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Chapter-Chapter 1. ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ History Part-1 class 12 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 12 History Part-1 Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 1. ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ History Part-1 class 12 in hindi Medium CBSE Notes

Chapter 1. ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ

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Examination Based Important Questions with Answers

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर — ईंटें, मनके और अस्थियाँ

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Questions)

प्रश्न 1: हड़प्पा सभ्यता का प्रथम खोज स्थल कौन-सा था?

उत्तर: हड़प्पा (1921, पंजाब)।

प्रश्न 2: मोहनजोदड़ो कहाँ स्थित है और इसकी खोज कब हुई?

उत्तर: सिंध (पाकिस्तान) में स्थित, खोज 1922 में हुई।

प्रश्न 3: हड़प्पावासी मुख्य रूप से कौन-कौन सी फसलें उगाते थे?

उत्तर: गेहूँ, जौ, कपास, तिल और चावल।

प्रश्न 4: हड़प्पा सभ्यता की लिपि कैसी थी?

उत्तर: चित्रलिपि (Pictographic), जो अब तक अपठनीय है।

प्रश्न 5: हड़प्पावासी किस वृक्ष की पूजा करते थे?

उत्तर: पीपल वृक्ष।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Questions)

प्रश्न 1: हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:

  • सड़कें ग्रिड प्रणाली पर बनी हुई थीं।
  • नगर दो भागों में विभाजित — गढ़ीला भाग (Citadel) और निचला भाग।
  • पक्की ईंटों से निर्मित मकान।
  • उन्नत जल निकासी प्रणाली।
  • सार्वजनिक भवन जैसे अन्नागार और स्नानागार।

 

प्रश्न 2: हड़प्पा सभ्यता की धार्मिक मान्यताओं पर प्रकाश डालिए।

उत्तर:

  • मातृ देवी की पूजा।
  • पशुपति महादेव (Proto-Shiva) की मूर्तियाँ।
  • पीपल वृक्ष और पशु पूजा।
  • कालीबंगन से अग्नि वेदी की खोज।

 

प्रश्न 3: हड़प्पा सभ्यता के पतन के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:

  • जलवायु परिवर्तन और सूखा।
  • नदियों का मार्ग बदलना।
  • बाढ़ या भूकंप।
  • पारिस्थितिक असंतुलन।
  • कुछ इतिहासकारों के अनुसार आर्य आक्रमण।

प्रश्न 4: कर्निन्घम का भ्रम क्या था ? उसके भ्रम का क्या कारण था ? उसका भ्रम कैसे टूटा ? 

उत्तर: 

कर्निन्घम का भ्रम (Cunningham’s Misconception):

  • अलेक्ज़ेंडर कर्निन्घम (Alexander Cunningham) भारत के पहले पुरातत्व सर्वेक्षक (Archaeological Survey of India – ASI) थे।

  • 19वीं शताब्दी में उन्होंने कई स्थलों की खुदाई करवाई।

  • जब उन्हें हड़प्पा स्थल से मुहरें (seals) मिलीं, जिन पर अजीब-सी आकृतियाँ और लिखावट थी, तो उन्होंने मान लिया कि ये 1000 ई.पू. के आसपास की "शक" (Saka) युग या फिर गुप्तकालीन अवशेष हैं।

  • उनका यह मानना इस वजह से था कि उन्हें इन स्थलों का असली प्राचीन महत्व (2600–1900 BCE) समझ में नहीं आया।

👉 भ्रम का कारण: उस समय कोई भी यह सोच ही नहीं पाया था कि भारत में मेसोपोटामिया जैसी एक प्राचीन नगरीय सभ्यता भी रही होगी।

👉 बाद में 1920 के दशक में आर.डी. बनर्जी और दयाराम साहनी की खुदाई से यह साबित हुआ कि ये स्थल हड़प्पा सभ्यता के थे, जो कर्निन्घम की सोच से कहीं अधिक प्राचीन निकले।

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