ATP Logo Welcome to ATP Education
Advertisement
Advertisement

Chapter-Chapter 1. स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था Economics-II class 12 in hindi Medium CBSE Notes

CBSE Class 12 Economics-II Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.

Chapter-Chapter 1. स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था Economics-II class 12 in hindi Medium CBSE Notes

Chapter 1. स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था

Page 2 of 4

जनांकिकीय परिस्थिति

जनांकिकीय परिस्थिति: 


जनांकिकीय संक्रमण के प्रथम और द्वितीय सोपान का विभाजन वर्ष: वर्ष 1921 को जनांकिकीय संक्रमण के प्रथम और द्वितीय सोपान का विभाजन वर्ष माना जाता है | 

जनांकिकीय स्थिति का संख्यात्मक चित्रण: 

साक्षरता दर : साक्षरता दर 16 प्रतिशत से भी कम थी | जिसमें महिला साक्षरता दर नगण्य केवल 7 प्रतिशत आंकी गयी थी | 

मृत्यु दर : सकल मृत्यु दर काफी ऊँची थी | शिशु मृत्यु दर अधिक चौंकाने वाला था | उस समय 218 प्रति हजार थी | आज यह 63 प्रति हजार हो गई है | उच्च शिशु मृत्यु दर निर्धनता को दर्शाता है | 

जीवन प्रत्याशा स्तर : उस समय केवल 32 वर्ष थी जबकि आज यह 63 वर्ष पर पहुँच गई है | 

व्यावसायिक संरचना: 

(A) कृषि: कृषि सबसे बड़ा व्यवसाय था, जिसमें 70-75 प्रतिशत जनसंख्या लगी थी। उसी अवधि में पंजाब, राजस्थान और उड़ीसा के क्षेत्रों में कृषि में लगे श्रमिकों के अनुपात में वृद्धि आँकी गई | 

(B) विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रक: विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रकों में क्रमशः 10 प्रतिशत तथा 15-20 प्रतिशत जन-समुदाय को रोजगार मिल पा रहा था। विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रकों का महत्त्व तदनुरूप बढ़ रहा था। 

आधारित संरचना की स्थिति:

(i) औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत देश में रेलों, सड़क व जल परिवहन का विकास किया गया | 

(ii) सड़कों तथा रेलों के विकास के साथ-साथ औपनिवेशिक व्यवस्था ने आंतरिक व्यापार तथा
समुद्री जलमार्गों के विकास पर भी ध्यान दिया।

(iii) बंदरगाहों का बड़े स्तर पर निर्माण हुआ | 

(iv) डाक-तार आदि का विकास हुआ |

भारत में ब्रिटिश शासन के कुछ सकारात्मक योगदान: 

(i) आधारित संरचना का विकास जैसे यातायात सुविधाएँ, विशेष कर रेलों के रूप में किया गया |

(ii) बंदरगाहों का विकास

(iii) डाक तथा टेलीग्राफ सेवाओं का प्रावधान

(iv) ब्रिटिश सरकार ने एक सशक्त एवं कुशल प्रशास्नात्मक ढाँचे की विरासत छोड़ी |

 

Page 2 of 4

Quick Access: | NCERT Solutions |

Quick Access: | CBSE Notes |

Quick link for study materials

×

Search ATP Education

क्या आप इस वेबसाइट पर कुछ खोज रहे हैं? अपना keyword लिखें और हम आपको सीधे आपके target page तक GOOGLE SEARCH के द्वारा पहुँचा देंगे।