व्यवस्थित करते है, वर्गीकरण करते है या संपादन करते है तो इस प्रक्रिया को आँकड़ों का व्यवस्थितिकरण कहा जाता है | 

(C) आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण (Presentation of Data) : इन व्यवस्थित आँकड़ों को जब अन्वेषक के द्वारा सारणियन, आरेखीय प्रस्तुतीकरण या चित्रमय प्रस्तुतीकरण किया जाता है, तो इस प्रक्रिया को आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहाँ जाता है | 

(D) आँकड़ों का विश्लेषण (Analysis of Data) : आँकड़ों को उपयुक्त विधि द्वारा प्रस्तुतीकरण के बाद इनका विश्लेषण अनेक विधियाँ जैसे - माध्य, माध्यक, अपकिरण अथवा सहसंबंध आदि से प्रयोग से किया जाता है, इस प्रक्रिया को आँकड़ों का विश्लेषण कहा जाता है | 

(E) आँकड़ों का निर्वचन (Interpretation of Data): जब कोई अन्वेषक विश्लेषित आँकड़ों के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालता है तो इस प्रक्रिया को आँकड़ों का निर्वचन कहा जाता है | 

सांख्यिकी विज्ञान एवं कला दोनों है : 

सांख्यिकी एक विज्ञान : विज्ञान की भांति ही इसमें पूर्वानुमान लगाये जा सकते हैं, इससे निष्कर्ष निकाला जा सकता है, इसमें शोध (experiment) संभव है तथा इसकी सभी विधियाँ वैज्ञानिक मतों पर आधारित, व्यवस्थित एवं क्रमबद्ध होती है | 

सांख्यिकी विज्ञान के रूप में विशेषताएँ :

(i) इसमें ज्ञान का क्रमबद्ध समूह और अध्ययन हो | 

(ii) इसकी विधियाँ क्रमानुसार हों |

(iii) इसके नियम सार्वभौमिक हों |

(iv) इसमें पूर्वानुमान लगाने की क्षमता हों |

(v) इसमें गतिशीलता का गुण हों | 

(vi) इससे कारण और प्रभाव का सम्बन्ध स्पष्ट हों |

सांख्यिकी एक कला : कला का संबंध कार्य से है, कार्य करने की क्रिया को कला कहते हैं | जिससे हमें कार्य करने का ढंग, कौशल, निपुणता, परिणाम तथा अनुभव प्राप्त होता है | यही कारण है कि सांख्यिकी को कला भी कहा जाता है | 

सांख्यिकी कला के रूप में विशेषताएं :

(i) यह कार्य करने के व्यवस्थित ढंग को सिखाता है | 

(ii) कला लक्ष्य की ओर पहुँचाता है |

(iii) कला से आत्मसंयम एवं अनुभव की प्राप्ति होती है | 

(iv) कला से समस्याओं का समाधान मिलता है | 

(v) कला से कौशल, निपुणता के साथ-साथ परिणाम प्राप्त होते हैं | 

सांख्यिकी के कार्य : 

(i) सांख्यिकी जटिल सूचनाओं को सरल बनाती है | 

(ii) यह जटिल सूचनाओं को विश्लेषण एवं निर्वचन योग्य बनाती है | 

(iii) सांख्यिकी तथ्यों को संख्या के रूप में प्रस्तुत करती है | 

(iv) सांख्यिकी ज्ञान एवं कला दोनों रूपों में कार्य करती है | 

(v) सांख्यिकी विभिन्न मदों के बीच तुलनात्मक अध्ययन कराती है | 

(vi) यह निति निर्धारण एवं पूर्वानुमान में सहायक है | 

सांख्यिकी की सीमाएँ :

(i) सांख्यिकी व्यक्तिगत इकाईयों का अध्ययन नहीं करती है | 

(ii) सांख्यिकीय निष्कर्ष भ्रम पैदा कर देते है |

(iii) सांख्यिकी सिर्फ संख्यात्मक तथ्यों का अध्ययन कराती है | 

(iv) सांख्यिकी नियम केवल औसत पर ही सत्य उतरते हैं |

(v) इसका उपयोग केवल विशेषज्ञों द्वरा ही संभव है | 

(vi) इसका दुरूपयोग संभव है |

 

Page 2 of 3

Class 11, all subjects CBSE Notes in hindi medium, cbse class 11 Economics notes, class 11 Economics notes hindi medium, cbse 11 Economics cbse notes, class 11 Economics revision notes, cbse class 11 Economics study material, ncert class 11 science notes pdf, class 11 science exam preparation, cbse class 11 physics chemistry biology notes

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।