1. हमारे आस-पास के पदार्थ Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
1. हमारे आस-पास के पदार्थ अतिरिक्त प्रश्नोत्तर – Complete NCERT Book Solutions for Class 9 Science (Hindi Medium). Get all chapter explanations, extra questions, solved examples and additional practice questions for 1. हमारे आस-पास के पदार्थ अतिरिक्त प्रश्नोत्तर to help you master concepts and score higher.
1. हमारे आस-पास के पदार्थ Science class 9 in Hindi Medium ncert book solutions अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
NCERT Solutions for Class 9 Science play an important role in helping students understand the concepts of the chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ clearly. This chapter includes the topic अतिरिक्त प्रश्नोत्तर, which is essential from both academic and examination point of view. The solutions provided here are prepared strictly according to the latest NCERT syllabus and follow the guidelines of CBSE to ensure accuracy and relevance. Each question is explained in a simple and student-friendly manner so that learners can grasp the concepts without confusion. These NCERT Solutions are useful for regular study, homework help, and exam preparation. All textbook questions are solved step by step to improve problem-solving skills and conceptual clarity. Students of Class 9 studying Science can use these solutions to revise important topics, understand difficult questions, and practise effectively before examinations. The chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ is explained in a structured way, making it easier for students to connect the theory with the topic अतिरिक्त प्रश्नोत्तर. By studying these updated NCERT Solutions for Class 9 Science, students can build a strong foundation, boost their confidence, and score better marks in school and board exams.
1. हमारे आस-पास के पदार्थ
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर:
प्रश्न: विसरण किसे कहते है ?
उत्तर: दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वत: मिलना विसरण कहलाता है |
प्रश्न: गलनांक किसे कहते है ?
उत्तर: वह ताप जिस पर कोई पदार्थ गलना शरू कर देता है, वह ताप उस पदार्थ का गलनांक कहलाता है |
प्रश्न: क्वथनांक किसे कहते है ?
उत्तर: वह ताप जिस पर कोई पदार्थ उबलना शरू कर देता है, वह ताप उस पदार्थ का क्वथनांक कहलाता है |
प्रश्न: शुष्क बर्फ किसे कहते है?
उत्तर: ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते है |
प्रश्न: पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के लिए उत्तरदायी कारक का नाम लिखिए |
उत्तर: पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के लिए उत्तरदायी कारक है |
(1) ताप
(2) दाब
प्रश्न: गुप्त ऊष्मा से आप क्या समझते है ?
उत्तर: अवस्था परिवर्तन के समय स्थिर ताप पर पदार्थ के एंकाक द्रव्यमान को दी गई आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
अथवा
जब कोई पदार्थ एक भौतिक अवस्था (जैसे ठोस) से दूसरी भौतिक अवस्था (जैसे द्रव) में परिवर्तित होता है तो एक नियत ताप पर उसे कुछ उष्मा प्रदान करनी पड़ती है या वह एक नियत ताप पर उष्मा प्रदान करता है।
किसी पदार्थ की गुप्त उष्मा (latent heat), ऊष्मा की वह मात्रा है जो उसके इकाई मात्रा द्वारा अवस्था परिवर्तन' (change of state) के समय अवषोषित की जाती है या मुक्त की जाती है।
प्रश्न: ठोस, द्रव और गैस के गुणधर्म लिखिए |
उत्तर : ठोस के गुणधर्म निम्नलिखित है |
(1) ठोस पदार्थों का निश्चित आकार होता है |
(2) स्पष्ट सीमाएँ तथा स्थिर आयतन होता है |
(3) बाह्य बल लगने पर भी ठोस अपने आकार को बनाये रखता है |
(4) अंतराणुक बल ठोसों में द्रव तथा गैस से अधिक होता है |
द्रव के गुणधर्म निम्नलिखित है |
(1) द्रव का निश्चित आकार नहीं होता है |
(2) इनका आयतन निश्चित होता है |
(3) द्रवों में बहाव होता है और इनका आकार बदलता रहता है |
(4) इनका अंतराणुक बल ठोस से कम होता है |
गैस के गुणधर्म निम्नलिखित है |
(1) ठोसों एवं द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता (compression) काफी अधिक होता है |
(2) इनके कणों के बीच अंतराणुक बल सबसे कम होता है |
(3) गैसों को आसानी से दबाया जा सकता है |
(4) इनका विसरण काफी तीव्रता से होता है |
अतिरिक्त प्रश्न:
Q1. पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है | उदाहरण देकर इसे समझाइए |
उत्तर: जब हम एक बीकर में पानी लेते है और उसमें पोटैशियम परमैगनेट के कुछ कण डाल देते है | कुछ देर बाद हम देखते है कि पोटैशियम परमैगनेट पुरे बीकर में फ़ैल जाता है | अर्थात पोटैशियम परमैगनेट का प्रत्येक कण जल के प्रत्येक कणों के बीच मिल जाता है | जिसेसे यह पता चलता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है |
Q2. कारण बताइए, क्यों गैस उस बर्तन को पूरी तरह भर देती है जिसमें इसको रखते है ?
उत्तर: द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता अधिक होती है जिससे ये जिस बर्तन में डालना होता है तेजी से स्थान लेते हैं और पूरी तरह भर देते है |
Q3. वाष्पीकरण के कारण शीतलता कैसे होती है ?
उत्तर: वाष्पीकरण के दौरान कम हुई ऊर्जा को पुन: प्राप्त करने के लिए द्रवों के कण अपने आस-पास से ऊर्जा अवशोषित कर लेते हैं | इस तरह आस-पास से ऊर्जा अवशोषित होने से आस-पास ठंडक होने लगता है और शीतलता आ जाती है |
Q4. ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ़ क्यों कहते हैं ?
उत्तर: जब वायुमंडलीय दाब का माप 1 एटमोस्फेयर atm हो, तो ठोस (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड द्रव अवस्था में आए बिना सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है | यही कारण है कि ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ़ कहते है |
Q5. उर्ध्वपातन किसे कहते है ?
उत्तर: द्रव अवस्था में परिवर्तन हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस और वापस ठोस में बदलने की प्रक्रिया को उर्ध्वपातन (sublimention) कहते है |
Q6. वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं ?
उत्तर:
(i) सतह क्षेत्र बढ़ने पर : वाष्पीकरण एक सतही प्रक्रिया है और सतही क्षेत्र बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर भी बढ़ जाती है |
(ii) तापमान में वृद्धि : तापमान बढ़ने पर पदार्थ के कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिल जाती है जिससे वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है |
(iii) आर्द्रता में कामी : वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्र जिसे आर्द्रता कहते है, जलवाष्प बढ़ने से आर्द्रता बढ़ेगी और आर्द्रता बढ़ने से वाष्पीकरण की दर घट जाती है |
(iv) वायु की गति में वृद्धि : वायु की गति में वृद्धि होने से जलवाष्प के कण तेजी से वायु के साथ उड़ जाते हैं जिससे आस-पास की जल-वाष्प की मात्रा घट जाती है |
Q7. प्लाज्मा क्या है ?
उत्तर: प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है, नियाँन बल्ब के अन्दर नियाँन गैस और फ्लोरसेंत ट्यूब के अंदर हीलियम या कोई एनी गैस होती है | विद्युत ऊर्जा प्रवाहित होने पर यह गैस आयनीकृत यानी आवेशित हो जाती है | आवेशित होने से ट्यूब या बल्ब के अंदर चमकीला पदार्थ तैयार होता है | जिसे प्लाज्मा कहा जाता है |
Q8. गुप्त ऊष्मा किसे कहते है ?
उत्तर: गलने की प्रक्रिया के दौरान गलनांक पर पहुँचने के बाद जब तक कोई पदार्थ पूरी तरह गल नहीं जाता, तापमान नहीं बदलता है | चाहे उसमें और भी ऊष्मा दे दी जाए | पदार्थ के कणों के आकर्षण बल को बदलने के लिए ताकि अवस्था में परिवर्तन हो सके तापमान में बिना कोई वृद्धि दर्शाए पदार्थ उस अतिरिक्त ऊष्मा को अवशोषित कर लेता है | यह ऊष्मा पदार्थ में छुपी रहती है, जिसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं |
Q9. संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा किसे कहते हैं ?
उत्तर: वायुमंडलीय दाब पर 1 kg ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा कहते है |
Q10. वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर: वायुमंडलीय दाब पर 1kg द्रव को उसके क्वथनांक पर गैसीय अवस्था में परिवर्तन करने हेतु जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे वाष्पीकरण की प्रसुप्त ऊष्मा कहते है |
Q11. संघनन क्या है ?
उत्तर: वह प्रक्रिया जिसमें गैस संघनित होकर (ठंडा) द्रव में परिवर्तित हो जाता है संघनन कहलाता है |
Q12. 100 ०C तापमान पर भाप अर्थात वाष्प के कणों में उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊर्जा होती है | क्यों ?
उत्तर: ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि भाप के कणों ने वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा के रूप में अतिरिक्त ऊष्मा अवशोषित कर लेता है जिससे वह उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊष्मा होती है |
Q13. गलनांक एवं क्वथनांक ने क्या अंतर है ?
उत्तर:
| गलनांक | क्वथनांक |
|
1. वह तापमान जिस पर कोई ठोस पिघलने लगता है | 2. ठोसों का गलनांक होता है | |
1. वह तापमान जिस पर कोई द्रव उबलने लगता है | 2. द्रवों का क्वथनांक होता है | |
Q14. तीन उर्ध्वपतित होने वाले पदार्थ का नाम बताइए |
उत्तर:
(i) कपूर (ii) नेप्थेलिन (नौसादर) (iii) अमोनियम क्लोराइड
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
1. अध्याय -समीक्षा 2. पाठगत प्रश्न 3. अभ्यास 4. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर
Welcome to ATP Education
ATP Education