Chapter-12. विद्युत Science class 10 in hindi Medium CBSE Notes
CBSE Class 10 Science Notes in Hindi Medium based on latest NCERT syllabus, covering definitions, diagrams, formulas, and exam-oriented explanations.
12. विद्युत
बिभावंतर (Potential Difference)
बिभावंतर (Potential Difference):
इलेक्ट्रोंस तभी गति करते हैं जब किसी परिपथ या चालक के दोनों सिरों के बीच वैद्युत दाब के अंतर हो, वैद्युत दाब में इस अंतर को विभवान्तर कहते हैं |
- इस विभवान्तर को बैटरी, एक या एक से अधिक सेलों को जोड़कर अथवा डायनेमो द्वारा उत्पन्न किया जाता है |
- किसी सेल के भीतर होने वाली रासायनिक अभिक्रिया सेल के टर्मिनलों के बीच विभवांतर उत्पन्न कर देती है, ऐसा उस समय भी होता है जब सेल से कोई विद्युत धारा नहीं ली जाती।
- जब सेल को किसी चालक परिपथ अवयव से संयोजित करते हैं तो विभवांतर उस चालक के आवेशों में गति ला देता है और विद्युत धारा उत्पन्न हो जाती है। किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा बनाए रखने के लिए सेल अपनी संचित रासायनिक ऊर्जा खर्च करता है।
Potential difference between two points:
किसी धारावाही विद्युत परिपथ के दो बिन्दुओं के बीच विद्युत विभवांतर को हम उस कार्य द्वारा परिभाषित करते हैं जो एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने
में किया जाता है।

अथवा

- विद्युत विभवांतर का SI मात्राक वोल्ट (V) है जिसे इटली के भौतिकविज्ञानी
अलेसान्द्रो वोल्टा के नाम पर रखा गया है।
वोल्टमीटर (Voltmeter):
वोल्टमीटर एक यन्त्र है जिससे किसी चालक के दो सिरों के बीच उत्पन्न विभवान्तर को मापा जाता है |
परिभाषा : विभवांतर की माप एक यंत्रा द्वारा की जाती है जिसे वोल्टमीटर कहते हैं।
1 वोल्ट विभवान्तर (One volt potential difference):
यदि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिन्दुओं के बीच एक कूलॉम आवेश को एक दूसरे बिंदु तक ले जाने में 1 जूल कार्य किया जाता है तो उन दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर 1 वोल्ट होता है।


वोल्टमीटर का संयोजन (Connection of voltmeter):
वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से पार्श्वक्रम या समांतर क्रम में संयोजित करते हैं जिनके बीच विभवांतर मापना होता है।

ऊपर दिए आकृति में जो की एक विद्युत परिपथ है में प्रतिरोधक R2 के दोनों सिरों के बीच उत्पन्न विभवान्तर मापना है तो इसके दो सिरों पर वोल्टमीटर को पार्श्व क्रम या समांतर क्रम में संयोजित कर देंगे | जैसा आकृति में दिखाया गया है, इस प्रकार के संयोजन को पार्श्व क्रम या समान्तर क्रम कहते हैं |
सेल या बैटरी (Cells Or Battery): यह एक युक्ति है जो किसी चालक के दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर को बनाये रखने में सहायता करता है |
सेल (Cell): सेल एक युक्ति है जो अपने अन्दर संचित रासायनिक ऊर्जा का उपयोग कर किसी चालक के दो सिरों के बीच विभवान्तर उत्पन्न करता है, जिससे आवेशों के गति आती है और विद्युत धारा उत्पन्न करता है |

सेल का सांकेतिक चिन्ह
बैटरी (Battry): दो या दो से अधिक सेलों के संयोजन से बने युक्ति को बैटरी कहते है |

बैटरी का सांकेतिक चिन्ह
विद्युत प्रभावन बल - Electromotive force (EMF): यह सेल या बैटरी द्वारा लगाया गया वह बल है जो किसी चालक से विद्युत धारा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है |
इस पाठ के अन्य दुसरे विषय भी देखे :
2. बिभावंतर (Potential Difference)
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