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CBSE And NCERT Solutions:

NCERT Books Solutions for Class 8 Science hindi Medium 1. फसल उत्पादन एवं प्रबन्ध

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NCERT SolutionsClass 8th Science Chapter 1. फसल उत्पादन एवं प्रबन्ध
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1. फसल उत्पादन एवं प्रबन्ध

 

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

 

अभ्यास 1. फसल उत्पादन एवं प्रबंधन 


अतिरिक्त एवं महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :

प्रश्न: फसल किसे कहते है ?

उत्तर: जब एक ही किस्म के पौधे किसी स्थान पर बड़े पैमाने पर उगाये जाते है, तो इसे फसल कहते हैं | उदहारण के लिए, गेंहूँ की फसल का अर्थ है कि खेत में उगाये जाने वाले सभी पौधें गेंहूँ के हैं |

प्रश्न: किसानो द्वारा उपयोग में लाये जाने वाली कृषि पध्दतियाँ कौन कौन सी है ?

उत्तर: किसानो द्वारा उपयोग में लाये जाने वाली कृषि पध्दतियाँ निम्न है |

  1. मिट्टी तैयार करना |
  2. बुआई |
  3. खाद एवं उर्वरक देना |
  4. सिंचाई |
  5. खरपतवार से सुरक्षा |
  6. कटाई |
  7. भण्डारण |

प्रश्न: जुताई किसे कहते है ?

उत्तर: मिट्टी को उलटने – पलटने एवं पोला करने की प्रक्रिया को जुताई कहते है |

प्रश्न: खाद एवं उर्वरक क्या है ?

उत्तर: वे पदार्थ जिन्हें मिट्टी में पोषक स्तर बनाये रखने के लिए मिलाया जाता है ,उन्हें खाद एवं उर्वरक कहते है |

प्रश्न: सीड –ड्रिल क्या है ? इसके उपयोग के क्या फायदे है ?

उत्तर: यह उपकरण बुआई के लिए ट्रैक्टर में उपयोग किया जाता है | इसके उपयोग के निम्न फायदे है |

  1. इसके द्वारा बीजों में समान दूरी एवं गहराई बनी रहती है |
  2. बुआई के बाद बीज मिट्टी द्वारा ढक जाये |
  3. इसके उपयोग से श्रम और समय की बचत होती है |

प्रश्न: जैविक खाद बनाने के लिए अपशिष्टों का अपघटन किसके द्वारा होता है ?

उत्तर: सूक्ष्म जीवों के द्वारा होता है |

प्रश्न: खेतो में लगातार फसल उगाने के क्या हानियाँ है ?

उत्तर: खेतो में लगातार फसल उगाने से खेतो में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है |

प्रश्न: तीन उर्वरकों के नाम लिखों ?

उत्तर: यूरिया, अमोनियम सल्फेट, पोटाश आदि |

प्रश्न: खाद और उर्वरक में क्या अन्तर है ?

उत्तर: खाद और उर्वरक में निम्न अन्तर है |

                            खाद

                             उर्वरक

  1. यह एक जैविक पदार्थ है |
  2. यह अपशिष्टों को मिट्टी में दबाकर बनाया जाता है |
  3. इसमे सभी प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते है |
  1. यह एक रसायनिक पदार्थ है |
  2. यह फैक्ट्रीयों में बनता है |
  3. इसमे विशेष प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते है |

प्रश्न: मिट्टी में रहने वाले केंचुए एवं सूक्ष्म जीव किसानो के मित्र है कैसे ?

उत्तर: क्योंकि ये मिट्टी को पलटकर पोला करते है तथा ह्यूमस बनाते है तथा रसायनिक प्रक्रिया द्वारा मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ा देते है |

प्रश्न: कल्टीवेटर किसे कहते है ?

उत्तर: आजकल जुताई ट्रैक्टर द्वारा संचालित कल्टीवेटर के द्वारा की जाती है | कल्टीवेटर के उपयोग से श्रम और समय की बचत होती है |

प्रश्न: फसल चक्रण क्या है ?

उत्तर: फसलों को अदल-बदल कर बोना फसल चक्रण कहलाता है |

प्रश्न: उस जीवाणु का नाम बताईये जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थितिकरण करते है ?

उत्तर: राइजोबियम जीवाणु |

प्रश्न: सिंचाई के पारम्परिक तरीके कौन-कौन से है ?

उत्तर:

(1) मोट

(2) चेन पम्प

(3) ढेकली और

(4) रहट 

प्रश्न: खाद के लाभ लिखिए |

उत्तर: खाद के लाभ :

  1. इससे मिट्टी की जल धारण की क्षमता में वृद्धि होती है |
  2. इससे मिट्टी भुरभुरी एवं सरंध्र हो जाती है |
  3. इससे मित्र जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाती है |
  4. जैविक खाद से मिट्टी का गठन सुधर जाता है |

प्रश्न: सिंचाई के मुख्य स्रोतों के नाम बताईये ?

उत्तर: कुएँ, जलकूप, तालाब/झील, नदियाँ, बांध और नहर आदि |

प्रश्न: सिंचाई के आधुनिक तरीके कौन-कौन से है ?

उत्तर: सिंचाई के आधुनिक तरीके निम्न है |

  1. छिडकाव तंत्र – इस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिए किया जाता है  जहाँ पर जल काम मात्र में उपलब्ध है |
  2. ड्रिप तंत्र – इस विधि में जल बून्द-बून्द कर गिरता है | अतः इसे ड्रिप तंत्र कहते है |

प्रश्न:  मिट्टी में पोषक तत्व की कमी हो जाती है कैसे ?

उत्तर: जब हम एक ही जमीन पर बार-बार पौधे उगाते है तो ये पौधे मिट्टी में से पोषक तत्वों को सोंख लेते है और मिट्टी में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है |

प्रश्न: उर्वरक किसे कहते है ? किन्ही दो उर्वरकों के नाम लिखो |

उत्तर: मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाने वाले तत्वों को उर्वरक कहते है | जैसे – यूरिया एवं फॉस्फेट |

प्रश्न: खरपतवार किसे कहते है ?

उत्तर: फसलों में पौधों के साथ कुछ अनचाहे पौधें भी उग आते है | इन पौधों को हम खरपतवार कहते है |

प्रश्न: पीडकनाशी किसे कहते है ?

उत्तर: फसल या फसल उत्पादों को हानि पहुँचाने वाले जीवों को मारने वाली रासायनिक दवाओं को पीडकनाशी कहते है | 

प्रश्न: खरपतवारों को हम किन विधियों से नष्ट कर सकते है ?

उत्तर: खरपतवारों को हम निम्न दो विधियों से नष्ट कर सकते है |

  1. निराई के द्वारा
  2. पीडक-नाशी के उपयोग से

प्रश्न: किसी खेत में एक ही फसल को बार बार बोने से क्या हानियाँ हो सकती है ?

उत्तर: किसी खेत में एक ही फसल को बार बार बोने से एक ही प्रकार के पोषक तत्व की कमी हो सकती है |

प्रश्न: वह कौन-सा जीवाणु है जो मिट्टी की उर्वरता को बढाता है ?

                                  या

 दालों की फसलों की जड़ों में कौन-सा जीवाणु पाया जाता है ?

उत्तर: राइजोबियम नामक जीवाणु |

प्रश्न: हरित क्रांति से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर: कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है इसे ही हरित क्रांति कहते है |

प्रश्न: दो पीडकनाशी रसायनों का नाम लिखो ?

उत्तर: 2 और 4-D

प्रश्न: हार्वेस्टर किसे कहते है ?

उत्तर: वह मशीन जिससे फसलों की कटाई की जाती है उसे हार्वेस्टर कहते है |

प्रश्न: थ्रेशिंग किसे कहते है ?

उत्तर: काटी गई फसलों से बीजों/दानों को भूसे से अलग करने की विधि को थ्रेशिंग कहते है |

प्रश्न: कॉम्बाइन मशीन किसे कहते है ?

उत्तर: वह मशीन जो हार्वेस्टर तथा थ्रेशर दोनों का कार्य करता है कॉम्बाइन मशीन कहलाता है |

प्रश्न: खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है ? व्याख्या कीजिये |

उत्तर: खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है कई बार एक ही किस्म के पौधे उगाने से एक विशेष प्रकार के पोषक तत्वों की कमी हो जाती है | इस समस्या को फसल चक्रण या खेत को कुछ समय के लिए खाली छोड़ कर हल किया जा सकता है|

प्रश्न: पीडकनाशियों के उपयोग से होने वाले लाभ और हानियों का वर्णन कीजिये |

उत्तर: पीडकनाशियों के उपयोग से होने वाले लाभ और हानियां निम्नलिखित है :

लाभ :

  1. पीडकनाशियों के उपयोग से पौधे को हानि पहुँचाने वाले जीव नष्ट हो जाते है , परन्तु पौधों को कोई हानि नहीं पहुँचती है |
  2. पौधे रोग मुक्त रहते है तथा फसल उत्पादन अधिक होता है |

हानियाँ :

  1. पीडकनाशियों के उपयोग से कुछ लाभदायक कीटों व सूक्ष्म जीवों को भी नष्ट कर देता है |
  2. जलीय जीवों व पौधों में धीरे-धीरे इनका सांद्रण होने लगता है, क्योंकि रसायन सूक्ष्मजीवों के द्वारा अपघटित न होने के कारण लम्बे समय तक मिट्टी तथा जल आदि में बने रहते है | फिर खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करके सभी जीवों के साथ साथ मनुष्यों में भी रोग उत्पन्न करते हैं |
  3. यह जल स्रोतों में मिलकर जल प्रदुषण का कारण बनते है |
  4. पीडकनाशियों के उपयोग से अनुवांशिक रोग उत्पन्न होते है |

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Roshan Class X says:

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Shadab Khan Class X says:

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Shivam Bajpai All Class says:

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"10th science ka Lesson-8 ka page no.5 kab take under construction rahega please improve it."

Rishabh Gupta Class XI says:

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Rishabh Gupta Class XI says:

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"Please update all the syllabus of class 8"

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