Chapter-Chapter 6. ग्रामीण विकास Economics-II class 12 in hindi Medium CBSE Notes
CBSE Class 12 Economics-II Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.
Chapter 6. ग्रामीण विकास
ग्रामीण बैंकिंग के दोष
ग्रामीण बैंकिंग के दोष :
(i) बैंकिंग साख या संस्थागत साख को गिरवी रखे जाने वाली वस्तु से जोड़ा गया |
(ii) किसानों से ऋण वसूली के प्रति सरकार का रुख नरम रहा है जिसके कारण बैंकों को नुकसान उठाना पड़ा है और बड़ी मात्रा में ऋण राशि किसानों से लेना अभी बाकि है |
(iii) व्यावसायिक बैंकों के अलावा अनेक वितीय संस्थाएँ किसान परिवारों में मितव्ययिता की संस्कृति को विकसित नहीं कर पाए हैं |
(iv) ऋण लेने वालों में ऋण न चुकाने वालों की संख्या दर में बेतहासा वृद्धि हुई है |
(v) ग्रामीण बैंक वास्तविक साख मुहैया कराने के बजाय राजनितिक लोकप्रियता प्राप्त करने के साधन बन गए हैं |
कृषि विपणन (Agriculture Marketing) :
फसल उत्पादन, संग्रहण, कोटि के अनुसार वर्गीकरण, पैकेजिंग, भण्डारण और बिक्री तक सभी प्रक्रियाएँ सम्मिलित रूप से कृषि विपणन कहलाती है |
कृषि विपणन की प्रक्रियाएँ :
(i) फसल कटाई के बाद खाद्यान्न इक्कठा करना :
(ii) उत्पादन का प्रसंस्करण करना
(iii) उनके गुण के अनुसार वर्गीकरण करना
(iv) खरीदारों के पसंद के अनुसार उत्पाद का पैकेजिंग करना
(v) भविष्य में बिक्री के उदेश्य से भंडारण करना
(vi) लाभप्रद कीमत पर बिक्री करना
आपात बिक्री (Distress Sale) : कभी कभी किसानों को साहूकारों के ऋण वसूली के कारण किसानों को अपने ऋण से मुक्ति पाने के प्रयास में, उन्हें अपने फसल उत्पाद को कुसमय ही आपात बिक्री करनी पड़ती है ऐसी स्थिति को आपात बिक्री कहते हैं |
कृषि विपणन को सुधारने के लिए सरकार द्वारा किया गया प्रयास :
(i) नियमित मंडियों का विकास
(ii) सहकारी कृषि विपणन समितियों का गठन
(iii) कृषि क्षेत्रों में भण्डारणगृह सुविधाओं का प्रावधान
(iv) रियायती यातायात के अंतर्गत रेल और अन्य साधनों द्वारा किसानों को रियायती सुविधा प्रदान करना
(v) सुचना प्रसार के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मिडिया के द्वारा किसानों को कृषि संबंधी सूचनाएँ उपलब्ध करवाना |
(v) सरकार द्वारा किसानों के फसलों का न्यूनतम समर्थित मूल्य घोषित करना
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