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Chapter-1. परिचय Economics class 11 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 11 Economics Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-1. परिचय Economics class 11 in hindi Medium CBSE Notes
Updated on: 05 March 2026

1. परिचय

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अर्थशास्त्र की परिभाषा

अर्थशास्त्र में सांख्यिकी : 

 

अर्थशास्त्र की परिभाषा: 

अर्थशास्त्र (Economics) : अर्थशास्त्र मानवीय व्यवहार का अध्ययन कराता है जिससे मनुष्य कि आर्थिक क्रियाओं से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को समझने एवं विश्लेषण में लाभदायक होता है |

अर्थशास्त्र की अवधारणा (Concept of Economic) : अर्थशास्त्र एक सामाजिक विज्ञान है, जो मनुष्य के आर्थिक व्यवहार का अध्ययन कराता है |     

उत्पादन इकाइयाँ (Production Units): वे सभी साधन जहाँ से धन उपार्जन किया जाता है उत्पादन इकाइयाँ कहलाती है | जैसे- ऑफिस, दुकान, फैक्ट्री, कृषि आदि |        

अर्थव्यवस्था (Economy): अर्थव्यवस्था आजीविका कमाने का एक महत्वपूर्ण साधन है |सभी उत्पादन इकाइयाँ मिलकर अर्थव्यवस्था का निर्माण करती हैं | 

रोटी, कपड़ा और मकान इन्ही तीन कारकों के लिए मनुष्य अपनी आजीविका कमाता है एवं सभी प्रकार की आर्थिक क्रियाएँ करता है | 

हम अपने दैनिक जीवन में बहुत सी क्रियाएँ करते रहते है जिनमें से कई धन-उपार्जन से उदेश्य से की जाती है तो कई बिना किसी स्वार्थ एवं धन-उपार्जन के उदेश्य के बिना ही की जाती हैं | 

1. आर्थिक क्रियाएँ (Economical Activities):

वे क्रियाएँ जिनसे व्यक्ति धन व संपति प्राप्त कर अपनी इच्छा-पूर्ति कर सकता है अर्थात धन उपार्जन के उद्देश्य से कि गयी सभी क्रियाएँ आर्थिक क्रियाएँ है | 

जैसे - कपडे बेचना, नौकरी करना, मजदूरी करना, व्यवसाय करना आदि | 

संसार के सभी व्यक्ति उपभोक्ता हैं हम अपनी आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए विभिन्न वस्तुओं अथवा सेवाओं का उपभोग करते है | 

उपभोग (consumption) : उपभोग एक क्रिया है जिसके अंतर्गत हम अपनी आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष संतुष्टि के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं के उपयोगिता मूल्य का प्रयोग करते है | 

जैसे - 

वस्तुओं का उपभोग (The consumption of Articles) : भोजन लेना, चाय पीना, दूध पीना, कपडे पहना, जूते पहनना, कार चलाना, पुस्तकें पढ़ना आदि वस्तुओं का उपभोग है | 

सेवाओं का उपभोग (The consumption of services): डॉक्टर से ईलाज करवाना, दरजी से कपडे सिलवाना, मोची से जूते पॉलिश करवाना, शिक्षक से शिक्षा लेना, वकील से केस लड़वाना आदि सेवाओं का उपभोग है | 

  • यदि हम वस्तुओं या सेवाओं का उपभोग नहीं करे तो इन वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन भी नहीं होगा | 
  • यदि कोई समाचार पत्र ही नहीं पढ़े तो अख़बार क्यों छपेंगे ? एक अन्य उदाहरण है लोगों ने ब्लैक एंड व्हाईट टेलीविज़न को देखना बंद कर दिया अर्थात उपभोग बंद कर किया तो इन टेलीविज़नों का उत्पादन लगभग समाप्त हो चूका है | 

उत्पादन (Production) : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा कच्चे माल को उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित कर उपभोग लायक बनाया जाता है ताकि वस्तु की उपयोगिता तथा सेवाओं में वृद्धि की जा सके, उत्पादन कहलाता है | 

जैसे- गेंहु एवं चीनी जैसे कच्चे माल के उपयोग से बिस्कुट बनना एक उत्पादन क्रिया है | मेडिकल कॉलेज द्वारा छात्रों को डॉक्टर बनाना, लॉ कॉलेज द्वारा छात्रों को वकील बनाना आदि सेवा क्षेत्र में उत्पादन के उदाहरण हैं | 

उत्पादक (Manufacture): वह व्यक्ति जो आय अर्जित करने के उदेश्य से वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन करता है, एवं उससे लाभ कमाता है उत्पादक कहलाता है | 

जैसे - किसान, बढाई, लोहार, सुनार, वस्तुएँ बनाने वाली कंपनियाँ, सरकार आदि | कई क्षेत्रों में सरकार भी उत्पादन का कार्य करती है, इसलिए वह भी एक उत्पादक है | 

आय (Income) : हम अपनी सेवाओं या वस्तुओं के बदले कुछ धन प्राप्त करते हैं इसे ही आय कहते हैं |

आय को दैनिक, मासिक अथवा वार्षिक रूप में मापते है |

बचत (Saving): आय का वह भाग जिसका उपभोग नहीं कर पाते है बचत कहलाता है |

व्यय: आय का वह भाग जिसका हम उपभोग करते है व्यय कहलाता है |

निवेश (Investment) : वह प्रक्रिया जिसके द्वारा भविष्य में अधिक से अधिक वस्तुओं का उत्पादन एवं सेवाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से नए परिसम्पतियों (Assets) का निर्माण किया जाता है, निवेश कहलाता है | 

वितरण (Distribution): वितरण एक क्रिया है जिसमें उत्पादन के कारकों जैसे - भूमि, श्रम, पूँजी एवं उद्यम के बीच आय का सही प्रकार से वितरण, ताकि अधिक से अधिक लाभ अर्जित किया जा सके | यह एक अध्ययन का विषय है जिसे वितरण का सिद्धांत कहा जाता है | 

उत्पादन के चार कारक (साधन) हैं एवं जिनके मूल्य निम्नलिखित हैं:

(i) भूमि : भूमि से प्राप्त होता है - किराया |

(ii) श्रम : श्रम से प्राप्त होता है - मजदूरी |

(iii) पूँजी : पूँजी से प्राप्त होता है - ब्याज |

(iv) उद्यम : उद्यम से प्राप्त होता है - लाभ |   

उपभोग, उत्पादन एवं वितरण ये तीन अर्थशास्त्र के मुख्य घटक भी हैं |  

विनिमय (Exchange) : विनिमय एक आर्थिक क्रिया है जिसमें वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद-बिक्री से सम्बंधित है | आजकल विनिमय की क्रिया मुद्रा के द्वारा की जाती है | 

 

2. गैर-आर्थिक क्रियाएँ (Non-Economical Activities) : 

वे सभी क्रियाएँ जो बिना धन-उपार्जन के उदेश्य से की जाती हैं गैर-आर्थिक क्रियाएँ कहलाती हैं | जैसे - 

सामाजिक कार्य, धार्मिक कार्य, मनोरंजन करना, संगीत सुनना, माता-पिता एवं भाई-बहन की सेवा आदि | 

  • सभी गैर-आर्थिक क्रियाएँ प्यार, सहानुभूति, कर्तव्य एवं देशप्रेम के उदेश्य से की जाती है | 

आर्थिक समस्या (Economical Problems): आर्थिक समस्या एक चयन की समस्या है जो यह बतलाते हैं कि हमारी आवश्यकताओं की तुलना में संसाधन दुर्लभ है और इनके वैकल्पिक उपयोग है | 

संसाधनों के दुर्लभ होने के कारण हमें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है | और अर्थशास्त्र इन्ही आर्थिक समस्याओं का हल निकालने का एक विज्ञानं अथवा एक कला है | 

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